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सामान्य अध्ययन-3: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में जागरूकता तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मुद्दे।
संदर्भ: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) और लुइस बिजनेस स्कूल (LBS) द्वारा जारी विश्व अमूर्त निवेश रिपोर्ट, 2026 में भारत को विश्व की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अमूर्त निवेश में सर्वाधिक तीव्र वृद्धि दर्ज करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में दर्शाया गया है।
विश्व अमूर्त निवेश रिपोर्ट के बारे में
- यह ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमूर्त संपत्तियों पर WIPO–LBS साझेदारी’ के अंतर्गत WIPO और लुइस बिजनेस स्कूल (LBS) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित रिपोर्ट का तीसरा संस्करण है।
- यह ‘ग्लोबल INTAN-Invest डेटाबेस’ पर आधारित है, जो 29 उच्च एवं मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में मापित तथा अमापित दोनों प्रकार की अमूर्त संपत्तियों में निवेश का आकलन करता है। इसमें सॉफ्टवेयर, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डेटाबेस, ब्रांड, डिजाइन, संगठनात्मक पूंजी तथा बौद्धिक संपदा (IP) शामिल हैं। यह डेटाबेस वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 57% को कवर करता है।
- वर्ष 2026 का संस्करण अमूर्त निवेश को बढ़ावा देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका का भी परीक्षण करता है तथा ‘ब्रांड’ को विशेष विषय के रूप में प्रस्तुत करता है।
- वर्ष 2026 के संस्करण में पहली बार कनाडा और फिलीपींस को डेटाबेस में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
वैश्विक निष्कर्ष
- वैश्विक अमूर्त निवेश वर्ष 2025 में पहली बार 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के पार पहुँच गया।
- वर्ष 2008 के बाद से अमूर्त निवेश की वृद्धि दर, मूर्त निवेश की तुलना में तीन गुना से अधिक रही है।
- वर्ष 2020–2025 के दौरान अमूर्त निवेश में 5.5% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मूर्त निवेश में यह 3.2% रही।
- औपचारिक क्षेत्र का अमूर्त निवेश अब GDP का 12.8% है, जो कवर की गई अर्थव्यवस्थाओं में मूर्त निवेश (11.8%) से अधिक है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका अमूर्त संपत्तियों में सबसे बड़ा निवेशक बना हुआ है, जिसके बाद जापान और जर्मनी का स्थान है।
- स्वीडन ने GDP के अनुपात में सर्वाधिक अमूर्त निवेश तीव्रता दर्ज की है, जिसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस का स्थान है।
- लगभग 62% अमूर्त निवेश आधिकारिक राष्ट्रीय खातों में अमापित रहता है, क्योंकि संगठनात्मक पूंजी, ब्रांड तथा डिजाइन जैसी संपत्तियों को पूर्ण रूप से शामिल नहीं किया जाता।
- रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सॉफ्टवेयर, डेटा, अनुसंधान एवं विकास (R&D), ब्रांड, संगठनात्मक पूंजी तथा कौशल में निवेश को गति प्रदान कर रही है। साथ ही, यह AI-संबंधित भौतिक अवसंरचना की मांग को भी बढ़ा रही है।
- रिपोर्ट वैश्विक अर्थव्यवस्था में भौतिक संपत्तियों से ज्ञान, नवाचार एवं बौद्धिक संपदा-आधारित संपत्तियों की ओर हो रहे संरचनात्मक परिवर्तन को रेखांकित करती है।
भारत-विशिष्ट निष्कर्ष
- भारत ने विश्व की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अमूर्त निवेश में सर्वाधिक तीव्र वृद्धि दर्ज की, जो वर्ष 2022–23 के दौरान 7.9% रही।
- वर्ष 2023 में भारत का अमूर्त निवेश 78.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जिसने कई यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया।
- पिछले एक दशक (2013–2023) के दौरान भारत का अमूर्त निवेश औसतन 5.3% की वार्षिक दर से बढ़ा।
- सॉफ्टवेयर एवं डेटाबेस का भारत के कुल अमूर्त निवेश में लगभग 45% योगदान रहा, जो कवर की गई सभी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक है।
- भारत के अमूर्त निवेश में संगठनात्मक पूंजी का योगदान 21.8%, जबकि ब्रांड की हिस्सेदारी 9.3% रही।
- वर्ष 2023 में भारत का औपचारिक क्षेत्र का अमूर्त निवेश GDP के 10% तक पहुँच गया, जो ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर उसके संक्रमण को दर्शाता है।
- रिपोर्ट भारत के इस सशक्त प्रदर्शन का श्रेय सॉफ्टवेयर, अनुसंधान एवं विकास (R&D), बौद्धिक संपदा, नवाचार तथा संगठनात्मक क्षमताओं में बढ़ते निवेश को देती है, जिसे तीव्र डिजिटलीकरण तथा एक सुदृढ़ सूचना प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन प्राप्त है।
