संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार।
संदर्भ: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में ‘क्वाड’ (Quad) के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ क्वाड देशों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा, लचीले बुनियादी ढांचे और हिंद-प्रशांत सहयोग पर प्रमुख पहलों का अनावरण किया।
बैठक के मुख्य परिणाम
- क्वाड देश ‘भारत-प्रशांत समुद्री डोमेन जागरूकता के लिए साझेदारी’ (IPMDA) के तहत हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग (IPMSC) और कॉमन ऑपरेशनल पिक्चर (COP) के विकास के माध्यम से समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमत हुए।
- इन देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों के निवेश, खनन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के समन्वय के लिए क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया।
- इसके अतिरिक्त, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत-अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर भी हस्ताक्षर किए।
- क्वाड ने ऊर्जा प्रौद्योगिकी, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, नीति समन्वय, बाजार विश्लेषण और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यासों में सहयोग बढ़ाने के लिए हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पर क्वाड पहल की शुरुआत की।
- सदस्य देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता, निर्बाध समुद्री वाणिज्य और अंतर्राष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से UNCLOS (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय) के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- क्वाड ने “क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप” की घोषणा की और भारत-प्रशांत क्षेत्र में विश्वसनीय एवं लचीले जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से एक पायलट पोर्ट बुनियादी ढांचा परियोजना पर फिजी के साथ सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।
- इन देशों ने सुरक्षित अंतःसमुद्री (अंडरसी) केबल नेटवर्क के रणनीतिक महत्व पर बल दिया और भारत-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘केबल कनेक्टिविटी और लचीलेपन के लिए क्वाड साझेदारी’ के तहत निरंतर सहयोग का संकल्प लिया।
- क्वाड ने भारत में पहलगाम आतंकवादी हमले सहित सभी रूपों में आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की, और आतंकवाद-विरोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (HADR) समन्वय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
क्वाड (Quad) के बारे में
- चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद, जिसे आमतौर पर ‘क्वाड’ के रूप में जाना जाता है, चार देशों: संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है।
- क्वाड की उत्पत्ति वर्ष 2004 में हिंद महासागर में आई सुनामी के दौरान हुई थी, जब इन चारों देशों ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों का समन्वय किया था।
- क्वाड अधिकारियों की पहली औपचारिक बैठक वर्ष 2007 में फिलीपींस में आसियान क्षेत्रीय मंच के इतर आयोजित की गई थी। लगभग एक दशक के अंतराल के बाद, वर्ष 2017 में इस समूह को पुनः नहींपुनः बहाल किया गया।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, खुले, समृद्ध और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
- इसका कोई सचिवालय और स्थायी निर्णय लेने वाला निकाय नहीं है।
- उद्देश्य:
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और खुले जल मार्गों को सुनिश्चित करना।
- सहयोगी प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का समाधान और शमन करना।
- आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना।
- क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा देना।
- वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग करना, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से ‘वैक्सीन कूटनीति’ के माध्यम से देखा गया था।
- “क्वाड प्लस” (Quad Plus) के रूप में अतिरिक्त भागीदारों को शामिल करने की संभावना तलाशना, जिसमें संभावित रूप से दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम जैसे देश शामिल हो सकते हैं।
- प्रमुख क्वाड पहल:
- हिंद-प्रशांतसमुद्री डोमेन जागरूकता के लिए साझेदारी (IPMDA): गैर-कानूनी मत्स्यन, तस्करी और गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों की निगरानी के लिए हिंद-प्रशांत देशों को उपग्रह-आधारित समुद्री ट्रैकिंग डेटा प्रदान करने हेतु इसे वर्ष 2022 में शुरू किया गया था।
क्वाड के विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के बारे में
- क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक एक वार्षिक मंत्रिस्तरीय जुड़ाव है, जिसमें चारों क्वाड देशों के विदेश मंत्री क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करने तथा भारत-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए शामिल होते हैं।
- यह बैठक समुद्री डोमेन जागरूकता, आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आतंकवाद-विरोध, साइबर सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में समन्वय को मजबूत करने पर केंद्रित होती है।
- क्वाड के विदेश मंत्री वर्ष 2019 से नियमित रूप से बैठकें कर रहे हैं।
- विदेश मंत्रियों की यह बैठक वार्षिक क्वाड लीडर्स समिट के लिए एक प्रमुख प्रारंभिक मंच के रूप में कार्य करती है, और पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड पहलों तथा साझेदारियों को क्रियान्वित करने में मदद करती है।
