संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-2: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच-उनकी संरचना, अधिदेश। संदर्भ: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने अप्रैल 2026 में वैश्विक सैन्य व्यय की प्रवृत्तियों पर अपनी
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय; समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय। संदर्भ: हाल ही में, नीति आयोग
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-2: भारतीय संविधान-ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना; संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार। सामान्य अध्ययन -3: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव,
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-2: सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय। सामान्य अध्ययन -3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय। संदर्भ: भारत सरकार ने
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-1: भूगोलीय विशेषताएं और उनके स्थान- अति महत्वपूर्ण भूगोलीय विशेषताओं (जल-स्त्रोत और हिमावरण सहित)। संदर्भ: इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) द्वारा जारी 'हिन्दू कुश हिमालय (HKH)
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन। संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने समुदाय-नेतृत्व वाली योजना
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन -3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव; सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता। संदर्भ: चीनी वैज्ञानिकों
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय; समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय। संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण। संदर्भ: 'नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन' में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि जलवायु-प्रेरित चरम मौसमी घटनाएं 2085 तक










