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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार।

संदर्भ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया की एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की, जो 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद से किसी भारतीय प्रधान मंत्री की पहली यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हुई, जिसके परिणामस्वरूप कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, नए संस्थागत तंत्र स्थापित हुए और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय स्तरों पर सहयोग को बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
  • स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ (फर्स्ट क्लास) से सम्मानित किया, जो स्लोवाकिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। यह सम्मान भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को मान्यता देता है।

यात्रा के मुख्य परिणाम

  • द्विपक्षीय संबंधों का उन्नयन: भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया।
    • राजनीतिक संवाद, संसदीय आदान-प्रदान और उच्च-स्तरीय संलग्नता को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
  • रणनीतिक और बहुपक्षीय सहयोग: स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के बाद भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया।
    • बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में घनिष्ठ समन्वय के लिए समर्थन की पुष्टि की।
    • स्लोवाकिया ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की सदस्यता के प्रति अपना रचनात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा।
  • रक्षा और सुरक्षा: रक्षा सहयोग पर आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
    • रक्षा प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान और विकास (R&D), क्षमता निर्माण और रक्षा औद्योगिक सहयोग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
  • आतंकवाद-रोधी: 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की।
    • आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG-CT) की स्थापना की घोषणा की।
    • अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन (CCIT) को शीघ्र अपनाने का समर्थन किया।
  • साइबर सुरक्षा और क्वांटम प्रौद्योगिकियां: क्वांटम संचार और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संरक्षण पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और साइबर अपराध से निपटने के लिए सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।
  • व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग: भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत संपन्न होने का स्वागत किया।
    • भारत-स्लोवाकिया संयुक्त आर्थिक समिति को मजबूत करने पर सहमति बनी।
    • प्रमुख क्षेत्र: ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण, रेलवे और उच्च-मूल्य वाली औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाएँ।
  • ऊर्जा और जलवायु सहयोग: हरित ऊर्जा संक्रमण, नेट-जीरो लक्ष्यों, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा पर सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई।
    • प्रौद्योगिकी विनिमय और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया।
  • डिजिटल प्रौद्योगिकियां और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर्स, स्टार्ट-अप्स, 5G और 6G प्रौद्योगिकियों, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और मशीन-टू-मशीन (M2M) अनुप्रयोगों में सहयोग करने पर सहमति बनी।
    • कोसिसे (Kosice) के तकनीकी विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पहली बार ICCR चेयर की स्थापना की।
  • अंतरिक्ष सहयोग: उपग्रह प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुप्रयोगों और उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और नवाचार में सहयोग तलाशने पर सहमति बनी।
  • शिक्षा और अनुसंधान: उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली और स्लोवाक तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच समझौता।
  • स्वास्थ्य सेवा और कल्याण: फार्मास्युटिकल अनुसंधान एवं विकास, डिजिटल स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन और स्वास्थ्य कार्यबल विकास में सहयोग का विस्तार किया।
    • राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान और स्लोवाक हेल्थ स्पा पिएस्तनी (Piestany) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • संस्कृति, मीडिया और पर्यटन: दृश्य-श्रव्य निर्माण पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • फिल्म और मीडिया सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन प्रवाह और प्रदर्शनियों तथा समारोहों में भागीदारी को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
    • टूर ऑपरेटर संघों के बीच पर्यटन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • श्रम गतिशीलता और कांसुलर मामले: श्रम प्रवासन पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
    • कुशल पेशेवरों की गतिशीलता को सुविधाजनक बनाने पर सहमति बनी।
    • भारत-स्लोवाकिया सामाजिक सुरक्षा समझौते की दिशा में कार्य करना।
    • नियमित परामर्श के लिए ‘कांसुलर वार्ता तंत्र’ स्थापित करना।
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