संदर्भ

भारत की पंचायती राज संस्थाओं से निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (EWR) ने संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या एवं विकास आयोग (CPD57) के एक साइड इवेंट (side event) में भाग लिया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • इस साइड इवेंट को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के सहयोग से आयोजित किया गया।
  • इसका आयोजन 3 मई 2024 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र CPD57 के 57वें सत्र के एक भाग के रूप में किया गया था ।
  • सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) का स्थानीयकरण: भारत में स्थानीय शासन में महिलाएं अग्रणीशीर्षक वाले कार्यक्रम में भारत की प्रगति को प्रदर्शित किया गया।
  • भारत की पंचायती राज संस्थाओं से निर्वाचित महिला प्रतिनिधि (EWR) इस कार्यक्रम का केन्द्र बिन्दु थीं।
  • इस कार्यक्रम में तीन प्रमुख पंचायत प्रतिनिधि, श्रीमती सुप्रिया दास दत्ता, श्रीमती कुनुकु हेमा कुमारी और श्रीमती नीरू यादव ने भाग लिया, जिन्होंने बाल विवाह से निपटने, शिक्षा को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन, आजीविका के अवसरों और पर्यावरणीय स्थिरता से लेकर खेल विकास तक के अपने अनुभव साझा किए।
  • राजदूत रुचिरा कंबोज ने भारत की पंचायती राज प्रणाली को विकेन्द्रीकृत सत्ता और प्रत्यक्ष लोकतंत्र का एक मॉडल बताया, जो नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को सुविधाजनक बनाता है।
  • पंचायती राज मंत्रालय के सचिव ने स्थानीय शासन में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, जिसमें 46 प्रतिशत से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि महिलाएं हैं।
  • उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार ग्राम पंचायतें वार्षिक योजनाओं, संसाधनों और जियो-टैगिंग तथा ऑडिट ऑनलाइन जैसे तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीयकृत कर रही हैं।
  • पंचायतों के समग्र विकास, प्रदर्शन और प्रगति का आकलन करने के लिए पंचायत विकास सूचकांक जैसी पहल ।
  • पंचायती राज संस्थाएं विकास और नीतिगत हस्तक्षेप के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में भी सहायक रही हैं।
  • ऐसी पहलों के उदाहरणों में केंद्र सरकार के “ड्रोन दीदी” और “लखपति दीदी” कार्यक्रम शामिल हैं|

महत्व

  • सतत विकास लक्ष्य और महिला सशक्तिकरण के लिए भारत के प्रयास : यह एसडीजी को प्राप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता और पंचायती राज प्रणाली के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के प्रयासों को प्रदर्शित करता है।
  • सर्वोत्तम व्यवस्था के रूप में पंचायती राज व्यवस्था: यह आयोजन स्थानीय शासन में भारत की पंचायती राज प्रणाली की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, जो संभावित रूप से अन्य विकासशील देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर रही है।

जनसंख्या और विकास आयोग (CPD)

  • 1946 में स्थापित (मूल रूप से जनसंख्या आयोग कहा जाता था, 1994 में इसका नाम बदल दिया गया)।
  • इसके कार्यों मे से एक, जनसंख्या और विकास पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ((ICPD) के कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर प्रगति की निगरानी और समीक्षा करना है ।
  • यह राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम संचालित करता है।
  • जनसंख्या और विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है , जिनमें शामिल हैं:
    • जनसंख्या प्रवृत्तियाँ और विकास पर उनका प्रभाव
    • जनसंख्या संबंधी चिंताओं को विकास रणनीतियों में शामिल करना
    • जनसंख्या एवं विकास से संबंधित नीतियां एवं कार्यक्रम

संरचना

  • न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रतिवर्ष बैठक होती है ।
  • इसमें भौगोलिक वितरण के आधार पर चार साल की अवधि के लिए ECOSOC द्वारा चुने गए 47 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • प्रतिनिधियों की जनसंख्या और विकास के संबंध में प्रासंगिक पृष्ठभूमि होनी चाहिए।

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