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सामान्य अध्ययन-1: महिलाओं और महिला संगठनों की भूमिका, जनसंख्या एवं उससे संबंधित मुद्दे, गरीबी एवं विकास संबंधी मुद्दे, शहरीकरण, उससे संबंधित समस्याएँ एवं उनके समाधान।

संदर्भ: यूएन वीमेन और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UN DESA) द्वारा जारी जेंडर स्नैपशॉट 2026,  17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में लैंगिक समानता की स्थिति का आकलन करता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक लैंगिक समानता हासिल करने की दिशा में प्रगति अभी भी बहुत धीमी है।

अन्य संबंधित जानकारी

वार्षिक आकलन: जेंडर स्नैपशॉट 2026, यूएन वीमेन और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UN DESA) द्वारा तैयार की जाने वाली वार्षिक श्रृंखला का नवीनतम संस्करण है।

दायरा: रिपोर्ट में सभी 17 सतत विकास लक्ष्यों को शामिल किया गया है। इसमें 2030 एजेंडा के तहत लैंगिक समानता से संबंधित प्रगति और कमियों का आकलन करने के लिए उपलब्ध नवीनतम आँकड़ों का उपयोग किया गया है।

SDG 5 ट्रैकर: इसमें सतत विकास लक्ष्य 5 के अंतर्गत 9 लक्ष्यों और 18 संकेतकों/उप-संकेतकों का अलग से आकलन किया गया है। इसमें उपलब्धि के वर्तमान स्तर के साथ-साथ प्रगति की गति को भी शामिल किया गया है।

प्रमुख निष्कर्ष: वर्तमान गति से लैंगिक समानता से संबंधित SDG 5 को हासिल करने में 171 वर्ष लगेंगे, जबकि वर्तमान में SDG 5 का एक भी लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रगति के पथ पर नहीं है।

  • रिपोर्ट महिलाओं के नेतृत्व और निर्णय-निर्माण को SDG 5 तथा अन्य लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को तेज करने वाला केंद्रीय कारक मानती है।

जेंडर स्नैपशॉट 2026 के प्रमुख निष्कर्ष

कानूनी समानता: वैश्विक स्तर पर महिलाओं को पुरुषों को प्राप्त कानूनी अधिकारों का केवल 64% ही प्राप्त है, जबकि 131 में से 51% देशों में अभी भी महत्वपूर्ण कानूनी अंतर मौजूद हैं। हालांकि, 2019–2024 के दौरान 47 देशों में 99 कानूनी सुधार दर्ज किए गए।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व: 2026 में महिलाओं के पास राष्ट्रीय संसदों की 27.4% सीटें थीं, जबकि 2025 में स्थानीय सरकारों में महिलाओं की हिस्सेदारी 35.6% थी। मंत्रिमंडल में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 22.4% थी, जबकि संसद के अध्यक्ष पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 19.9% थी।

हिंसा और हानिकारक प्रथाएँ: 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की लगभग हर 3 में से 1 महिला ने अपने जीवनकाल में साथी या यौन हिंसा का अनुभव किया है; लगभग हर 5 में से 1 लड़की का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाता है, और अनुमानतः 23 करोड़ महिलाएँ एवं लड़कियाँ महिला जननांग विकृति (FGM) से प्रभावित हैं।

देखभाल और प्रजनन अधिकार: महिलाएँ और लड़कियाँ पुरुषों की तुलना में अवैतनिक घरेलू एवं देखभाल संबंधी कार्यों में 2.5 गुना अधिक घंटे बिताती हैं, जबकि 15–49 वर्ष की विवाहित/साथी के साथ रहने वाली महिलाओं में केवल 56.3% को अपने यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों के संबंध में पूर्ण निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त है।

आर्थिक असमानता: 2024 में 9.9% महिलाएँ अत्यधिक गरीबी में जीवन जी रही थीं, जबकि पुरुषों में यह अनुपात 9.5% था। आर्थिक मंत्रालयों/विभागों से संबंधित मंत्री पदों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 19% थी, जबकि महिला श्रम-बल भागीदारी दर 63.9% थी, जो पुरुषों की 92% की तुलना में कम है।

नेतृत्व और प्रौद्योगिकी: 62 देशों/क्षेत्रों के लगभग 9,600 निदेशक मंडलों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 5.8% CEO पदों और 25.1% बोर्ड सीटों पर थी। वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 31.4% थी और AI पेशेवरों में लगभग 22%, जबकि वरिष्ठ AI नेतृत्व पदों पर उनकी हिस्सेदारी 14% से भी कम थी।

जलवायु, संघर्ष और समावेशन: लगभग 2.9 अरब महिलाएँ और लड़कियाँ ऐसे देशों में रहती थीं, जो जलवायु परिवर्तन या भू-भौतिकीय खतरों के प्रति उच्च या अत्यधिक उच्च स्तर पर संवेदनशील थे। 2025 में लगभग 10 में से 8 शांति प्रक्रियाओं में महिला वार्ताकार या मध्यस्थ शामिल नहीं थीं। दिव्यांग महिलाओं की रोजगार दर केवल 23% थी, जबकि गैर-दिव्यांग महिलाओं के लिए यह 46% थी।

वित्तपोषण: लैंगिक समानता के उद्देश्यों से संबंधित द्विपक्षीय आवंटन योग्य सहायता में 2023 और 2024 के बीच 13% की कमी आई, जबकि महिला अधिकार संगठनों के लिए वित्तपोषण में 28% की गिरावट दर्ज की गई।

लैंगिक समानता की प्रगति क्यों ठहर गई है?

संरचनात्मक बाधाएँ: भेदभावपूर्ण कानून और सामाजिक मानदंड, अवैतनिक देखभाल कार्य का बोझ तथा भूमि, प्रौद्योगिकी और आर्थिक अवसरों तक असमान पहुँच महिलाओं की भागीदारी को लगातार सीमित कर रहे हैं।

कमजोर होती संस्थाएँ: सर्वेक्षण में शामिल लैंगिक समानता से संबंधित तंत्रों में से एक-तिहाई ने संस्थागत शक्ति में कमी की सूचना दी; 23% ने संचालन बजट में कमी और 9% ने स्वायत्त बजट समाप्त होने की सूचना दी।

राजनीतिक भागीदारी में बाधाएँ: महिलाओं को वित्तीय बाधाओं, संस्थागत पक्षपात और सार्वजनिक जीवन में हिंसा का सामना करना पड़ता है। 13 देशों में 10 में से 8 महिला संसदीय उम्मीदवारों ने चुनाव अभियानों के दौरान मनोवैज्ञानिक, यौन, आर्थिक और/या शारीरिक हिंसा का अनुभव किया।

सिकुड़ता नागरिक क्षेत्र और नए जोखिम: वित्तपोषण में कटौती, संघर्ष, जलवायु संकट और प्रौद्योगिकी-सक्षम हिंसा महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध नागरिक क्षेत्र और संसाधनों को सीमित कर रहे हैं।

SDGs के लिए निहितार्थ

व्यापक प्रभाव: लैंगिक असमानता गरीबी, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरिमापूर्ण कार्य और जलवायु-लचीलेपन की दिशा में प्रगति को बाधित करती है।

शासन: निर्णय-निर्माण में महिलाओं की सीमित उपस्थिति समावेशी भागीदारी और जवाबदेही को कमजोर करती है; रिपोर्ट में महिलाओं के अधिक संसदीय प्रतिनिधित्व और बेहतर शिक्षा परिणामों के बीच संबंध बताया गया है।

शांति और लचीलापन: शांति प्रक्रियाओं से महिलाओं का बहिष्कार समावेशी संघर्ष की रोकथाम, शांति-निर्माण और पुनर्प्राप्ति की संभावनाओं को सीमित करता है।

साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण: कमजोर लैंगिक आँकड़े और घटता वित्तपोषण असमानताओं की पहचान करने, प्रगति पर नज़र रखने और सबसे पीछे रह गए लोगों के लिए संसाधनों को लक्षित करने को कठिन बनाते हैं।

आगे की राह

संस्थाओं और कानूनों को मजबूत करना: लैंगिक समानता से संबंधित तंत्रों को स्पष्ट अधिकार-क्षेत्र, पर्याप्त मानव संसाधन और सुनिश्चित संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ तथा प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से कानूनी कमियों को दूर किया जाए।

सार्थक प्रतिनिधित्व का विस्तार: उचित रूप से तैयार किए गए विशेष उपायों और आरक्षण/कोटा का उपयोग किया जाए तथा राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सामने आने वाली वित्तीय बाधाओं और हिंसा को कम किया जाए।

लैंगिक-संवेदनशील वित्तपोषण जुटाना: लैंगिक-संवेदनशील बजट निर्माण का विस्तार किया जाए और अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण में हो रही गिरावट को उलटा जाए, जिसमें महिला संगठनों के लिए लचीला और बहुवर्षीय वित्तीय समर्थन शामिल हो।

संरचनात्मक एवं डेटा संबंधी कमियों को दूर करना: भेदभावपूर्ण सामाजिक मानदंडों में बदलाव लाया जाए, अवैतनिक देखभाल कार्य से जुड़ी असमानताओं को कम किया जाए, हाशिए पर स्थित समूहों का समावेशन बढ़ाया जाए तथा लिंग-विभाजित और अंतर्संबंधी डेटा प्रणालियों में निवेश किया जाए।

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