संदर्भ:

येल स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट के नवीनतम अध्ययन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी के व्यापक और बढ़ते पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में चेतावनी दी है।

मुख्य निष्कर्ष

  • चैटजीपीटी-3 के द्वारा कुछ प्रश्नों का जबाव देने में ही आधे लीटर तक पानी की खपत हो सकती है, जो एआई कंप्यूटिंग सिस्टम की पानी की भारी मांग को दर्शाता है।
  • एआई कंप्यूटिंग सिस्टम को उपकरण को क्रियाशील रखने के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। एआई सिस्टम जितना बड़ा होगा, पानी की आवश्यकता उतनी ही अधिक होगी।
  • कई निष्कर्षों से पता चला है कि वर्ष 2022 में, अकेले गूगल ने अपने डेटा सेंटर को ठंडा करने के लिए लगभग 20 बिलियन लीटर मीठे पानी का उपभोग किया।
  • गूगल और माइक्रोसॉफ्ट दोनों ने पानी के उपयोग में बड़ी वृद्धि देखने को मिली। गूगल की पानी की खपत में पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखने की मिली, वहीं माइक्रोसॉफ्ट की खपत पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक हुई।
  • इसके कारण मीठे पानी के संसाधनों पर दबाव बढ़ने वाला है, यह विशेषकर भारत जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलेगी।
  • एआई तकनीक प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन में भी योगदान देती है। हालाँकि, प्रत्येक प्रॉम्प्ट या प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े कार्बन उत्सर्जन की सटीक मात्रा निर्धारित करना एक चुनौती बनी हुई है।
  • विश्व में लगभग 9,000 से 11,000 क्लाउड डेटा सेंटर हैं, जिनमें से कई निर्माणाधीन हैं, जो सामूहिक रूप से बड़ी मात्रा में बिजली की खपत करते हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2026 तक इन डेटा केंद्रों की बिजली खपत 1,000 टेरावाट तक पहुँच सकती है, जो जापान के वर्तमान कुल बिजली उपयोग के बराबर है।
  • अधिकांश तकनीकी कंपनियों ने, मानकीकृत रिपोर्टिंग या विनियमों के अभाव में, या तो मनमाना डेटा प्रदान किया है या अपने एआई के पर्यावरणीय पदचिह्न के संबंध में विशिष्ट जानकारी को प्रदान नहीं किया है।

एआई संसाधन उपभोग का प्रभाव:

  • अर्थव्यवस्था में एआई का बढ़ता एकीकरण इसे ऊर्जा-खपत को बढ़ाने वाले कारकों के रूप में मानने की जरूरत है। अन्यथा, यह सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में किये जाने वाले कार्य में बाधक बन सकता है।
  • एआई उद्योग नीदरलैंड के आकार के देश जितनी ऊर्जा और संसाधनों का उपयोग कर सकता है, जिससे संसाधन के लिए होने वाला संघर्ष तेज हो सकती है।
  • प्रौद्योगिकी कंपनियों को ठंडा करने के लिए स्वच्छ, बैक्टीरिया मुक्त पानी की आवश्यकता होती है, जो खाना पकाने और पीने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में

  • 1956 में जॉन मैकार्थी द्वारा ‘एआई’ शब्द गढ़ा गया था।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता या एआई, उस तकनीक को संदर्भित करती है, जो कंप्यूटर और मशीनों को मानव बुद्धि और समस्या-समाधान कौशल की प्रतिकृति करने में सशक्त बनाती है।
  • एआई के विशिष्ट अनुप्रयोगों में विशेषज्ञ प्रणालियाँ, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, भाषण पहचान और मशीन विज़न शामिल हैं।
  • वर्तमान समय में, यह एक व्यापक शब्द के रूप में कार्य करता है, जो रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन से लेकर भौतिक रोबोटिक्स तक प्रौद्योगिकियों के एक स्पेक्ट्रम को कवर करता है।

एआई को विनियमित करने की पहल

  • एआई सुरक्षा पर अमेरिका का कार्यकारी आदेश: अमेरिकी राष्ट्रपति ने 30 अक्टूबर, 2023 को पहले एआई कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसके जरिए संघीय एजेंसियों को नैतिक एआई विकास सुनिश्चित करने और इसके तैनाती से संबंधित जोखिमों को कम करने का निर्देश दिया गया।
  • यूके एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन और ब्लेचली घोषणा: ब्लेचली घोषणा में उन्नत एआई प्रणालियों द्वारा उत्पन्न जोखिमों का आकलन और प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • सीआईजीआई द्वारा संचालित वैश्विक एआई जोखिम पहल: यह पहल अंतरराष्ट्रीय प्रशासन नवाचार केंद्र अर्थात, सेंटर फॉर इंटरनेशनल गवर्नेंस इनोवेशन (सीआईजीआई) द्वारा शुरू की गई है। यह स्वायत्त एआई सिस्टम के वैश्विक जोखिमों की पहचान करता है।
  • भारत के प्रधानमंत्री का वैश्विक ढाँचे का आह्वान: भारत के प्रधानमंत्री ने डीपफेक और एआई-संचालित हथियारों जैसे एआई जोखिमों पर प्रकाश डाला और इससे संबंधित मुद्दे से निपटने के लिए एक वैश्विक ढाँचे का आह्वान किया।
  • आईईसी (अन्तर्राष्ट्रीय विद्युत तकनीकी आयोग अर्थात, इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन) और आईएसओ एआई स्थिरता मानकों पर विश्व की उद्घाटन रिपोर्ट जारी करने में सहयोग कर रहे हैं।
  • चीन ने एआई पर पहला राष्ट्रीय बाध्यकारी विनियमन को अपनाया है।

आगे की राह

  • मानकीकृत रिपोर्टिंग: जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए तकनीकी कंपनियों को एआई के पर्यावरणीय प्रभाव को पारदर्शी रूप से रिपोर्ट करने का आदेश देना।
  • नियामक ढाँचा: स्थिरता लक्ष्यों के साथ संरेखित करते हुए, एआई के संसाधन के उपयोग की निगरानी और रोकथाम हेतु विनियमन लागू करना।
  • तकनीकी नवाचार: हरित एआई समाधानों हेतु अनुसंधान एवं विकास में निवेश करना तथा प्रदर्शन को बनाए रखते हुए पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था दृष्टिकोण: अपशिष्ट और संसाधन के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए एआई विनिर्माण और निपटान में चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों को अपनाना।  

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