संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
सामान्य अध्ययन -3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव।
संदर्भ: हाल ही में, तिरुवनंतपुरम में स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-NIIST) के वैज्ञानिकों ने टाइप 2 मधुमेह के लिए ‘डिजाइनर राइस’ विकसित किया है, जो एक उच्च-प्रोटीन और निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाला अनाज है।
अन्य संबंधित जानकारी:
- दावा किया गया है कि इस चावल में सामान्य अनाज की तुलना में तीन गुना प्रोटीन है, साथ ही यह निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स बनाए रखता है, जो मधुमेह प्रबंधन में सहायता करता है।
- इस तकनीक को व्यवसायीकरण के लिए टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को भी हस्तांतरित कर दिया गया है, जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक उपयोग के लिए इसकी क्षमता को दर्शाता है।
डिजाइनर राइसके बारे में
- ‘डिजाइनर राइस’ का तात्पर्य उस चावल से है जिसे इसके पोषण संबंधी संरचना में सुधार करने के लिए खाद्य-प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी का उपयोग करके वैज्ञानिक रूप से परिवर्तित किया गया है।
- यह कोई साधारण सतही सुदृढ़ीकरण (surface fortification) नहीं है, बल्कि “अनाज की मौलिक पुनर्रचना” है, जहाँ इसकी आंतरिक संरचना को फिर से डिजाइन किया जाता है।
- इस प्रक्रिया में चावल को स्टार्च, प्रोटीन और फाइबर में तोडा किया जाता है, और फिर उन्हें नियंत्रित तरीके से पुनर्गठित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अंतिम उत्पाद का स्वाद, रूप और पकाने के गुण पारंपरिक चावल के समान ही रहें।
- प्रौद्योगिकी और उत्पादन प्रक्रिया
- इस नवाचार में टूटे हुए चावल का उपयोग किया जाता है, जो सामान्यतः कम मूल्य का उपोत्पाद होता है। इसे पीसकर आटा बनाया जाता है, फिर इसमें प्रोटीन और आयरन, फोलिक एसिड तथा विटामिन B12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाया जाता है, और फिर इसे चावल जैसे दानों के रूप में पुनर्गठित किया जाता है।
- यह दृष्टिकोण न केवल पोषण में सुधार करता है बल्कि कृषि अपशिष्ट के मूल्य को भी बढ़ाता है, जिससे यह आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
- डिजाइनर राइस के मुख्य पोषण गुण
- निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI < 55) – बेहतर रक्त शर्करा प्रबंधन और चयापचय नियमन में सहायक।
- >20% प्रोटीन सामग्री – पारंपरिक पॉलिश किए गए चावल की तुलना में पर्याप्त रूप से उच्च प्रोटीन स्तर।
- बेहतर आहार फाइबर (Dietary fibre) – पाचन स्वास्थ्य और लंबे समय तक तृप्ति (पेट भरे होने का अहसास) बनाए रखने में योगदान देता है।
- सूक्ष्म पोषक तत्व संवर्धन – आहार संबंधी कमियों को दूर करने के लिए इसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 मिले होते हैं।
- लाभ:
- व्यापक रूप से उपभोग किए जाने वाले मुख्य भोजन में उन्नत पोषण संबंधी गुणवत्ता
- चयापचय स्वास्थ्य में सहायक बेहतर ग्लाइसेमिक नियंत्रण
- सूक्ष्म पोषक तत्वों के विकार में कमी
- पारंपरिक आहार ढांचे के भीतर ही आवश्यक विटामिन और खनिजों की उपलब्धता
- तृप्ति और अनुकूल संवेदी स्वीकार्यता
- बड़े पैमाने पर खाद्य प्रणालियों के लिए उपयुक्त स्केलेबल एक्सट्रूज़न-आधारित उत्पादन
- रेगुलर (सामान्य) राइस और डिजाइनर राइस में अंतर
- सामान्य सफेद चावल में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होते हैं और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) उच्च होता है, जिससे रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से वृद्धि होती है।
- इसके विपरीत, ‘डिजाइनर राइस’ में उच्च प्रोटीन सामग्री और निम्न GI होता है, जो इसे पोषण की दृष्टि से अधिक संतुलित बनाता है और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने तथा तृप्ति बढ़ाने में सहायक होता है।
- लक्षित लाभार्थी
- ‘डिजाइनर राइस’ विशेष रूप से बच्चों, वृद्धों और बीमारी से उबर रहे व्यक्तियों के लिए उपयोगी है, जिन्हें उच्च पोषण की आवश्यकता होती है।
- यह शाकाहारियों और कम आय वाले समूहों के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह महंगे आहार विकल्पों को अपनाए बिना ही पोषण में वृद्धि करता है।
- आर्थिक और नीति प्रासंगिकता
- टूटे हुए चावल का उपयोग करके, यह नवाचार कृषि में मूल्यवर्धन को बढ़ाता है।
- इसे बड़े पैमाने पर अपनाए जाने से खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी सुरक्षा को बढ़ावा मिल सकता है, तथा इसमें सार्वजनिक खाद्य वितरण और पोषण कार्यक्रमों में एकीकृत होने की क्षमता है।
- यह मिलिंग (milling) के कम उपयोग किए जाने वाले उपोत्पाद, टूटे हुए चावल, का उपयोग करके कृषि में चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।
टाइप2 मधुमेह के बारे में

