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सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से संबंधित विषय; केंद्र और राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति-संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं।  

संदर्भ: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय पूरे भारत में ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (PM-AJAY) के कार्यान्वयन, निगरानी और सेवा वितरण को डिजिटल बनाने के लिए ‘पीएम-अजय’ (PM-AJAY) पोर्टल और ‘अजय’ (AJAY) मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा।

PM-AJAY पोर्टल के बारे में

  • पीएम-अजय पोर्टल को पीएम-अजय योजना के तहत कार्यान्वयन, निगरानी और महत्वपूर्ण निधि प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया जाएगा।
  • यह राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरीय डैशबोर्ड के माध्यम से 47,000 से अधिक अनुसूचित जाति बहुल गांवों और 4 मिलियन से अधिक लाभार्थियों की प्रगति पर नज़र रखेगा।
  • आदर्श ग्राम घटक के तहत, यह पोर्टल दस्तावेज-आधारित योजना के स्थान पर डिजिटल ‘ग्राम विकास योजनाओं’ (VDPs) को लागू करेगा, जिनकी निगरानी 10 विकासात्मक क्षेत्रों के 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के माध्यम से की जाएगी।
  • यह पोर्टल ‘सहायता अनुदान’ और छात्रावास घटकों के तहत आजीविका पहलों, निधि आवंटन और वित्तीय प्रगति की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत ‘प्रबंधन सूचना प्रणाली’ (MIS) के रूप में भी कार्य करेगा, साथ ही महत्वपूर्ण ट्रैकिंग और निधि प्रवाह को सक्षम बनाएगा।

AJAY मोबाइल ऐप के बारे में

  • अजय मोबाइल ऐप एकीकृत निगरानी, रिपोर्टिंग, निरीक्षण और लाभार्थी ट्रैकिंग जैसी विशेषताओं के साथ मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए ‘पीएम-अजय’ डिजिटल सेवाओं का विस्तार करेगा।
  • आदर्श ग्राम और सहायता अनुदान (GIA) घटकों के तहत, यह ऐप ऑफलाइन सर्वेक्षण, डिजिटल लाभार्थी पंजीकरण तथा आजीविका एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग को सक्षम बनाएगा।
  • छात्रावास घटक के तहत, यह ऐप बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जियो-टैग्ड और समय पर निगरानी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक प्रस्ताव जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा। इसकी मुख्य विशेषताओं में इंटीग्रेटेड लॉगिन, भूमिका-आधारित पहुँच नियंत्रण, जियो-टैगिंग, डैशबोर्ड रिपोर्टिंग और मोबाइल निरीक्षण शामिल होंगे।
  • इन प्लेटफॉर्मों का उद्देश्य ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के तहत पारदर्शिता, रीयल-टाइम निगरानी, समन्वय और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन में सुधार करना है।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के बारे में

  • पीएम-अजय अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वर्ष 2021-22 से कार्यान्वित की जा रही एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • इस योजना में पूर्ववर्ती तीन योजनाओं का विलय किया गया है:
    • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY)
    • अनुसूचित जाति उप-योजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता
    • बाबू जगजीवन राम छात्रवास योजना
  • योजना के उद्देश्य:
    • कौशल विकास, आजीविका सृजन और आय सहायता पहलों के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के बीच गरीबी को कम करना।
    • बेहतर बुनियादी ढांचा और आवश्यक सेवाएं प्रदान करके अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में सुधार करना।
    • स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास एवं आवासीय सुविधाओं के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों की साक्षरता और शैक्षिक भागीदारी को बढ़ाना।
  • निधि आवंटन का पैटर्न:
    • आदर्श ग्राम गतिविधियों के लिए 50% तक निधि आवंटित की जाती है।
    • प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS), तकनीकी सहायता समूहों (TSGs) और परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (PIUs) सहित प्रशासन, निगरानी और मूल्यांकन गतिविधियों के लिए 5% तक आवंटन किया जाता है।
    • छात्रावास निर्माण और मरम्मत के लिए 2% तक निधि आवंटित की जाती है।
    • शेष निधि अनुसूचित जाति की जनसंख्या और अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के मानदंडों के आधार पर सहायता अनुदान परियोजनाओं के लिए आवंटित की जाती है।

पात्रता मानदंड:

  • आय सृजन योजनाएँ और कौशल विकास कार्यक्रम: अनुसूचित जाति के वे व्यक्ति जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, इन लाभों के लिए पात्र हैं।
  • बुनियादी ढांचा विकास: 50% या उससे अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले गाँव इस योजना के तहत अनुदान के पात्र हैं।
  • गरीबी रेखा की परिभाषा और लाभार्थी का चयन: इसके लिए भूतपूर्व योजना आयोग के दिशा-निर्देशों तथा पंचायती राज संस्थानों के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे के अनुसूचित जाति परिवारों का चयन करने की ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

PM-AJAY के घटक

  • आदर्श ग्राम घटक:
    • इसका ध्यान अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों को “आदर्श ग्राम” में बदलने पर केंद्रित है।
    • इसके तहत विकास की निगरानी 10 विकासात्मक क्षेत्रों के 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के माध्यम से की जाती है।
    • चयनित गांवों में अवसंरचनात्मक कमियों को दूर करने और बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के लिए निधि दी जाती है।
    • वित्तीय वर्ष 2024-25 में, लगभग 4,928 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया, जिससे 4.25 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए।
  • सहायता अनुदान घटक:
    • यह अनुसूचित जाति समुदायों के लिए जिला और राज्य स्तरीय आजीविका तथा सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं को सहायता प्रदान करता है।
    • इसमें कौशल विकास, बुनियादी ढांचा सहायता और आय-सृजन गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है।
    • वर्ष 2021-22 से अब तक, ₹1,219.80 करोड़ की केंद्रीय सहायता के साथ लगभग 9,549 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे 2 लाख से अधिक अनुसूचित जाति लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
  • छात्रावास घटक:
    • यह केंद्र/राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा वित्तपोषित स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत में सहायता प्रदान करता है।
    • इस घटक का उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाओं तक पहुँच में सुधार करना है।
    • अब तक, 69,212 लाभार्थियों को कवर करने वाले 866 छात्रावासों को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत ₹936.27 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।

Sources:
DD News
PIB
Hindustan Times

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