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सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय।
संदर्भ: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक नौवहन परिचालन के प्रति बढ़ते जोखिमों के बीच, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने भारतीय नौवहन और व्यापार के लिए निर्बाध तथा किफायती समुद्री बीमा कवरेज सुनिश्चित करने हेतु ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ (BMIP) का शुभारंभ किया।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के बारे में
- भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कुल क्षमता वाला एक घरेलू समुद्री बीमा तंत्र है।
- इसे अप्रैल 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹12,980 करोड़) की संप्रभु गारंटी का समर्थन प्राप्त है।
- इस पूल का निर्माण बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता, प्रतिबंधों के जोखिम और वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित करने वाली बीमा लागतों में वृद्धि के जवाब में किया गया है।
- भारतीय सामान्य बीमा निगम (GIC Re) को इस पूल के प्रशासक के रूप में नामित किया गया है।
- पूल के कामकाज, बीमा मानकों और संप्रभु गारंटी के आह्वान की निगरानी के लिए एक शासी निकाय और एक बीमांकक समिति का गठन किया गया है।
- कवरेज और बीमा सुरक्षा:
- BMIP निम्नलिखित के लिए समुद्री बीमा कवरेज प्रदान करता है:
- भारतीय ध्वज वाले जहाज
- भारतीय-नियंत्रित जहाज
- वे जहाज जिनका मूल स्थान या गंतव्य भारत है।
- यह पूल प्रमुख समुद्री जोखिमों को कवर करता है, जिनमें शामिल हैं:
- हल एंड मशीनरी (Hull and Machinery) बीमा
- कार्गो (माल) बीमा
- सुरक्षा और क्षतिपूर्ति (P&I) बीमा
- युद्ध जोखिम बीमा
- P&I बीमा के अंतर्गत तेल प्रदूषण, कार्गो क्षति (माल की क्षति), मलबे को हटाने, चालक दल की चोट एवं उनके स्वदेश वापसी, और जहाजों के टकराव से उत्पन्न होने वाली देनदारियों जैसे तीसरे पक्ष के दायित्वों को कवर किया जाता है।
- इस पहल का उद्देश्य समुद्री जोखिम कवरेज के लिए विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं और इंटरनेशनल ग्रुप प्रोटेक्शन एंड इंडेमनिटी (IGP&I) क्लब्स पर भारत की निर्भरता को कम करना है।
- परिचालन तंत्र:
- बीमा पॉलिसियाँ इस पूल के सदस्य घरेलू बीमाकर्ताओं द्वारा उनकी संयुक्त बीमांकक क्षमता का उपयोग करके जारी की जाएंगी।
- 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के दावों का निपटान पूल द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों और पुनर्बीमा व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
- 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के दावों को, पूल के आरक्षित कोष, सदस्य योगदान और पुनर्बीमा सहायता के समाप्त होने के बाद, संप्रभु गारंटी के माध्यम से समर्थन दिया जाएगा।
- शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान, ‘द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ द्वारा ‘होजर ऑफशोर एंड मरीन प्राइवेट लिमिटेड’ को पहली ‘मरीन हल एंड मशीनरी वॉर पॉलिसी’ जारी की गई।
BMIPका महत्व
- समुद्री व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करना: BMIP भू-राजनीतिक संघर्षों या प्रतिबंधों के दौरान भी उच्च जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए निर्बाध बीमा कवरेज सुनिश्चित करता है।
- विदेशी बीमा प्रणालियों पर निर्भरता में कमी: यह पहल महत्वपूर्ण समुद्री जोखिम कवरेज के लिए विदेशी बीमाकर्ताओं, पुनर्बीमाकर्ताओं और इंटरनेशनल ग्रुप पी एंड आई (P&I) क्लबों पर भारत की निर्भरता को कम करती है।
- भारत की वित्तीय संप्रभुता को सुदृढ़ करना: यह पूल समुद्री व्यापार पर संप्रभु नियंत्रण को बढ़ाता है और बाहरी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण उत्पन्न होने वाले व्यवधानों से भारतीय नौवहन हितों की रक्षा करता है।
- किफायती और स्थिर बीमा प्रदान करना: संकट के समय अस्थिर अंतर्राष्ट्रीय बीमा बाजारों की तुलना में BMIP से प्रतिस्पर्धी और स्थिर प्रीमियम दरें प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है।
- समुद्री सुरक्षा और व्यापार लचीलापन को बढ़ाना: यह तंत्र भारत के समुद्री जोखिम संरक्षण ढांचे में सुधार करता है और अस्थिरता की अवधि के दौरान सुरक्षित वैश्विक व्यापार संचालन का समर्थन करता है।
- घरेलू समुद्री बीमा क्षमता के विकास को प्रोत्साहन: BMIP भारत में एक सुदृढ़ स्वदेशी ‘प्रोटेक्शन एंड इंडेमनिटी’ (P&I) इकोसिस्टम और घरेलू पुनर्बीमा क्षमता विकसित करने की आधारशिला रखता है।
