संबंधित पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन से संबंधित विषय। 

संदर्भ: हाल ही में, नीति आयोग ने संपूर्णता अभियान 2.0 लॉन्च किया। यह एक ‘मिशन-मोड’ पहल है, जिसका उद्देश्य देश भर के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रमुख विकास संकेतकों को पूर्ण संतृप्ति के स्तर तक पहुँचाना अर्थात् यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुँचे।

अन्य संबंधित जानकारी

• यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक तीन महीने की अवधि के लिए चलाया जाएगा।

• इस अभियान के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में पूर्ण संतृप्ति स्तर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है:

  • 112 आकांक्षी जिलों में 5 मुख्य प्रदर्शन संकेतक।
  • 513 आकांक्षी ब्लॉकों में 6 मुख्य प्रदर्शन संकेतक।

• यह पहल परिणाम-उन्मुख शासन के माध्यम से भारत के सर्वाधिक पिछड़े क्षेत्रों में तीव्र विकास सुनिश्चित करने के केंद्रित प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है।

संपूर्णता अभियान 2.0 के मुख्य उद्देश्य

• यह संपूर्णता अभियान 2024 के सफल परिणामों पर आधारित है। संपूर्णता अभियान चयनित विकास संकेतकों की 100% संतृप्ति प्राप्त करने के लिए चलाया गया 3 महीने का मिशन-मोड अभियान था।

• केंद्रित और समयबद्ध हस्तक्षेपों के माध्यम से महत्वपूर्ण सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना।

• आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के तहत परिणाम-उन्मुख निगरानी और जवाबदेही को बढ़ावा देना।

आकांक्षी ब्लॉकों के लिए मुख्य प्रदर्शन संकेतक (6 KPIs):

1. ICDS कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) लेने वाले 6 महीने से 6 वर्ष की आयु के बच्चों का प्रतिशत।

2. रिपोर्टिंग माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की मापन दक्षता।

3. कार्यरत शौचालयों वाले संचालित किए जा रहे आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत।

4. पेयजल सुविधा वाले संचालित किए जा रहे आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत।

5. लड़कियों के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा वाले स्कूलों का प्रतिशत।

6. खुरपका-मुँहपका रोग (FMD) के विरुद्ध टीकाकृत गोजातीय पशुओं का प्रतिशत।

आकांक्षी जिलों के लिए मुख्य प्रदर्शन संकेतक (5 KPIs):

1. जन्म के समय जीवित जीवित शिशुओं के वजन का अनुपात।

2. अनुमानित मामलों के सापेक्ष क्षय रोग (TB) मामला अधिसूचना दर (सार्वजनिक और निजी संस्थान)।

3. उन आंगनवाड़ी केंद्रों/शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) का प्रतिशत, जिन्होंने पिछले एक महीने में कम से कम एक ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस (VHSND) / शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस (UHSND) का आयोजन किया है।

4. कार्यारत बालिका शौचालयों वाले स्कूलों का प्रतिशत।

5. टीकाकृत पशुओं का प्रतिशत।

कार्यान्वयन रणनीति 

• जिले और ब्लॉक चिह्नित संकेतकों की संतृप्ति प्राप्त करने के लिए तीन महीने की कार्य योजना तैयार करेंगे।

• प्रगति की मासिक ट्रैकिंग और समीक्षा की जाएगी।

• जमीनी स्तर पर जागरूकता सृजन और व्यवहार परिवर्तन अभियान लागू किए जाएंगे।

• रियल टाइम आकलन और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा समवर्ती क्षेत्र निगरानी दौरे आयोजित किए जाएंगे।

संपूर्णता अभियान 2.0 का महत्व

• यह अभियान भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में परिणाम-उन्मुख और संतृप्ति-आधारित शासन की ओर रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है।

• विकास के मानक के रूप में ‘संतृप्ति’ यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी पात्र लाभार्थी पीछे न छूटे, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने के ‘अंत्योदय’ दर्शन को प्रतिबिंबित करता है।

• यह पहल केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासनों के बीच अभिसरण और सहयोग को बढ़ावा देती है, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर होता है।

• संस्थागत निगरानी, क्षमता निर्माण और प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से, यह अभियान जमीनी स्तर पर सतत और विस्तार योग्य सेवा वितरण के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करता है।

आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के बारे में

पहलूआकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP)आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (ABP)
शुभारंभजनवरी 2018जनवरी 2023
कवरेज112 जिले329 जिलों के 513 ब्लॉक
उद्देश्यअल्प विकसित जिलों का तीव्र रूपांतरणब्लॉक स्तर पर आवश्यक सरकारी सेवाओं की संतृप्ति
फोकस क्षेत्र / विषयस्वास्थ्य एवं पोषण; शिक्षा; कृषि एवं जल संसाधन; वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास; बुनियादी ढाँचास्वास्थ्य एवं पोषण; शिक्षा; कृषि और संबद्ध सेवाएँ; बुनियादी ढाँचा; सामाजिक विकास
निगरानी तंत्रपरिणाम-आधारित संकेतकपरिणाम-आधारित संकेतक
संकेतकों की संख्या49 संकेतक40 संकेतक

Source:
PIB
The Hans India
PE

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