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सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

संदर्भ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री बुनियादी ढांचे और रणनीतिक कनेक्टिविटी (सामरिक जुड़ाव) के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा की।

अन्य संबंधित जानकारी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के संपूर्ण आयामों की समीक्षा की।
  • दोनों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति, रक्षा सहयोग, जहाज मरम्मत बुनियादी ढांचे, समुद्री कौशल विकास, सुपरकंप्यूटिंग और निवेश से संबंधित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
  • यूएई ने भारत के बैंकिंग, बुनियादी ढांचे और वित्तीय क्षेत्रों में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो बढ़ते आर्थिक विश्वास और दीर्घकालिक रणनीतिक अभिसरण को दर्शाता है।
  • यह यात्रा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं के बीच संपन्न हुई, जिसमें भारत ने अपने ऊर्जा सुरक्षा हितों के कारण सुरक्षित समुद्री नौवहन और क्षेत्रीय स्थिरता पर विशेष बल दिया।

यात्रा के प्रमुख परिणाम

  • रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार समझौता: 30 मिलियन बैरल तक कच्चे तेल के भंडारण और एलएनजी/एलपीजी (LNG/LPG) भंडारण में सहयोग के लिए ISPRL और ADNOC के बीच समझौता ज्ञापन (MoU)।
    • यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करता है और आपूर्ति में व्यवधानों के विरुद्ध सुदृढ़ता प्रदान करता है।
  • दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति समझौता: दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति के लिए IOCL और ADNOC के बीच रणनीतिक सहयोग।
    • घरेलू उपभोग के लिए विश्वसनीय एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
  • रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए ढांचा: रक्षा विनिर्माण, नवाचार, साइबर रक्षा, समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग।
    • रक्षा औद्योगिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
  • वाडिनार, गुजरात में जहाज मरम्मत क्लस्टर: जहाज मरम्मत और अपतटीय निर्माण सुविधाओं के लिए CSL और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच समझौता ज्ञापन।
    • महत्व: समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देता है और ‘मेक इन इंडिया’ का समर्थन करता है।
  • जहाज मरम्मत में कौशल विकास: समुद्री कार्यबल प्रशिक्षण के लिए CSL, DDW और CEMS के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन।
    • जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत में कुशल जनशक्ति को सुदृढ़ करता है।
  • 8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर: ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission) के तहत सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए CDAC इंडिया और G42 के बीच साझेदारी।
    • महत्व: भारत के एआई मिशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमताओं को गति प्रदान करता है।
  • यूएई की निवेश प्रतिबद्धताएं: यूएई ने 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की: एमिरेट्स एनबीडी द्वारा आरबीएल बैंक में 3 अरब डॉलर, एडीआईए द्वारा एनआईआईएफ (NIIF) के साथ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 1 अरब डॉलर, और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल (Sammaan Capital) में 1 अरब डॉलर का निवेश।
    • पूंजी प्रवाह का विस्तार करता है और रणनीतिक निवेश साझेदारी को मजबूत करता।
  • मैत्री (MAITRI) का उपयोग करके वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर: डिजिटल सीमा शुल्क और बंदरगाह कनेक्टिविटी ढांचा।
    • रसद लागत को कम करता है और कार्गो आवाजाही की दक्षता में सुधार करता है।

Source:
Pib
Newsonair
Pmindia
Mea

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