संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से संबंधित विषय।
सामान्य अध्ययन -3: सुरक्षा चुनौतियाँ और सीमावर्ती क्षेत्रों में उनका प्रबंधन।
संदर्भ: सरकार भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं के साथ विकास और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP) का विस्तार कर रही है। VVP-I और VVP-II के लिए कुल ₹11,639 करोड़ का प्रावधान है और इनका लक्ष्य 2,616 से अधिक गांवों को कवर करना है।
अन्य संबंधित जानकारी
• दो-चरणीय विस्तार: VVP-I उत्तरी सीमा से लगे गांवों को कवर करता है, जबकि VVP-II का विस्तार अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं तक किया गया है। इस प्रकार भारत की पूरी स्थलीय सीमा पर विकास और सुरक्षा के समन्वित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा रहा है।

• VVP-II का कवरेज: इसके तहत 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 334 ब्लॉकों में 1,954 गांवों को कवर किया गया है। इसके लिए वित्त वर्ष 2028–29 तक ₹6,839 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
• कार्यान्वयन में प्रगति: जुलाई 2026 तक, गृह मंत्रालय (MHA) ने ₹3,020.32 करोड़ की लागत वाली 1,248 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा अभिसरण के माध्यम से अन्य 1,655 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। ₹953.47 करोड़ जारी किए जा चुके हैं और 283 परियोजनाओं के पूरा होने की सूचना दी गई है।
• VVP-I के प्रमुख परिणाम: ₹2,481.93 करोड़ की लागत वाली 111 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनसे पहले संपर्क से वंचित 134 गांवों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, ₹145 करोड़ की 327 पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है तथा जुलाई 2026 तक 8,800 से अधिक आउटरीच/सेवा वितरण गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं।
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम को समझना
• नोडल मंत्रालय: गृह मंत्रालय (MHA) नोडल मंत्रालय है, जो राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कार्य करता है।
• मुख्य दृष्टिकोण: इस कार्यक्रम का उद्देश्य चयनित सीमावर्ती बस्तियों को देश के “अंतिम गांवों” से “प्रथम गांवों” में परिवर्तित करना तथा उन्हें विकास के जीवंत केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

• VVP-I: इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2022–23 में की गई थी और 15 फरवरी 2023 को इसे केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी गई। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 662 रणनीतिक गांवों के समग्र विकास का प्रावधान है। इससे लगभग 1.42 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
• VVP-II: इसे 2 अप्रैल 2025 को केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में मंजूरी दी गई, जिसका पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। इसे औपचारिक रूप से 20 फरवरी 2026 को असम के कछार जिले के नाथनपुर गांव में लॉन्च किया गया। इसके तहत VVP-I में शामिल उत्तरी सीमा के अलावा अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं से लगे चयनित गांवों को कवर किया जाता है।
• प्रमुख उद्देश्य: जीवन-स्तर में सुधार करना, टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करना, लागू सरकारी योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करना, लोगों को सीमावर्ती गांवों में रहने के लिए प्रोत्साहित करना तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सीमा सुरक्षा को मजबूत करना।
VVP के अंतर्गत प्रमुख हस्तक्षेप
• बुनियादी ढाँचा एवं कनेक्टिविटी: हर मौसम में आवागमन योग्य सड़कें, पेयजल, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति, मोबाइल/इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा तथा गांवों के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास।
• आजीविका एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था: पर्यटन, स्थानीय संस्कृति, कृषि/बागवानी, सामाजिक उद्यमिता, युवाओं एवं महिलाओं का सशक्तीकरण, सहकारी समितियाँ, स्वयं सहायता समूह (SHGs)/किसान उत्पादक संगठन (FPOs) तथा वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना।
• VVP-II के अंतर्गत हस्तक्षेप: सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वैल्यू चेन, SMART कक्षाएँ, पर्यटन सर्किट, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देना।
• योजना संतृप्ति: मौजूदा सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से यह सुनिश्चित करना कि पात्र परिवारों को उपलब्ध कल्याणकारी एवं विकास संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो।
• समुदाय-आधारित सीमा प्रबंधन: सीमा सुरक्षा बलों के लिए स्थानीय निवासियों को “आँख और कान” के रूप में सशक्त करना तथा सीमा-पार अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सामुदायिक जागरूकता को मजबूत करना।
• स्थानीयकृत योजना एवं अभिसरण: ग्राम कार्य योजनाओं के माध्यम से कार्यान्वयन करना तथा सीमा, राज्य और गांव की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप हस्तक्षेप करना। सीमावर्ती गांवों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति योजना के दिशा-निर्देशों में आवश्यक छूट की सिफारिश कर सकती है।
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का महत्त्व
• सीमा सुरक्षा को मजबूत करता है: सघन आबादी वाले और सशक्त सीमावर्ती क्षेत्र नागरिक उपस्थिति को मजबूत करते हैं तथा घुसपैठ, तस्करी और सीमा-पार अपराधों के विरुद्ध स्थानीय सूचनाएँ प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
• जनसांख्यिकीय लचीलेपन को बढ़ावा देता है: बेहतर कनेक्टिविटी और आजीविका के अवसर पलायन को कम कर सकते हैं तथा लोगों को सीमावर्ती गांवों में बने रहने या वापस लौटने या वापस लौटने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
• स्थानीय विकास केंद्रों का निर्माण करता है: पर्यटन, कृषि, सहकारी समितियाँ, SHGs और FPOs स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं तथा दूरस्थ सीमावर्ती अर्थव्यवस्थाओं को व्यापक बाजारों से जोड़ सकते हैं।
• विकास संबंधी अंतराल को कम करता है: भौगोलिक रूप से दुर्गम और ऐतिहासिक रूप से कम विकसित सीमावर्ती क्षेत्रों तक आवश्यक बुनियादी ढाँचे, सार्वजनिक सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करता है।
• विकास को सुरक्षा के साथ एकीकृत करता है: यह एक समेकित सीमा-प्रबंधन दृष्टिकोण स्थापित करता है, जिसमें विकास, आजीविका, जनसांख्यिकीय स्थिरता और सुरक्षा एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।
VVP और भारत की व्यापक सीमा-विकास रणनीति
• BADP पर आधारित: सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) वर्ष 1986–87 से लागू है। इसके अंतर्गत 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के साथ पहली आबादी से 0–10 किमी तक के क्षेत्र शामिल हैं। वर्तमान में यह योजना अपने समापन चरण में है।
• महत्त्वपूर्ण विकासात्मक प्रभाव: वित्त वर्ष 2004–05 से BADP के तहत 39,248 कार्यों/परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें सड़क, पुल, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी बुनियादी ढाँचा शामिल है। वहीं, 3,273 परियोजनाएँ पर्यटन, बाजार सुविधाओं और कौशल विकास के माध्यम से आजीविका पर केंद्रित रही हैं।
• व्यापक क्षेत्रों से रणनीतिक गांवों की ओर: VVP, BADP की आधारभूत संरचना पर आगे बढ़ते हुए अधिक लक्षित, ग्राम-केंद्रित और सुरक्षा से जुड़े दृष्टिकोण को अपनाता है। इसके तहत VVP-I में 662 रणनीतिक गांव और VVP-II में 1,954 गांव भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं के साथ शामिल किए गए हैं।
• समेकित सीमांत शासन: VVP पारंपरिक सीमा-क्षेत्र विकास से आगे बढ़कर एक समेकित मॉडल को बढ़ावा देता है, जिसमें बुनियादी ढाँचा, आजीविका, कल्याणकारी योजनाओं की संतृप्ति, जनसांख्यिकीय लचीलापन और सीमा प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया है।
