संबंधित पाठ्यक्रम
संबंधित पाठ्यक्रम-2: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
संदर्भ: हाल ही में, क्यूएस क्वाक्वेरेली सायमंड्स (QS Quacquarelli Symonds) द्वारा QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 जारी की गई है । इस रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) वैश्विक स्तर पर 118वें स्थान के साथ भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बनकर उभरा है।
मुख्य निष्कर्ष
वैश्विक परिदृश्य

इस रैंकिंग में 106 देशों और क्षेत्रों के 1,500 से अधिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया।
• मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) लगातार 15वें वर्ष भी वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर बना हुआ है।
• वैश्विक स्तर पर शीर्ष 5 विश्वविद्यालय निम्नलिखित हैं:
1. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूएसए)
2. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए (संयुक्त रूप से दूसरा स्थान)
3. इंपीरियल कॉलेज लंदन, यूके (संयुक्त रूप से दूसरा स्थान)
4. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, यूके
5. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए
भारत-विशिष्ट निष्कर्ष:
• भारत के 52 विश्वविद्यालय इस रैंकिंग में शामिल हैं, जिससे यह अमेरिका, यूके, चीन और जर्मनी के बाद वैश्विक स्तर पर 5वीं सबसे बड़ी उच्च शिक्षा प्रणाली बन गई है।
• वर्ष 2017 में 14 भारतीय संस्थानों की तुलना में, 2027 में यह संख्या बढ़कर 52 हो गई है, जो 271% की वृद्धि है। यह G20 देशों में सबसे तीव्र आनुपातिक वृद्धि है।
• 18 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की है, जिसमें 13 गैर-IIT संस्थान भी शामिल हैं।
• भारत के पास अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शोध आउटपुट आधार है।
• भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) इस रैंकिंग में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला संस्थान है।
- संस्थान ने लगातार दूसरे वर्ष भारत के सर्वोच्च रैंक वाले विश्वविद्यालय के रूप में अपना स्थान बनाए रखा है।
• IIT दिल्ली वैश्विक स्तर पर 123वें स्थान से 118वें स्थान पर आ गया है, जो किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सर्वोच्च रैंकिंग के समान है।
- संस्थान ने चार वर्षों में 79 स्थानों की लंबी दूरी तय की है (QS 2024 में 197वीं रैंक से बढ़कर QS 2027 में 118वीं रैंक तक)।
- नियोक्ता प्रतिष्ठा मानक में सुधार करते हुए संस्थान अब वैश्विक स्तर पर 39वें स्थान पर है।
- रोजगार परिणामों के मामले में संस्थान की रैंकिंग में 60 स्थान का सुधार हुआ है।
- प्रति संकाय उद्धरण में अब यह वैश्विक स्तर पर 60वें स्थान पर है।

• भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में प्रमुख सुधार:
- वीआईटी वैश्विक स्तर पर 94 स्थान की बढ़त के 597वें स्थान पर पहुंच गया है।
- बिट्स पिलानी 93 स्थान की बढ़त के साथ 575वें स्थान पर है।
- जामिया मिल्लिया इस्लामिया 75 से अधिक स्थानों की बढ़त के साथ 686वें स्थान पर आ गया है।
• शोध और रोजगार प्रदर्शन:
- भारत के 11 विश्वविद्यालय ‘प्रति संकाय उद्धरण’ (Citations per Faculty) में वैश्विक शीर्ष 100 में शामिल हैं।
- भारत के 6 विश्वविद्यालय ‘नियोक्ता प्रतिष्ठा’ (Employer Reputation) में वैश्विक शीर्ष 100 में शामिल हैं।
- आईआईटी बॉम्बे ‘नियोक्ता प्रतिष्ठा’ में वैश्विक स्तर पर 32वें स्थान पर है (भारत में सर्वश्रेष्ठ)।
- आईआईएससी (IISc) बेंगलुरु ‘प्रति संकाय उद्धरण’ में वैश्विक स्तर पर 21वें स्थान पर है।
• प्रमुख चुनौतियां: भारतीय संस्थान अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात, अंतरराष्ट्रीय संकाय अनुपात, वैश्विक शैक्षणिक जुड़ाव और संकाय-छात्र अनुपात में पिछड़ रहे हैं।
- वर्तमान में कोई भी भारतीय संस्थान ‘शैक्षणिक प्रतिष्ठा’ के मामले में वैश्विक शीर्ष 100 में शामिल नहीं है।
महत्व
• यह उच्च शिक्षा संस्थानों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
• यह शिक्षण, अनुसंधान, रोजगार क्षमता और अंतर्राष्ट्रीयकरण के क्षेत्रों में संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।
• यह दुनिया भर के छात्रों, विश्वविद्यालयों और नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है।
• यह ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक दृष्टिकोण के तहत भारत के एक प्रमुख वैश्विक ज्ञान और अनुसंधान केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करता है।
