संदर्भ: हाल ही में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में रूफटॉप सौर ऊर्जा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, अपशिष्ट से ऊर्जा तथा विद्युत क्षेत्र की क्षमता विस्तार से संबंधित 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
प्रमुख बिंदु
- पीएम सूर्य घर राज्य सब्सिडी
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत बिहार सरकार आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्रीय वित्तीय सहायता के अतिरिक्त ₹10,000 प्रति किलोवाट की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी प्रदान करेगी।
- राज्य सरकार की सहायता की अधिकतम सीमा प्रति उपभोक्ता ₹20,000 होगी।
- मंत्रिमंडल ने इसके लिए लगभग ₹1,000 करोड़ के अनुमानित व्यय को मंजूरी दी है।
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2026–27 से बढ़ाकर 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
- वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए योजना हेतु ₹950 करोड़ स्वीकृत किए गए है।
- कुशल युवा कार्यक्रम
- कुशल युवा कार्यक्रम को 2030–31 तक बढ़ा दिया गया है।
- वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹430.08 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी गई है।
- निजी आईटीआई में प्रवेश
- निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI ) की 50% सीटों पर प्रवेश अब बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB), पटना द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
- बी.एड. कॉलेज बहुविषयक संस्थानों में परिवर्तित होंगे
- 300 से अधिक बी.एड. एकल शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है।
- यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुविषयक उच्च शिक्षा के उद्देश्य के अनुरूप है।
- कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र
- गया, मुज़फ्फरपुर, भागलपुर एवं बिहार शरीफ में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए तेल एवं गैस कंपनियों को 25 वर्षों के लिए 10 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
बिहार मंत्रिमंडल के निर्णयों का महत्त्व
- रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा: अतिरिक्त राज्य सब्सिडी से प्रारंभिक लागत एवं बिजली बिल में कमी आने की संभावना है।
- शिक्षा तक पहुँच में सुधार: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देगा।
- रोजगार क्षमता में वृद्धि: कुशल युवा कार्यक्रम तथा योग्यता-आधारित आईटीआई प्रवेश से व्यावसायिक कौशल को मजबूती मिलेगी।
- चक्रीय अर्थव्यवस्था को समर्थन: CBG संयंत्र जैविक अपशिष्ट को स्वच्छ ईंधन एवं जैविक उर्वरक में परिवर्तित करने में सहायता करेंगे।
- नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा: ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप निवेश एवं सुनियोजित विकास को आकर्षित कर सकती हैं।
- एकीकृत विकास: इन निर्णयों के माध्यम से शिक्षा, कौशल, स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन एवं विद्युत अवसंरचना को एक साथ सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है।
बिहार में पिंक बस सेवा से महिला यात्रियों में सुरक्षा की भावना बढ़ी
संदर्भ: बिहार की पिंक बस सेवा का पटना, मुज़फ्फरपुर एवं गया में उपयोग करने वाली महिला यात्रियों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 56% प्रतिभागियों ने इन बसों में यात्रा करते समय स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस किया।
प्रमुख बिंदु

- पिंक बसों के संचालन के तीन महीने बाद महिला यात्रियों के यात्रा अनुभव एवं सेवा प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करने के लिए यह अध्ययन किया गया।
- 56% महिला यात्रियों ने बताया कि पिंक बसों में यात्रा करने के दौरान वे अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
- 60% महिलाओं ने कहा कि सेवा शुरू होने के बाद उन्होंने अकेले यात्रा करना अधिक शुरू कर दिया है।
- 42% यात्री छात्राएँ थीं, जो स्कूल, कॉलेज या कोचिंग संस्थानों तक आने-जाने के लिए पिंक बसों का उपयोग करती थीं।
- 36% यात्रियों ने रेलवे स्टेशन या कार्यस्थल तक जाने के लिए इन बसों का उपयोग किया।
- 27% यात्रियों ने अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र एवं बाजारों तक आने-जाने के लिए पिंक बस सेवा का उपयोग किया।
महत्त्व
- महिला गतिशीलता: सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन महिलाओं को शिक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक स्वतंत्र पहुँच प्रदान करता है।
- रोजगार: विश्वसनीय एवं सुरक्षित परिवहन से महिला श्रम बल भागीदारी बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
- शिक्षा: यह छात्राओं को स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों तक सुरक्षित यात्रा में सहायता करता है।
- लैंगिक उत्तरदायी शासन: महिलाओं की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सुरक्षित परिवहन अवसंरचना के विकास को बढ़ावा देता है।
- डिजिटल शासन: जीपीएस, पैनिक बटन तथा वास्तविक समय निगरानी जैसी सुविधाएँ सुरक्षा, जवाबदेही एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाती हैं।
काज़ीरंगा पर खतरा: नदी के तल में अवैध खनन का मामला NGT पहुंचा
संदर्भ: असम के कार्बी आंगलोंग जिले में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व के निकट देइहोरी नदी में बड़े पैमाने पर मशीनों द्वारा बालू खनन किए जाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।
प्रमुख बिंदु
- अप्रैल 2019 में, उच्चतम न्यायालय ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा के साथ-साथ कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों से निकलकर काजीरंगा में प्रवाहित होने वाली नदियों एवं जलधाराओं के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में खनन एवं संबंधित गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया था।
- काजीरंगा असम के ब्रह्मपुत्र बाढ़ मैदान में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और यह विश्व स्तर पर एक सींग वाले भारतीय गैंडे के सबसे बड़े सुरक्षित आवास के रूप में प्रसिद्ध है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

- राज्य: असम
- जिले: मुख्य रूप से गोलाघाट एवं नगाँव; विस्तार क्षेत्रों में सोनितपुर, बिश्वनाथ एवं कार्बी आंगलोंग शामिल हैं।
- यह ब्रह्मपुत्र बाढ़ मैदान में ब्रह्मपुत्र नदी एवं कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों के बीच स्थित है।
- राष्ट्रीय उद्यान: 1974 में घोषित।
- टाइगर रिजर्व: 2006 में घोषित।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: 1985 में सूचीबद्ध।
- प्रमुख नदी: ब्रह्मपुत्र; मोरा दिफ्लू व्यापक रूप से इसकी दक्षिणी सीमा का एक भाग बनाती है।
भारत की पहली ब्रांडेड ट्रेन: स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस
संदर्भ: IRCTC द्वारा संचालित लखनऊ-दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस अब छह महीने तक “स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस” के नाम से चलेगी, क्योंकि भारतीय रेलवे ने स्प्राइट को ट्रेन-ब्रांडिंग के अधिकार दिए हैं।
प्रमुख बिंदु

- ट्रेन ब्रांडिंग से आशय किसी कंपनी को ट्रेन के बाहरी एवं/या आंतरिक हिस्से पर कंपनी का नाम, लोगो तथा विज्ञापन प्रदर्शित करने का व्यावसायिक अधिकार प्रदान करना है। यह भारतीय रेलवे के लिए गैर-किराया राजस्व का एक स्रोत है।
- यह ट्रेन IRCTC के स्वामित्व एवं संचालन वाली निजी ट्रेन बनी रहेगी। केवल नामकरण एवं विज्ञापन के अधिकार ब्रांड को दिए गए हैं। इससे रेलवे अवसंरचना या रेल डिब्बों का स्वामित्व ब्रांड को हस्तांतरित नहीं होता है।
- इसे व्यावसायिक ब्रांडिंग व्यवस्था के तहत किसी भारतीय ट्रेन को पहली बार किसी निजी ब्रांड के नाम पर चलाए जाने के रूप में वर्णित किया जा रहा है।
