संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-1: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के विभिन्न पहलू शामिल होंगे।
संदर्भ: भारत के किसी भी मंदिर के इतिहास में पहली बार, ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने मंदिर से जुड़ी पवित्र पहचानों के लिए बौद्धिक संपदा (Intellectual Property – IP) संरक्षण प्राप्त कर लिया है।
अन्य संबंधित जानकारी

- मंदिर प्रशासन ने दो पवित्र शब्दों के लिए ‘वर्डमार्क’ प्राप्त किए हैं:
- पतितपावन: भगवान जगन्नाथ का वह पूजनीय स्वरूप जो सिंहद्वार के निकट स्थापित है, जो उन भक्तों को दर्शन करने में सक्षम बनाता है जो मंदिर में प्रवेश करने में असमर्थ हैं।
- आनंद बाजार: मंदिर परिसर के भीतर स्थित वह स्थान जहाँ भक्तों को महाप्रसाद (पवित्र खाद्य भोग) वितरित किया जाता है।
- इसने ‘नीलचक्र‘ के लिए भी लोगोमार्क प्राप्त कर लिया है, जो मंदिर के मुख्य शिखर पर स्थित आठ तीलियों वाला पवित्र धातु का चक्र है, और यही श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन का आधिकारिक लोगो भी है।
- ये ट्रेडमार्क ‘पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय’ द्वारा प्रदान किए गए हैं, जो जगन्नाथ मंदिर परंपरा से जुड़े प्रमुख प्रतीकों और पहचानकर्ताओं को कानूनी संरक्षण प्रदान करते हैं।
- इस कदम का उद्देश्य मंदिर से जुड़े पवित्र नामों और प्रतीकों के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग, गलत प्रस्तुति, ब्रांडिंग और दुरुपयोग को रोकना है।
श्री जगन्नाथ मंदिर के बारे में
- जगन्नाथ मंदिर ओडिशा के पुरी में स्थित है और यह हिंदू धर्म के चार पवित्र ‘चार धाम’ तीर्थस्थलों में से एक है।
- यह मंदिर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को समर्पित है।
- 12वीं शताब्दी ईस्वी में पूर्वी गंग राजवंश के शासक अनंतवर्मन चोडगंग देव द्वारा निर्मित, यह मंदिर वास्तुकला की कलिंग शैली का प्रतिनिधित्व करता है।
- वास्तुकला की कलिंग शैली ‘नागर शैली’ की एक क्षेत्रीय शाखा है, जो अपने वक्राकार गर्भगृह शिखर (रेखा देउल), पिरामिडनुमा सभा मंडप (जगमोहन), और मध्यकालीन ओडिशा के मंदिरों की विशिष्ट रूप से समृद्ध नक्काशीदार पत्थर की संरचनाओं के लिए जानी जाती है।
- यह मंदिर लोकप्रिय रूप से “व्हाइट पैगोडा” (White Pagoda) के नाम से जाना जाता है, जबकि कोणार्क के सूर्य मंदिर को “ब्लैक पैगोडा” (Black Pagoda) कहा जाता है।
- यह वार्षिक रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है, जो विश्व में सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक शोभायात्राओं में से एक है।
ट्रेडमार्क के बारे में
- ट्रेडमार्क एक बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) है, जो किसी विशिष्ट चिह्न, शब्द, नाम, लोगो, प्रतीक, डिज़ाइन या उनके संयोजन की सुरक्षा करता है, जिसका उपयोग एक इकाई की वस्तुओं या सेवाओं को दूसरी इकाई से अलग करने के लिए किया जाता है।
- भारत में, ट्रेडमार्क का संचालन ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 द्वारा किया जाता है और इसका प्रशासन पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय द्वारा किया जाता है।
- ट्रेडमार्क पंजीकरण स्वामी को संरक्षित चिह्न के अधिकृत उपयोग पर विशेष अधिकार प्रदान करता है और अनधिकृत उपयोग, नकल या व्यावसायिक शोषण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है।
