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सामान्य अध्ययन-2: स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन से संबंधित विषय।

संदर्भ: आयुष्मान वय वंदना योजना ने 29 अक्टूबर 2026 को अपने दो वर्ष पूरे किए। इसके अंतर्गत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के लाभ प्रदान किए जाते हैं। दो वर्षो  की  इस अवधि में योजना के तहत ₹5,668.80 करोड़ मूल्य के 23.46 लाख अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को दर्ज किया गया।

आयुष्मान वय वंदना के बारे में

  • शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सार्वजनिक वित्तपोषित स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करने के उद्देश्य से इसका शुभारंभ किया गया।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इसका कार्यान्वयन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा किया जाता है।
  •  कवरेज: इसका लक्ष्य देशभर में लगभग 4.5 करोड़ परिवारों के करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित करना है।
  • पात्रता: आय या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक इस योजना के पात्र हैं।
  • स्वास्थ्य कवरेज: यह द्वितीयक एवं तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।
  • अतिरिक्त स्वास्थ्य कवरेज: AB PM-JAY के अंतर्गत पहले से शामिल परिवारों के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से अपने लिए प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का अतिरिक्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाता है। यह परिवार के 70 वर्ष से कम आयु के अन्य सदस्यों को उपलब्ध मौजूदा कवरेज से अलग होता है।
  • लाभार्थी पंजीकरण: पात्र वरिष्ठ नागरिक आयुष्मान भारत लाभार्थी पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन तथा निर्धारित ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पहचान सत्यापन के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की व्यवस्था है।
  • लाभों की प्रकृति: यह योजना देशभर के सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करती है। इसके अंतर्गत पूरे देश में किसी भी राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

आयुष्मान वय वंदना योजना की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • स्वास्थ्य कवरेज का विस्तार: आय या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, केवल आयु (70 वर्ष और उससे अधिक) को पात्रता का आधार मानते हुए लगभग 4.5 करोड़ परिवारों के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों तक स्वास्थ्य कवरेज का विस्तार किया गया है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग: 20 अक्टूबर 2026 तक योजना के अंतर्गत ₹5,668.80 करोड़ मूल्य के 23.46 लाख अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को दर्ज किया गया।
  • प्रमुख उपचार श्रेणियाँ: मोतियाबिंद की सर्जरी के अंतर्गत सर्वाधिक उपचार (4.71 लाख; 20.1%) दर्ज किए गए। इसके बाद दीर्घकालिक हीमोडायलिसिस (2.90 लाख) का स्थान रहा, जबकि परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के लिए सर्वाधिक ₹649 करोड़ मूल्य के उपचार दर्ज किए गए। अन्य प्रमुख उपचारों में घुटना प्रत्यारोपण, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), तीव्र ज्वर संबंधी बीमारी तथा गुर्दा को अत्यधिक नुकसान एवं गुर्दे का खराब होना शामिल हैं।
  • वित्तीय सुरक्षा: कैशलेस उपचार के माध्यम से अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले जेब से खर्च को कम करती है। साथ ही, पहले से PM-JAY के अंतर्गत शामिल परिवारों के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ₹5 लाख का टॉप-अप कवरेज प्रदान करती है, जिससे 70 वर्ष से कम आयु के परिवार के अन्य सदस्यों के मौजूदा कवरेज में कोई कटौती नहीं होती।
  • स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता: AB PM-JAY के मौजूदा स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढाँचे का उपयोग करते हुए देशभर के सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार और देशव्यापी पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रदान करती है।
  • भौगोलिक कवरेज का विस्तार: जून 2026 में पश्चिम बंगाल AB PM-JAY में शामिल होने वाला 36वाँ राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बना, जिससे योजना की देशव्यापी पहुँच का विस्तार हुआ।

कमियाँ एवं कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियाँ

  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण संबंधी चुनौतियाँ: आयु बढ़ने के साथ उँगलियों के निशान धुँधले पड़ने के कारण आधार प्रमाणीकरण में विफलता हो सकती है। वैकल्पिक प्रमाणीकरण तंत्र उपलब्ध न होने अथवा उनका पर्याप्त कार्यान्वयन न होने पर बुजुर्ग लाभार्थी योजना के लाभों से वंचित हो सकते हैं।
  • जागरूकता एवं डिजिटल साक्षरता: पात्रता, पंजीकरण और योजना के लाभों के प्रति सीमित जागरूकता तथा डिजिटल साक्षरता की कमी, विशेषकर ग्रामीण, दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में, पंजीकरण और योजना के उपयोग को सीमित करती है।
  • क्षेत्रीयस्वास्थ्यअसमानताएँ: ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सूचीबद्ध अस्पतालों और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं का असमान वितरण लाभार्थियों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने के लिए बाध्य करता है।
    • पंजीकरण एवं लाभों के उपयोग के बीच अंतर: केवल आयुष्मान कार्ड जारी होने से उपचार की सुविधा सुनिश्चित नहीं होती है। प्रमाणीकरण में विफलता, जागरूकता की कमी, भौगोलिक बाधाएँ तथा सीमित स्वास्थ्य सुविधाएँ लाभार्थियों को उपलब्ध स्वास्थ्य कवरेज का उपयोग करने से रोक सकती हैं।
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