संबंधित पाठ्यक्रम 

सामान्य अध्ययन-2: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

संदर्भ: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने जटिल सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने वाले बहु-विषयक और अंतर-विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अपने नए कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) कार्यक्रम के तहत 10 संस्थानों का चयन किया है।

अन्य संबंधित जानकारी

• इस कार्यक्रम को पूरे भारत के संस्थानों से 945 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो अंतःविषयक अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्टम में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

• चयनित उत्कृष्टता केंद्र पुरातत्व विज्ञान, पारंपरिक ज्ञान प्रणाली, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल ह्यूमैनिटीज, श्रम बाजार, ग्रामीण विकास, भाषा अध्ययन, स्वास्थ्य और संधारणीय एमएसएमई (MSME) प्रौद्योगिकियों जैसे विविध विषयों पर कार्य करेंगे।

कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) कार्यक्रम

• यह कार्यक्रम ऐसे “कन्वर्जेंस” अनुसंधान केंद्रों को स्थापित करने पर केंद्रित है जो एक अंतःविषयक दृष्टिकोण के माध्यम से क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान, मानविकी और समाज को एकीकृत करते हैं।

• मुख्य उद्देश्य 

  • वैज्ञानिक ज्ञान का सामाजिक विज्ञान और मानविकी के ढांचे के साथ गहन एकीकरण को बढ़ावा देना। 
  • सामाजिक प्राथमिकताओं के अनुरूप उच्च-प्रभाव वाले और अंतर-विषयक अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करना। 
  • विभिन्न विषयों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देना। 
  • सामाजिक-आर्थिक और संधारणीयता की चुनौतियों के लिए अभिनव तथा व्यावहारिक समाधान विकसित करना। 
  • विश्वविद्यालयों, आईआईटी (IITs), एनआईआईटी (NITs), अनुसंधान संस्थानों और निजी संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत करना।

• मुख्य विशेषताएँ:

  • प्रत्येक केंद्र में अंतःविषयक सहयोग के साथ एकल या एकाधिक संस्थान शामिल हो सकते हैं। 
  • परियोजनाओं को अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए ₹25 करोड़ तक का वित्तीय सहयोग प्राप्त हो सकता है। 
  • इन केंद्रों को सामाजिक विज्ञान या मानविकी विभागों में स्थापित किया जाना चाहिए, जबकि वे विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञों के साथ सहयोग करेंगे। 
  • अनुसंधान क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल ह्यूमैनिटीज, ग्रामीण आजीविका, पुरातत्व, संधारणीयता, भाषा अध्ययन और कंप्यूटेशनल अर्थशास्त्र शामिल हैं। 
  • यह कार्यक्रम ANRF के तहत एक प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण मॉडल का अनुसरण करता है।

महत्व

• बहु-विषयक अनुसंधान को बढ़ावा: जटिल सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए विज्ञान, इंजीनियरिंग, मानविकी और सामाजिक विज्ञान के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करता है।

• NEP 2020 विजन का समर्थन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समग्र और बहु-विषयक शिक्षा तथा अनुसंधान इकोसिस्टम पर दिए गए बल की दिशा में आगे बढ़ता है।

• नवाचार इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना: व्यावहारिक और बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य समाधानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, बिग डेटा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को सामाजिक समझ के साथ एकीकृत करता है।

• अनुसंधान क्षमता और सहयोग को बढ़ावा: आईआईटी (IITs), एनआईआईटी (NITs), विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ाता है, जिससे भारत के अनुसंधान बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।

• विकसित भारत 2047 और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान: संधारणीय विकास, ग्रामीण लचीलेपन, तकनीकी नवाचार और समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायता प्रदान करता है।

अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के बारे में 

• ANRF की स्थापना अनुसंधान नेशन रिसर्च फाउंडेशन अधिनियम, 2023 के तहत की गई है।

• एएनआरएफ का उद्देश्य पूरे भारत के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं में अनुसंधान और विकास को प्रारम्भ करना, विकसित करना तथा बढ़ावा देना है, और अनुसंधान एवं नवाचार की संस्कृति को पोषित करना है।

• एएनआरएफ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की सिफारिशों के अनुसार देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगा।

• विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (SERB) को एएनआरएफ में शामिल कर लिया गया है।

• संस्थागत ढांचा:

  • प्रशासनिक विभाग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST)।
  • शासी बोर्ड: विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित शोधकर्ता और पेशेवर।

                          अध्यक्ष: प्रधानमंत्री (पदेन)।

                          उपाध्यक्ष: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री (पदेन)।

  • कार्यकारी परिषद: प्रगति की निगरानी करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, जिसकी अध्यक्षता प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा की जाएगी।

Sources:
PIB
Indian Express
ANRFONLINE

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