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सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह, भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

संदर्भ: भारत के प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड की यात्रा की, जिसके दौरान भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया और एक व्यापक ‘रणनीतिक साझेदारी रोडमैप (2026-2030)’ को अपनाया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा, प्रवासन, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, उच्च शिक्षा, समुद्री सहयोग और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में 17 समझौतों/समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
  • दोनों पक्षों ने उभरती प्रौद्योगिकियों, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, हिंद-प्रशांत सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने, सतत विकास और नवाचार-प्रेरित आर्थिक विकास में सहयोग पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा के मुख्य परिणाम

  • रणनीतिक साझेदारी और रोडमैप: भारत और नीदरलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया।
    • राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु, समुद्री, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को कवर करने वाले ‘भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप (2026-2030)’ को अपनाया गया।
  • सेमीकंडक्टर और उभरती प्रौद्योगिकी सहयोग: सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियों पर साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
    • डच सेमीकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर और भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के बीच सहयोग।
    • डच विश्वविद्यालयों और भारतीय संस्थानों—जिसमें भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) तथा विभिन्न आईआईटी (IITs) शामिल हैं, के बीच “ब्रेन ब्रिज” सेमीकंडक्टर सहयोग की शुरुआत की गई।
    • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML ने धोलेरा, गुजरात में सेमीकंडक्टर फैब सुविधा को समर्थन  प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
  • रक्षा और सुरक्षा: रक्षा सहयोग पर एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
    • रक्षा औद्योगिक रोडमैप और लॉजिस्टिक्स सहायता तंत्र की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति बनी।
    • साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने और रक्षा विनिर्माण में सहयोग को बढ़ाया गया।
  • आतंकवाद रोधी सहयोग: नीदरलैंड ने वर्ष 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।
    • दोनों देशों ने आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ के रुख पर बल दिया और संयुक्त राष्ट्र में ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय’ (CCIT) के भारत के प्रस्ताव के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।
  • व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग: सीमा शुल्क मामलों में पारस्परिक प्रशासनिक सहायता पर समझौते  पर हस्ताक्षर किए गए।
    • लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार भागीदारी और निवेश सुविधा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
    • दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न होने वाले अवसरों का स्वागत किया।
  • नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन: ‘हरित हाइड्रोजन विकास पर भारत-नीदरलैंड रोडमैप’ का शुभारंभ किया गया।
    • नवीकरणीय ऊर्जा, जैव ईंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संक्रमण में सहयोग को सुदृढ़ किया गया।
  • जल और समुद्री सहयोग: जल पर रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया गया, जिसमें नदी प्रबंधन, अपशिष्ट जल का पुनरुपयोग और जलवायु-अनुकूल शहरी प्रणालियाँ शामिल हैं।
    • भारतीय बंदरगाहों को रॉटरडैम बंदरगाह से जोड़ने वाले ‘ग्रीन एंड डिजिटल सी कॉरिडोर’ पर सहयोग।
  • शिक्षा, संस्कृति और विरासत: सांस्कृतिक विरासत सामग्रियों के संरक्षण के लिए लीडेन यूनिवर्सिटी लाइब्रेरीज़ और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
    • उच्च शिक्षा पर समझौता ज्ञापन और विश्वविद्यालय-स्तर पर बढ़ते सहयोग को स्वीकृति दी गई।
    • लीडेन विश्वविद्यालय से चोलकालीन ताम्रपत्रों की भारत वापसी का स्वागत किया गया।
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