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सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास; अंतरिक्ष के क्षेत्र में जागरूकता।

संदर्भ: भारत ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित देश के प्रथम निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 का मिशन आगमन के अंतर्गत सफल प्रक्षेपण किया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • मिशन आगमन का सफल प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR), श्रीहरिकोटा से किया गया तथा लगभग 15.5 मिनट में अनेक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोडों को 450 किलोमीटर की पृथ्वी की निम्न कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
  • इस उपलब्धि के साथ, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान के माध्यम से कक्षीय प्रक्षेपण क्षमता प्रदर्शित करने वाला विश्व का तीसरा देश बन गया। यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी की सफलता को दर्शाता है।

विक्रम-1 के बारे में

  • विकासकर्ता: स्काईरूट एयरोस्पेस, हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप।
  • मिशन का नाम: मिशन आगमन
  • नामकरण: भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में।
  • प्रक्षेपण स्थल: प्रथम प्रक्षेपण परिसर, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-शार), श्रीहरिकोटा।
  • प्रक्षेपण की स्वीकृति: भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र।
  • विशेषताएँ
    • ऊँचाई: 22 मीटर (लगभग सात मंज़िल के बराबर)
    • व्यास: 1.7 मीटर
    • ड क्षमता: निम्न पृथ्वी कक्षा में 350 किलोग्राम तक
    • लक्षित कक्षा (मिशन आगमन): 450 किलोमीटर ऊँचाई तथा 60° झुकाव
    • उड़ान अवधि: लगभग 15.46 मिनट
  • अभिविन्यास
    • तीन ठोस ईंधन चरण।
    • चौथे चरण के रूप में द्रव ईंधन आधारित कक्षीय समायोजन मॉड्यूल।
    • पूर्णतः कार्बन-समग्र संरचना से निर्मित।
    • स्वदेशी रूप से विकसित प्रणोदन प्रणालियों से संचालित, जिनमें उच्च-प्रणोद बल वाले ठोस रॉकेट मोटर तथा 100% त्रि-आयामी मुद्रित द्रव रॉकेट इंजन शामिल हैं।
  • ले जाए गए पेलोड
    • स्कोप — स्काईरूट एयरोस्पेस।
    • सोलारस उपग्रह — ग्राहा स्पेस।
    • एम्ब्रेस — कॉस्मोसर्व स्पेस (अंतरिक्ष मलबा पकड़ने की प्रौद्योगिकी)।
    • यूडी3पीपी एवं एमडी3आरएन — जर्मनी की डीक्यूब्ड।
    • कॉस्मिक ब्लूम — कॉस्मोस डायमंड्स।
    • माइक्रो आर्ट ट्रिब्यूट, जिसमें सी. वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई तथा डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की सूक्ष्म मूर्तियाँ सम्मिलित हैं।
    • हस्तलिखित पोस्टकार्ड, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित एक पोस्टकार्ड भी शामिल है।

मिशन के उद्देश्य

  • सफल प्रक्षेपण एवं प्रक्षेपण टॉवर से सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करना।
  • प्रणोदन, वैमानिकी इलेक्ट्रॉनिकी, दूरमापी, मार्गदर्शन, नौवहन एवं नियंत्रण प्रणालियों का सत्यापन करना।
  • चरण पृथक्करण एवं कक्षा में सफल स्थापना का प्रदर्शन करना।
  • भविष्य के वाणिज्यिक प्रक्षेपणों के लिए वास्तविक उड़ान आँकड़े एकत्र करना।
  • लघु उपग्रहों के लिए विश्वसनीय एवं आवश्यकता-आधारित प्रक्षेपण सेवा स्थापित करना।

महत्त्व

  • भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विक्रम-1 भारत का प्रथम निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान बन गया, जिसने सफलतापूर्वक पेलोडों को कक्षा में स्थापित किया। यह भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष कार्यक्रम के अगले चरण का प्रतिनिधित्व करता है।
  • अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों की सफलता: यह भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023, निजी क्षेत्र की उदारीकृत भागीदारी, तथा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र की भूमिका की सफलता को प्रदर्शित करता है, जिसने निजी प्रक्षेपण कंपनियों को सक्षम बनाया।
  • भारत की वाणिज्यिक प्रक्षेपण क्षमता को सुदृढ़ बनाना: यह भारत को वैश्विक लघु उपग्रह प्रक्षेपण बाज़ार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रदान करता है, जहाँ समर्पित प्रक्षेपण सेवाओं की मांग निरंतर बढ़ रही है।
  • स्वदेशी प्रौद्योगिकी को बढ़ावा: यह कार्बन-समग्र संरचना, 100% त्रि-आयामी मुद्रित रॉकेट इंजन, स्वदेशी प्रणोदन प्रणालियों तथा उन्नत पृथक्करण तंत्र जैसी अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की सफलता को प्रमाणित करता है।
  • भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना: यह सरकार के उस दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है, जिसके अंतर्गत निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को वर्तमान लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 40–45 अरब अमेरिकी डॉलर तथा 2040 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Sources:
The Hindu
PIB
Indian Express
Indian Express
New Indian Express
Space

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