- चर्चा में:
- भारत का 101वाँ रामसर स्थल ग्लाव झील (Glaw Lake), अरुणाचल प्रदेश है; इसे 3 अगस्त 2026 को नामित किया गया, जिससे भारत में कुल 101 रामसर स्थल हो गए। यह अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल है और कमलांग टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्य में स्थित है।
- यूनेस्को का रामसर सम्मेलन:
- यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।
- वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर।
- इसे आर्द्रभूमि पर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन के नाम से भी जाना जाता है।
- उद्देश्य: आर्द्रभूमियों का संरक्षण करना और उनका विवेकपूर्ण इस्तेमाल करना है।
- लागू: दिसंबर 1975
- भारत द्वारा हस्ताक्षर: 1 फ़रवरी, 1982
- आर्द्रभूमि दिवस: 2 फरवरी
- भारत में रामसर स्थलों से सम्बन्धित जानकारी:
- कुल संख्या: अगस्त 2026 तक, अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को रामसर सम्मेलन की सूची में शामिल किए जाने के साथ, भारत में कुल 101 रामसर स्थल हो गए हैं। 101वां रामसर स्थल 3 अगस्त, 2026 को नामित किया गया था।
- प्रथम रामसर स्थल: चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) – 1981 में नामित
- सर्वाधिक स्थलों वाला राज्य: तमिलनाडु (वर्तमान में भारत में सबसे अधिक रामसर स्थल यहीं हैं)
- कुल क्षेत्र: लगभग 13,87,741 हेक्टेयर
- शासी प्राधिकरण: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारत सरकार
- मध्यप्रदेश में रामसर स्थल: 5
- भोज वेटलैंड – भोपाल – 2002
- सांख्य सागर – शिवपुरी – 2022
- सिरपुर आर्द्रभूमि – इंदौर – 2022
- यशवंत सागर – इंदौर – 2022
- तवा जलाशय (यह इटारसी शहर के पास तवा और देनवा नदियों के संगम पर स्थित है) – अगस्त 2024

- मोंट्रेक्स रेकॉर्ड (Montreux Record):
- ‘मॉन्ट्रेक्स रिकॉर्ड‘ (Montreux Record) मुख्य रूप से रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (Wetlands) का एक रजिस्टर है।
- मोंट्रेक्स रेकॉर्ड (Montreux Record) उन आर्द्रभूमि स्थलों की एक सूची हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के हैं तथा उनके पारिस्थितिक चरित्र में परिवर्तन हुए हैं, हो रहे हैं, या तकनीकी विकास, प्रदूषण या अन्य मानव हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप परिवर्तन होने की संभावना है।
- यह रिकॉर्ड 1990 में स्थापित किया गया था और इसका उद्देश्य उन स्थलों को विशेष संरक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करना है, जो ख़तरे में हैं।
- यह रामसर सूची के भाग के रूप में शामिल है।
- वर्तमान में भारत के दो आर्द्रभूमियों को मोंट्रेक्स रिकॉर्ड में शामिल किया गया हैं:
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान – राजस्थान (1990)
- लोकटक झील – मणिपुर (1993)
- ओडिशा की चिलिका झील (Chilika Lake) को 1993 में मोंट्रेक्स रिकॉर्ड (Montreux Record – संकटग्रस्त आर्द्रभूमियों की सूची) में शामिल किया गया था, लेकिन सफल बहाली (restoration) के बाद वर्ष 2002 में इसे हटा दिया गया।

- संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO):
- पूर्ण रूप: United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization (UNESCO)
- यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष एजेंसी है।
- स्थापना: 16 नवंबर, 1945
- उद्देश्य: यह शिक्षा, विज्ञान एवं संस्कृति के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से शांति स्थापित करने का प्रयास करती है। साथ ही देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को मजबूत करना है।
- मुख्यालय: पेरिस
- यूनेस्को को सतत् विकास लक्ष्य-4 के माध्यम से ‘वैश्विक शिक्षा एजेंडा 2030’ का नेतृत्व सौंपा गया है।

निष्कर्षत: रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ हैं, जिनका संरक्षण जैव-विविधता, जल-सुरक्षा, बाढ़ नियंत्रण और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है।
