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सामान्य अद्ययन-2: स्वास्थ्य से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित  विषय; महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियाँ और मंच – उनकी संरचना, अधिदेश।

संदर्भ: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘विश्व स्वास्थ्य सांख्यिकी 2026’ रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि स्वास्थ्य से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में वैश्विक प्रगति असमान बनी हुई है और वर्ष 2030 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपर्याप्त है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • विश्व स्वास्थ्य सांख्यिकी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का वार्षिक प्रमुख प्रकाशन है, जो WHO के सदस्य देशों के लिए स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों और सतत विकास लक्ष्य संकेतकों को संकलित करता है।
  • वर्ष 2026 का संस्करण SDG 3 (उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली) तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी एसडीजी लक्ष्यों की दिशा में प्रगति की निगरानी करता है, और साथ ही WHO के “ट्रिपल बिलियन लक्ष्यों” का भी आकलन करता है।
  • यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कोविड-19 महामारी ने वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में गंभीर व्यवधान उत्पन्न किए, जिससे जीवन प्रत्याशा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और रोग नियंत्रण में पिछले कई वर्षों की प्रगति उलट गई है।
  • यह आकलन देशों की रिपोर्टिंग प्रणालियों, डब्ल्यूएचओ के डेटाबेस, एसडीजी संकेतकों और कोविड-19 महामारी से जुड़ी अत्यधिक मृत्यु दर के अनुमानों पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

  • स्वास्थ्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की ओर धीमी प्रगति: WHO ने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में वैश्विक प्रगति असमान बनी हुई है और वर्ष 2030 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपर्याप्त है।
  • संक्रामक रोगों की प्रवृत्तियाँ: रिपोर्ट में वर्ष 2010 और 2024 के बीच कुछ संक्रामक रोगों में दीर्घकालिक सुधार दर्ज किए गए हैं:
    • नए एचआईवी (HIV) संक्रमणों में लगभग 40% की कमी आई है।
    • तपेदिक (टीबी) के मामलों में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई है।
    • उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों (NTDs) के उपचार और हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले लोगों की संख्या में 36% की कमी आई है।
    • हालांकि, वर्ष 2015 के बाद से वैश्विक मलेरिया के मामलों में 8.5% की वृद्धि हुई है, जो सतत विकास लक्ष्य (SDG) के मार्ग से विचलित होने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
  • कोविड-19 और अत्यधिक मृत्य दर
    • WHO के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2020 और 2023 के बीच कोविड-19 महामारी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण वैश्विक स्तर पर लगभग 22.1 मिलियन अत्यधिक मौतें हुईं, जो आधिकारिक तौर पर दर्ज की गई 7 मिलियन मौतों से लगभग तीन गुना अधिक हैं।
    • इस महामारी ने वैश्विक जीवन प्रत्याशा और स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (HALE) में पिछले लगभग एक दशक में हासिल की गई बढ़त को समाप्त कर दिया है।
  • मातृ, बाल और गैर-संक्रामक रोग:  2000 से ,
    • मातृ मृत्यु दर में लगभग 40% की गिरावट आई है।
    • पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर  में लगभग 51% की कमी आई है।
    • चार प्रमुख गैर-संचारी रोगों जैसे- हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह और जीर्ण श्वसन रोग से होने वाली अकाल मृत्यु में 20% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
    • हालांकि, सतत विकास लक्ष्य (SDG) के दौर में प्रगति धीमी हुई है, और कई देशों में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति नहीं देखी गई है।
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) और वित्तीय बोझ
    • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की दिशा में प्रगति काफी धीमी हो गई है, जिसमें वैश्विक UHC सेवा कवरेज सूचकांक वर्ष 2015 के 68 से बढ़कर वर्ष 2023 में केवल 71 हुआ है।
    • वैश्विक आबादी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा स्वास्थ्य पर अपनी जेब से होने वाले खर्च के कारण वित्तीय कठिनाई का सामना कर रहा है, जबकि वर्ष 2022 में लगभग 1.6 बिलियन लोग स्वास्थ्य खर्चों के कारण गरीबी में जीवन यापन कर रहे थे या वे गरीबी के दुष्चक्र में फंस गए थे।

नीतिगत सिफारिशें

  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को सुदृढ़ करना: देशों को जेब से होने वाले खर्च और वित्तीय कठिनाइयों को कम करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं तक सस्ती और न्यायसंगत पहुँच का विस्तार करने की आवश्यकता है।
  • महामारी की तैयारी में सुधार: रोग निगरानी, आपातकालीन तैयारी, टीका प्रणालियों और लचीले सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में अधिक निवेश की आवश्यकता है।
  • स्वास्थ्य असमानताओं को पाटना: सरकारों को बेहतर मातृ स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के माध्यम से संवेदनशील/वंचित आबादी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  • स्वास्थ्य डेटा प्रणालियों को मजबूत करना: WHO ने समय पर मृत्यु दर रिपोर्टिंग, सुदृढ़ नागरिक पंजीकरण प्रणालियों और बेहतर स्वास्थ्य डेटा संग्रह एवं निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
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