संबंधित पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-1: भारतीय संस्कृति में प्राचीन से आधुनिक काल तक कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के प्रमुख पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

संदर्भ: भारत की यूनेस्को अस्थायी सूची में पाँच नए विरासत प्रस्ताव शामिल होने के बाद अब इसमें कुल 78 स्थल दर्ज हो गए हैं। यह उपलब्धि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • पाँच नए प्रस्ताव हैं: बाघ गुफा चित्रकला, चंबल घाटी के मंदिरों का समूह, उदयगिरि गुफाएँ, गिन्नौरगढ़ किला और सत्याग्रह स्थल।
  • इनमें से चार स्थल मध्य प्रदेश में स्थित हैं, जबकि सत्याग्रह स्थल भारत और दक्षिण अफ्रीका से संबंधित एक श्रृंखलाबद्ध पार-राष्ट्रीय प्रस्ताव है।
  • ये नए प्रस्ताव भारत की विरासत के विभिन्न आयामों को समेटते हैं, जिनमें बौद्ध कला, गुप्तकालीन वास्तुकला, मध्यकालीन मंदिर वास्तुकला, गोंड विरासत और महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विकास की यात्रा शामिल हैं।

नए स्थल

  • बाघ गुफा चित्रकला: मध्य प्रदेश में स्थित चट्टानों को काटकर बनाई गई नौ बौद्ध गुफाओं का समूह, जो मुख्यतः चौथी–छठी शताब्दी ईस्वी की हैं।
    • इनमें बने भित्तिचित्र, विशेष रूप से गुफा 4 के चित्र, अजंता के बाद की बौद्ध चित्रकला के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
  • चंबल घाटी के मंदिरों का समूह: इसमें बटेश्वर, पदावली और काकरमठ शामिल हैं। ये मुख्यतः 8वीं–11वीं शताब्दी ईस्वी के प्रारंभिक मध्यकालीन मंदिर हैं।
    • ये क्षेत्रीय नागर शैली की मंदिर वास्तुकला के विकास के एक महत्वपूर्ण चरण को दर्शाते हैं।
  • उदयगिरि गुफाएँ: यह गुप्तकालीन चट्टानों को काटकर बनाया गया धार्मिक परिसर है, जिसका विकास मुख्यतः चौथी शताब्दी के उत्तरार्ध और पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के प्रारंभ में हुआ।
    • इसमें 20 गुफाएँ हैं, जिनमें मूर्तियाँ और अभिलेख मिलते हैं। गुफा 5 में विष्णु के प्रसिद्ध वराह रूप की मूर्ति स्थित है।
  • गिन्नौरगढ़ किला: यह गोंड राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र था, जो 16वीं शताब्दी के प्रारंभ से 18वीं शताब्दी के प्रारंभ तक महत्वपूर्ण रहा।
    • इस परिसर में महल, बावड़ियाँ, जलाशय, भित्तिचित्र और उन्नत जल-प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।
  • सत्याग्रह स्थल: यह नौ संपत्तियों वाला श्रृंखलाबद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रस्ताव है—भारत में सात (महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक, साबरमती आश्रम, मणि भवन, हरिजन सेवक संघ, सेवाग्राम आश्रम, आग़ा ख़ान पैलेस और गांधी स्मृति) तथा दक्षिण अफ्रीका में दो (पीटरमैरिट्ज़बर्ग रेलवे स्टेशन और फीनिक्स सेटलमेंट)।
    • यह दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह की उत्पत्ति से लेकर भारत में इसके विकास और संस्थागत रूप लेने तक महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार की यात्रा को दर्शाता है।

यूनेस्को अस्थायी सूची के बारे में

  • अस्थायी सूची सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत स्थलों की एक सूची है, जिन्हें कोई राष्ट्र पक्षकार संभावित रूप से यूनेस्को विश्व विरासत सूची में नामांकन के लिए उपयुक्त मानता है।
  • किसी स्थल का अस्थायी सूची में शामिल होना आवश्यक है, तभी उसके नामांकन पर विश्व विरासत समिति द्वारा विचार किया जा सकता है।
  • यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र की स्थापना 1992 में हुई थी। यह विश्व विरासत से संबंधित मामलों में यूनेस्को के भीतर केंद्रीय समन्वयक और संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करता है। इसमें राज्य पक्षों को स्थलों के नामांकन की तैयारी में सहायता देना तथा विश्व विरासत समिति के कार्यों में सहयोग करना शामिल है।
  • इसके बाद राज्य पक्ष नामांकन तैयार करता है, जिसमें प्रारंभिक मूल्यांकन और विस्तृत नामांकन दस्तावेज शामिल होते हैं।
  • प्रस्ताव का मूल्यांकन यूनेस्को के सलाहकार निकायों द्वारा किया जाता है:
    • ICOMOS — सांस्कृतिक विरासत के लिए
    • IUCN — प्राकृतिक विरासत के लिए
      इसके बाद विश्व विरासत समिति अंतिम निर्णय लेती है।
  • भारत में विश्व विरासत प्रक्रिया में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और यूनेस्को के लिए भारतीय राष्ट्रीय सहयोग आयोग (INCCU) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • महत्वपूर्ण रूप से किसी स्थल का अस्थायी सूची में शामिल होना यह नहीं दर्शाता कि वह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल बन चुका है।

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