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सामान्य अध्ययन-3: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतिरक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स के क्षेत्र में जागरूकता और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषय; विज्ञान और प्रौद्योगिकी – विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव।
संदर्भ: विश्व विकास रिपोर्ट 2026 के अनुसार, जनरेटिव एआई के कारण उच्च-आय वाले देशों में 14.2% नौकरियाँ ऑटोमेशन के संभावित दायरे में हैं, जबकि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह आंकड़ा केवल 4.5% है।
रिपोर्ट के बारे में
- वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026: द प्रॉमिस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित की गई है। यह रिपोर्ट विकासशील देशों के लिए सामान्य-उद्देश्य प्रौद्योगिकी के रूप में एआई के प्रभावों तथा लंबे समय से चली आ रही विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान में इसकी संभावित भूमिका का विश्लेषण करती है।
- यह रिपोर्ट विश्व बैंक द्वारा 1978 से प्रतिवर्ष प्रकाशित की जा रही है।
- वर्ष 2026 की रिपोर्ट एआई के लिए तीन मार्गों पर जोर देती है:
- मौजूदा एआई को अपनाना (Adopt)
- इसे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अनुकूलित करना (Adapt)
- अंततः अग्रणी एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ना (Advance)
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

- स्वचालन का असमान प्रभाव: उच्च-आय वाले देशों में लगभग 14.2% नौकरियाँ जनरेटिव एआई द्वारा स्वचालन के लिए उपयुक्त हैं, जबकि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह केवल 4.5% है। वहीं, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 16.2% नौकरियाँ ऐसी हैं, जिनमें एआई द्वारा मानव कार्यक्षमता को बढ़ाने/पूरक करने की संभावित क्षमता है।
प्रमुख निष्कर्ष
- एआई उत्पादकता बढ़ा सकता है: एआई किसानों, छोटे व्यवसायों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सरकारों को बेहतर निर्णय लेने, विशेषीकृत कौशल की कमी को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने में सहायता कर सकता है।
- निम्न-आय और निम्न-मध्यम-आय वाले देशों में लगभग 90% श्रमिक 10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों में कार्य करते हैं, जिससे छोटे व्यवसायों में एआई-सक्षम उत्पादकता वृद्धि की व्यापक संभावनाएँ हैं।
- तीव्र वैश्विक प्रसार: एआई का प्रसार पिछली सामान्य-उद्देश्य प्रौद्योगिकियों की तुलना में अधिक तेजी से हो रहा है। ChatGPT के लॉन्च के छह महीने के भीतर, मध्यम-आय वाले देशों की संयुक्त हिस्सेदारी इसके कुल ट्रैफिक में आधी थी।
- एआई आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है: वर्तमान अपनाने की प्रवृत्तियों के अनुसार, एआई से उत्पादकता लाभ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में दो गुने से अधिक होने की संभावना है, जिसका प्रमुख कारण इसका व्यापक स्तर पर अपनाया जाना है।
- आशावादी परिदृश्य में, 2020 के दशक के दौरान एआई संभावित वार्षिक आर्थिक वृद्धि को विकसित अर्थव्यवस्थाओं में 1.2% से बढ़ाकर 3.6% तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 4.1% से बढ़ाकर 4.9% कर सकता है।
- व्यापक विकासात्मक प्रभाव: एआई बेहतर पूर्वानुमान, संसाधन आवंटन और कार्यक्रम प्रबंधन के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में सुधार कर सकता है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में भी परिवर्तन ला सकता है। हालांकि, इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव विश्वास, निर्भरता, अभिव्यक्ति और निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकते हैं।
- चुनौतियाँ:
- कमजोर आधारभूत संरचना: अपर्याप्त बिजली, इंटरनेट, कौशल और डिजिटल अवसंरचना एआई को अपनाने की क्षमता को सीमित कर सकती है।
- एकाग्रता: उन्नत एआई मॉडल, अर्धचालक, डेटा केंद्र और प्रतिभाशाली मानव संसाधन कुछ चुनिंदा देशों और कंपनियों में केंद्रित हैं।
- असमानता एवं रोजगार में व्यवधान: एआई उत्पादकता के अंतर को बढ़ा सकता है तथा ज्ञान-प्रधान और प्रारंभिक स्तर की नौकरियों में व्यवधान उत्पन्न कर सकता है।
- आर्थिक एवं सामाजिक जोखिम: एआई व्यापार, विनिर्माण और व्यवसाय-प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (BPO) को प्रभावित कर सकता है, ऊर्जा लागत एवं अस्थिरता बढ़ा सकता है तथा धोखाधड़ी और साइबर अपराध को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- सिफारिशें
- अपनाना (Adopt): कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यवसायों और सार्वजनिक सेवाओं के लिए मौजूदा एआई अनुप्रयोगों का उपयोग करना।
- अनुकूलित करना (Adapt): एआई को स्थानीय भाषाओं, आँकड़ों, संस्थानों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना तथा इसके लिए कंप्यूटिंग अवसंरचना और तकनीकी कौशल विकसित करना।
- बुनियादी आधार को मजबूत करना: बिजली, इंटरनेट, बुनियादी कौशल, डिजिटल अवसंरचना, कंप्यूटिंग क्षमता और एआई-अनुकूल सरकारी आँकड़ों में निवेश करना।
- विश्वसनीय एआई शासन व्यवस्था विकसित करना: एआई अनुप्रयोगों के क्रय, निगरानी, मूल्यांकन और विस्तार के लिए प्रभावी प्रणालियाँ विकसित करना तथा संभावित हानियों से निपटने के लिए मानकों और विनियमों का उपयोग करना।
- सावधानीपूर्वक अपनाना और अनुकूलित करना: एआई को लेकर ‘अति-उत्साह’ (Hype) और ‘अति-भय’ (Hysteria) दोनों से बचना तथा एआई को सावधानीपूर्वक लेकिन बिना विलंब के अपनाना और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित करना; अंततः एआई क्षमताओं को उन्नत करना।
