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सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबंधित विषय।
संदर्भ: हाल ही में प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का संवितरण किया। यह योजना औपचारिक रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की एक प्रमुख पहल है।
अन्य संबंधित जानकारी
• PM-VBRY एक राष्ट्रव्यापी रोजगार पहल है, जिसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है।
• जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित, यह योजना दो वर्षों (1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच) में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है, जिसमें लगभग 1.92 करोड़ पहली बार कार्यबल में शामिल होने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
• योजना का कुल परिव्यय ₹99,446 करोड़ है और यह पहली बार के कर्मचारियों तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन करने वाले नियोक्ताओं, दोनों को प्रोत्साहन प्रदान करती है।
• PM-VBRY को कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं और रोजगार विस्तार करने के इच्छुक उद्योगों के बीच एक सेतु के रूप में डिज़ाइन किया गया है, साथ ही यह कार्यबल के औपचारिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देती है।
PM-VBRY की मुख्य विशेषताएँ
• भाग A: पहली बार के कर्मचारियों के लिए सहायता
- EPFO में पंजीकृत और ₹1 लाख प्रति माह तक वेतन पाने वाले पहली बार के कर्मचारी, एक माह के ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन के पात्र हैं, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।
- यह प्रोत्साहन दो किस्तों में दिया जाता है—पहली किस्त छह महीने की निरंतर सेवा के बाद और दूसरी किस्त बारह महीने के बाद, बशर्ते वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा कर लिया गया हो।
- इस घटक से लगभग 1.92 करोड़ पहली बार के कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
• भाग B: नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन
- अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ता प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक के प्रोत्साहन के पात्र हैं।
- यह प्रोत्साहन सभी क्षेत्रों में दो वर्षों के लिए उपलब्ध है, जबकि विनिर्माण इकाइयों को दीर्घकालिक रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए तीसरे और चौथे वर्ष में विस्तारित सहायता प्राप्त होती है।
- इस योजना से लगभग 2.6 करोड़ अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का सृजन होने की उम्मीद है।
• हासिल की गई प्रगति
- योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ है और इतनी ही संख्या में पहली बार के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
- योजना के तहत लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी में छह महीने पूरे कर लिए हैं।
- लगभग 10 लाख लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जिसमें ₹2,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है।
- सरकार ने यह भी उल्लेख किया है कि लगभग 70 लाख नई नौकरियां सृजित की गई हैं और लगभग 70 लाख पहली बार के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज के अंतर्गत लाया गया है।
योजना का महत्व
• रोजगार सृजन और जनसांख्यिकीय लाभांश: भारत की विशाल युवा जनसंख्या केवल निरंतर रोजगार सृजन के माध्यम से ही एक उत्पादक संपत्ति बन सकती है। PM-VBRY नियोक्ताओं के लिए भर्ती लागत को कम करके और पहली बार कार्यबल में प्रवेश करने वाले श्रमिकों के लिए सुगमता प्रदान करके रोजगार सृजन में तेजी लाने का प्रयास करती है।
• कार्यबल का औपचारिकीकरण: प्रोत्साहन को EPFO पंजीकरण के साथ जोड़कर, यह योजना अनौपचारिक से औपचारिक रोजगार की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करती है, जिससे भविष्य निधि लाभों और सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच का विस्तार होता है।
• सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना: PM-VBRY रोजगार सृजन को सामाजिक सुरक्षा विस्तार के साथ एकीकृत करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नए नियोजित श्रमिकों को अधिक आर्थिक सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय संरक्षण प्राप्त हो।
• विनिर्माण और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन: विनिर्माण क्षेत्र के लिए विस्तारित प्रोत्साहन ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के पूरक हैं और श्रम-प्रधान औद्योगिक विकास, उत्पादकता वृद्धि तथा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता का समर्थन करते हैं।
