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सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

संदर्भ: सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफवियतनाम के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ से ‘संवर्धित व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (ECSP) के स्तर तक उन्नत किया।

यात्रा के मुख्य परिणाम

  • राजनीतिक एवं रणनीतिक: भारत और वियतनाम ने “साझा दृष्टिकोण, रणनीतिक अभिसरण और ठोस सहयोग” के आधार पर अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘संवर्धित व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ तक उन्नत किया।
    • दोनों पक्ष भारत-वियतनाम कार्ययोजना (2024–2028) को कार्यान्वित करने और नियमित उच्च-स्तरीय सहभागिता बनाए रखने पर सहमत हुए।
    • वियतनाम ने संशोधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की।
    • भारत ने ब्रिक्स (BRICS) भागीदार देश के रूप में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया, और वियतनाम ने भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता का स्वागत किया।
  • व्यापार एवं आर्थिक सहयोग: दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नया द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया है।
    • वियतनाम में भारतीय अंगूरों और भारत में वियतनामी ड्यूरियन (durian) के लिए बाज़ार पहुँच प्रदान की गई।
    • दोनों पक्ष आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा में तेज़ी लाने पर सहमत हुए।
    • आपूर्ति श्रृंखला, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, ई-वाहन (EVs), डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप्स के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया जाएगा।
  • रक्षा और सुरक्षा: संयुक्त अभ्यास और नौसैनिक सहभागिता, समुद्री सुरक्षा एवं हाइड्रोग्राफी, रक्षा औद्योगिक सहयोग व सह-उत्पादन, तथा साइबर सुरक्षा एवं आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग को घनिष्ठ करने पर सहमति बनी।
    • दोनों पक्षों ने वियतनाम को दी गई भारतीय रक्षा लाइन ऑफ क्रेडिट में हुई प्रगति का स्वागत किया।
    • वियतनाम ने ITEC (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम के तहत भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली सैन्य प्रशिक्षण सहायता की सराहना की।
  • समुद्री सहयोग: वियतनाम हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) में शामिल हुआ।
    • दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में नौवहन की स्वतंत्रता और 1982 के समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि (UNCLOS) के पालन पर बल दिया।
    • समुद्री क्षेत्र जागरूकता, समुद्र विज्ञान और मत्स्य पालन के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार किया जाएगा।
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सहयोग: डिजिटल प्रौद्योगिकियों, क्यूआर-कोड आधारित सीमा-पार पेमेंट कनेक्टिविटी और दुर्लभ मृदा सहयोग पर समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
    • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी), परमाणु प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार किया जाएगा।
    • भारत ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने की वियतनाम की रुचि का स्वागत किया।
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल: वियतनाम ने वर्ष 2027 से सार्वजनिक खरीद में भारतीय भेषज (फार्मास्युटिकल) कंपनियों की भागीदारी की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति व्यक्त की।
  • संस्कृति और जन संबंध: सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026-2030 पर हस्ताक्षर हुए।
    • भारत ने ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के प्रति वियतनाम के समर्थन की सराहना की।
    • वियतनाम ने भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों (पवित्र अस्थि अवशेषों) को सार्वजनिक प्रदर्शनी हेतु भेजने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया।
    • दोनों देशों ने बौद्ध पर्यटन, शैक्षिक आदान-प्रदान और सीधी उड़ान कनेक्टिविटी (हवाई संपर्क) को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।
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