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सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी—विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव; सूचना प्रौद्योगिकी (IT), अंतरिक्ष, कंप्यूटर और रोबोटिक्स के क्षेत्र में जागरूकता।
संदर्भ: हाल ही में जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने मंगल ग्रह के चंद्रमाओं की जाँच करने और फोबोस से नमूना लेकर पृथ्वी पर वापस लाने के उद्देश्य से मार्टियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया है।
MMX मिशन के बारे में

- उद्देश्य: मंगल ग्रह के चंद्रमाओं फोबोस और डीमोस की उत्पत्ति की जाँच करना तथा मंगल ग्रह प्रणाली और प्रारंभिक सौरमंडल के विकास को समझना।
- मिशन की समय-सीमा: अंतरिक्ष यान के 2027 में मंगल ग्रह तक पहुँचने, फोबोस और डीमोस का अध्ययन करने, फोबोस से नमूने एकत्र करने तथा 2031 में उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की अपेक्षा है।
- अंतरिक्ष यान और उपकरण: इसमें तीन मुख्य मॉड्यूल हैं—प्रणोदन (Propulsion), अन्वेषण (Exploration) और नमूना वापसी (Sample Return)। इसमें कैमरे, स्पेक्ट्रोमीटर, नमूना संग्रह उपकरण और IDEFIX रोवर सहित मिशन के 13 उपकरण लगे हैं।
- नमूना संग्रह: MMX का लक्ष्य फोबोस से कम-से-कम 10 ग्राम पदार्थ पृथ्वी पर वापस लाना है। यह फोबोस के चारों ओर उपग्रह-सदृश कक्षा में प्रवेश करेगा, ताकि उसकी सतह की मैपिंग की जा सके और उतरने के लिए उपयुक्त स्थान चुना जा सके। सबसे पहले IDEFIX रोवर को तैनात किया जाएगा, जिसके बाद मुख्य अंतरिक्ष यान द्वारा नमूना संग्रह की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: JAXA के नेतृत्व में इस मिशन में नासा (NASA), यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA), फ्रांस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष अध्ययन केंद्र (CNES) और जर्मनी का एयरोस्पेस केंद्र (DLR) शामिल हैं।
- IDEFIX रोवर का संयुक्त विकास CNES और DLR ने किया है, जबकि नासा फोबोस की तत्त्वीय संरचना का अध्ययन करने के लिए MEGANE उपकरण उपलब्ध करा रहा है।
मंगल ग्रह के चंद्रमाओं फोबोस और डीमोस को समझना
- अनिश्चित उत्पत्ति: मंगल ग्रह के दो चंद्रमा हैं—फोबोस और डीमोस। प्रमुख परिकल्पनाओं के अनुसार, ये या तो मंगल के गुरुत्वाकर्षण द्वारा कैप्चर किए गए क्षुद्रग्रह हैं या मंगल ग्रह पर किसी विशाल टक्कर के बाद निकले मलबे से बने हैं।
- इन चंद्रमाओं की खोज अगस्त 1877 में एसाफ हॉल (Asaph Hall) ने की थी।
- फोबोस: मंगल ग्रह के दो प्राकृतिक उपग्रहों में से बड़ा और उसके अधिक निकट स्थित उपग्रह है। यह लगभग 7 घंटे 39 मिनट में मंगल की परिक्रमा करता है। यह नमूना संग्रह का प्रमुख लक्ष्य है।
- डीमोस: यह मंगल का छोटा और अधिक दूर स्थित चंद्रमा है। MMX मिशन दूरस्थ अवलोकनों और इसके पास से उड़ान भरकर इसका अध्ययन करेगा; इससे नमूने एकत्र नहीं किए जाएँगे।
वैज्ञानिक महत्त्व
- चंद्रमाओं की उत्पत्ति: वापस लाए गए नमूनों के विश्लेषण से क्षुद्रग्रहों के गुरुत्वाकर्षण द्वारा पकड़े जाने और विशाल टक्कर से उत्पत्ति संबंधी परिकल्पनाओं के बीच अंतर स्पष्ट करने में सहायता मिल सकती है।
- मंगल ग्रह के बारे में संकेत: फोबोस में प्राचीन टक्करों के कारण मंगल ग्रह से बाहर निकला पदार्थ हो सकता है, जो इस ग्रह के भूवैज्ञानिक इतिहास के बारे में अप्रत्यक्ष साक्ष्य प्रदान कर सकता है।
- ग्रहीय विकास: नमूनों और अवलोकनों से प्रारंभिक सौरमंडल में जलयुक्त एवं कार्बनिक पदार्थों की गति तथा मंगल ग्रह प्रणाली के विकास को समझने में सहायता मिल सकती है।
- भविष्य का अंतरिक्ष अन्वेषण: MMX अत्यंत कमजोर गुरुत्वाकर्षण में गहन अंतरिक्ष संचार, स्वायत्त नौवहन, अवतरण और नमूना संग्रह से संबंधित प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में सहायता करेगा। यह आकलन करने में भी मदद करेगा कि क्या फोबोस भविष्य में मंगल ग्रह पर मानवयुक्त मिशनों के लिए एक संभावित पड़ाव के रूप में कार्य कर सकता है।
