संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-I प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ।
संदर्भ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-I में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए।
अन्य संबंधित जानकारी

- वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।
- इस सूची में निम्नलिखित शामिल थे:
- 19 महिला पुरस्कार विजेता
- विदेशी / एनआरआई / भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) / भारत के विदेशी नागरिक (OCI) श्रेणी के 6 व्यक्ति
- 16 मरणोपरांत पुरस्कार विजेता
- 2 संयुक्त मामले (संयुक्त मामले में पुरस्कार को एक ही गिना जाता है)
- पद्म पुरस्कार 2027
- पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन 15 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं।
- नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।
- नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं।
- सरकार ने महिलाओं, कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं से नामांकन को प्रोत्साहित करके इन पुरस्कारों को “जनता का पद्म” (People’s Padma) में बदलने पर विशेष बल दिया है।
पद्म पुरस्कार के बारे में

- पद्म पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी और यह भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं।
- इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।
- पद्म पुरस्कारों की श्रेणियाँ:
- पद्म विभूषण — असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म भूषण — उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म श्री — किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए।
- पात्रता: जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना कोई भी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र है।
- वर्तमान में कार्यरत सरकारी कर्मचारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारी सामान्यतः इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं होते हैं, सिवाय—
- मुख्य विशेषताएँ:
- इन पुरस्कारों के तहत एक सनद (प्रमाण-पत्र), एक पदक और औपचारिक उत्सवों में उपयोग हेतु पदक की एक लघु अनुकृति (प्रदान की जाती है।
- इसके साथ कोई नकद राशि या मौद्रिक अनुदान नहीं दिया जाता है।
- यह पुरस्कार कोई उपाधि नहीं है और इसे प्राप्तकर्ता के नाम के आगे (उपसर्ग) या पीछे (प्रत्यय) के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है।
- मरणोपरांत पुरस्कार: पद्म पुरस्कार सामान्यतः मरणोपरांत प्रदान नहीं किए जाते हैं।
- हालाँकि, अत्यंत योग्य और दुर्लभ मामलों में सरकार ऐसे पुरस्कारों पर विचार कर सकती है।
- चयन प्रक्रिया: स्व-नामांकन सहित सभी नामांकन जनता के लिए खुले हैं।
- प्राप्त सभी अनुशंसाओं की समीक्षा पद्म पुरस्कार समिति द्वारा की जाती है, जिसका गठन प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है।
- समिति की सिफारिशें अंतिम अनुमोदन के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत की जाती हैं।
- पुरस्कार समारोह: ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष सामान्यतः मार्च या अप्रैल के दौरान राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक समारोहों में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
