संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से संबंधित विषय।
सामान्य अध्ययन -3: संरक्षण।
संदर्भ: हाल ही में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और जल शक्ति मंत्रालय (MoJS) ने ₹200 करोड़ के परिव्यय के साथ ‘महा जल मिशन’ (MAHA Water Mission) की शुरुआत की है। यह मिशन-मोड पर आधारित एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की बढ़ती जल-सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी के परिनियोजन को बढ़ावा देना है।
अन्य संबंधित जानकारी
- उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए मिशन (MAHA) जल मिशन का उद्देश्य जल की कमी, भूजल के घटते स्तर, जल की गुणवत्ता, जलवायु-प्रेरित जल तनाव और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन से संबंधित बढ़ती चुनौतियों का समाधान करना है।
- इसका लक्ष्य एक ऐसे सहयोगात्मक इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है जिसमें अनुसंधान संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, स्टार्टअप, एमएसएमई (MSMEs), उद्योग और सरकारी एजेंसियां शामिल हों, ताकि बड़े पैमाने पर उपयोग किए जा सकने वाले जल समाधानों का विकास और परिनियोजन किया जा सके।
- इस शुरुआत के हिस्से के रूप में, एएनआरएफ (ANRF) ने भारत के जल नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने और जल प्रौद्योगिकियों के अंतिम छोर तक कार्यान्वयन में सुधार करने के लिए उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु स्टार्टअप्स और एमएसएमई से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
MAHA जल मिशन के बारे में
- यह मिशन एएनआरएफ (ANRF) और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य जल क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी के परिनियोजन को गति प्रदान करना है।
- पांच वर्षों की अवधि के लिए इस मिशन का अनुमानित परिव्यय ₹200 करोड़ है, और यह जल सुरक्षा तथा सतत जल प्रबंधन के लिए अभिनव समाधानों के विकास, सत्यापन और बड़े पैमाने पर तैनाती का समर्थन करता है।
- इसे जल नवाचार के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो सहयोगात्मक कार्रवाई के माध्यम से जटिल जल चुनौतियों का समाधान करने के लिए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, सरकारी एजेंसियों और जमीनी स्तर के हितधारकों को एक साथ लाता है।
- यह मिशन नीति, शासन और उद्यमिता के साथ एकीकृत अनुसंधान एवं विकास (R&D)-प्रेरित समाधानों को बढ़ावा देता है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षेत्र-स्तरीय (जमीनी) कार्यान्वयन के बीच के अंतराल को पाटा जा सके।
- जल क्षेत्र के उच्च-प्रभाव वाले समाधानों के प्रौद्योगिकी विकास, क्षेत्रीय सत्यापन, पायलट परीक्षण और तैनाती के लिए विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संगठनों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई (MSMEs) और उद्योग भागीदारों को मिलाकर बने चयनित बहु-विषयक संघों को ₹20 करोड़ तक का वित्तपोषण प्राप्त हो सकता है।
- इस मिशन का उद्देश्य जल क्षेत्र में क्षमता निर्माण, ज्ञान सृजन, बौद्धिक संपदा निर्माण और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना भी है।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: यह मिशन पाँच प्राथमिकता वाले विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा:
- जल संसाधन आकलन और सतत प्रबंधन – जल संसाधनों की निगरानी, नियोजन और सतत उपयोग में सुधार करना।
- पेयजल – पीने योग्य जल तक सुरक्षित, वहनीय और विश्वसनीय पहुंच सुनिश्चित करना।
- जल की गुणवत्ता और पारिस्थितिक स्वास्थ्य – प्रदूषण, पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण और जल की गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना।
- जल उपयोग दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था – कुशल जल उपयोग, पुनर्चक्रण, पुन: उपयोग और संसाधनों की पुनर्बहाली को बढ़ावा देना।
- जलवायु लचीलापन और अनुकूलन – जलवायु-प्रेरित जल तनाव, सूखे, बाढ़ और चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए समाधान विकसित करना।
मिशन का महत्व
- जल सुरक्षा को बढ़ावा: यह मिशन जल की कमी, भूजल के घटते स्तर, प्रदूषण और जलवायु-प्रेरित जल तनाव के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किए जा सकने वाले तथा स्थानीय स्तर पर अनुकूलन योग्य समाधान विकसित करने का प्रयास करता है।
- स्टार्टअप-प्रेरित नवाचार को बढ़ावा देना: समर्पित वित्तपोषण और ओपन कॉल्स स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSMEs) को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य जल प्रौद्योगिकियों और प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
- अनुसंधान और कार्यान्वयन के बीच के अंतर को पाटना: यह कार्यक्रम संपूर्ण नवाचार चक्र का समर्थन करता है—प्रयोगशाला अनुसंधान और प्रोटोटाइप विकास से लेकर क्षेत्रीय सत्यापन और बड़े पैमाने पर परिनियोजन तक।
- अनुसंधान वित्तपोषण का लोकतंत्रीकरण: एएनआरएफ (ANRF) का उद्देश्य देश भर के छोटे विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और उभरते नवप्रवर्तकों का समर्थन करके कुछ चुनिंदा विशिष्ट संस्थानों से परे अनुसंधान वित्तपोषण तक पहुंच का विस्तार करना है.
- क्षमता निर्माण और बौद्धिक संपदा का सृजन: यह मिशन जल क्षेत्र में ज्ञान सृजन, क्षमता निर्माण और बौद्धिक संपदा के निर्माण पर बल देता है, जिससे भारत का दीर्घकालिक नवाचार इकोसिस्टम सुदृढ़ होगा।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के बारे में
- ANRF अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है।
- इसका उद्देश्य भारत के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रयोगशालाओं में अनुसंधान और विकास (R&D) का बीजारोपण करना, उसे बढ़ाना एवं बढ़ावा देना तथा अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को पोषित करना है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप, ANRF देश में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के लिए रणनीतिक दिशा, समन्वय और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला शीर्ष निकाय है।
- ANRF की स्थापना के साथ ही, SERB अधिनियम 2008 के तहत गठित विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (SERB) को इस फाउंडेशन में समाहित कर लिया गया है।
