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सामान्य अध्ययन-2: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियाँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

संदर्भ: भारत, संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास (UNCTAD) द्वारा आयोजित उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर विशेषज्ञों के अंतर-सरकारी समूह (IGE) के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा। यह सत्र 6-8 जुलाई 2026 तक पैलेस डेस नेशंस (Palais des Nations) में आयोजित किया जाएगा।

अन्य संबंधित जानकारी

  • यह सत्र उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति के उभरते मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए सदस्य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरणों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाएगा।
    • निधि खरे भारत की ओर से तीन दिवसीय विचार-विमर्श की अध्यक्षता करेंगी।
  • सत्र में ‘उपभोक्ता संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देशों’ (UNGCP) के कार्यान्वयन, उपभोक्ता शिक्षा, सतत उपभोग, सीमा-पार उपभोक्ता संरक्षण और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के प्रवर्तन पर चर्चा की जाएगी।
  • इसमें अर्जेंटीना के उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति की स्वैच्छिक सहकर्मी समीक्षा भी शामिल होगी।
  • इसका एक प्रमुख आकर्षण ‘उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र सिद्धांतों’ का शुभारंभ होगा, जिसे दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया गया था।
  • भारत “ये सिद्धांत क्यों मायने रखते हैं” शीर्षक वाली एक उच्च-स्तरीय ‘फायरसाइड चैट’ में भी भाग लेगा।
  • भारत ने ‘प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण पर नौवें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ (2025) में अपनी राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) और AI-सक्षम ई-जागृति (e-Jagriti) प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया था।
  • पिछले 14 महीनों में, NCH ने मुकदमेबाजी से पहले 36 क्षेत्रों में 1.47 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान करके ₹91.77 करोड़ का रिफंड सुनिश्चित किया है।

उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर विशेषज्ञों का अंतर-सरकारी समूह (IGE)

  • यह ‘उपभोक्ता संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देशों’ (UNGCP) के तहत गठित एक स्थायी अंतर-सरकारी निकाय है।
  • यह सदस्य देशों के बीच उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर सहयोग और संवाद के लिए प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है।
  • इसके मुख्य कार्यों में शामिल हैं:
    • UNGCP के कार्यान्वयन की निगरानी करना।
    • अंतरराष्ट्रीय परामर्श और नीतिगत संवाद को सुविधाजनक बनाना।
    • राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्थाओं की स्वैच्छिक सहकर्मी समीक्षा करना।
    • अनुसंधान, नीति अध्ययन और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
    • उभरती चुनौतियों के जवाब में UNGCP में अद्यतन की सिफारिश करना।

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास (UNCTAD)

  • इसे 1964 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक स्थायी अंतर-सरकारी निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।
  • यह व्यापार और विकास से निपटने वाली संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी संस्था है।
  • यह विकासशील देशों को निम्नलिखित के माध्यम से समर्थन देती है:
    • आर्थिक और व्यापार अनुसंधान तथा विश्लेषण।
    • सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाना।
    • व्यापार, निवेश, वित्त और प्रौद्योगिकी में तकनीकी सहायता।
  • इसका उद्देश्य विकासशील देशों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक प्रभावी ढंग से और समान रूप से भाग लेने तथा समावेशी एवं सतत विकास प्राप्त करने में मदद करना है।
  • रेबेका ग्रिनस्पैन (Rebeca Grynspan) 2021 से महासचिव के रूप में कार्यरत हैं, और वे इस संगठन का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी हैं।

भारत का घरेलू उपभोक्ता संरक्षण ढांचा

  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019: इसने ई-कॉमर्स, डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाओं से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 का स्थान लिया।
  • प्रमुख विशेषताएं:
    • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना।
    • उत्पाद दायित्व (Product liability) के प्रावधान।
    • भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं का विनियमन।
    • जिला, राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोगों के माध्यम से उपभोक्ता विवाद निवारण।
    • ई-फाइलिंग और डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र।
  • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH): यह उपभोक्ता शिकायतों के मुकदमेबाजी से पूर्व समाधान की सुविधा प्रदान करती है और सीमा-पार उपभोक्ता विवाद समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र बन गई है।
  • ई-जागृति (e-Jagriti): यह एक AI-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो निम्नलिखित को सक्षम बनाता है:
  • उपभोक्ता शिकायतों की ऑनलाइन फाइलिंग।
    • आभासी सुनवाई।
    • इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन।
    • कार्यवाही तक डिजिटल पहुंच।
    • अनिवासी भारतीयों (NRIs) और विदेश में रहने वाले उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत दर्ज करना।
  • यह फ्रेमवर्क उपभोक्ता अधिकारों, न्याय तक डिजिटल पहुंच और उपभोक्ता संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देकर ‘उपभोक्ता संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देशों’ (UNGCP) के अनुरूप है।
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