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सामान्य अध्ययन-2: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष।
संदर्भ: ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने हाल ही में भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (Corruption Perceptions Index-CPI) 2025 जारी किया, जो 182 देशों और क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार के कथित स्तरों को मापता है।
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (CPI) के बारे में
• CPI विश्व में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली वैश्विक भ्रष्टाचार रैंकिंग है, जिसे ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा वर्ष 1995 से प्रतिवर्ष प्रकाशित किया जाता है।
• यह सूचकांक 180-182 देशों और क्षेत्रों को उनके सार्वजनिक क्षेत्र के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार के कथित स्तरों के आधार पर रैंकिंग देता है।
• यह सूचकांक 0 से 100 के पैमाने का उपयोग करता है, जहाँ:

- 0 अत्यधिक भ्रष्ट (Highly corrupt) को दर्शाता है।
- 100 भ्रष्टाचार मुक्त (Corruption-free) होने का संकेत देता है।
• यह भ्रष्टाचार की घटनाओं को प्रत्यक्षतः मापने के बजाय वैश्विक शासन मानक उपलब्ध कराने के लिए 13 स्वतंत्र डेटा स्रोतों (जैसे विश्व बैंक, WEF, जोखिम सलाहकार एजेंसियां) को संकलित करता है।
• सरकारों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा शासन की गुणवत्ता, निवेश जोखिम और संस्थागत पारदर्शिता के मानक के रूप में इसका बड़े पैमाने उपयोग किया जाता है।
सूचकांक के मुख्य निष्कर्ष
• वैश्विक स्कोर और रुझान:
- वैश्विक औसत स्कोर में गिरावट आई है और यह 42 हो गया है, जो एक दशक से भी अधिक समय में इसका न्यूनतम स्तर है। यह इंगित करता है विश्व स्तर पर सभी देश भ्रष्टाचार नियंत्रण में पिछड़ रहे हैं।
- 182 में से 122 देशों (दो-तिहाई से अधिक) का स्कोर 50 से कम है, जो दर्शाता है कि अधिकांश सरकारें सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार को रोकने में विफल रही हैं।
- 80 से अधिक स्कोर करने वाले देशों की संख्या एक दशक पहले की 12 से घटकर इस वर्ष केवल पाँच रह गई है, जो ऐतिहासिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली शासन प्रणालियों में भी ईमानदारी के ह्रास को दर्शाता है।
• शीर्ष और सबसे खराब प्रदर्शनकर्ता:
- डेनमार्क 89 के स्कोर के साथ लगातार आठवें वर्ष सूचकांक में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जिसके बाद फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84) का स्थान है। न्यूजीलैंड और नॉर्वे उन पांच देशों की सूची में शामिल हैं जिनका स्कोर 80 से अधिक है।
- सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देशों में सोमालिया (9) और दक्षिण सूडान (9) संयुक्त रूप से अंतिम स्थान पर हैं, जबकि वेनेजुएला (10) उनसे एक स्थान ऊपर है। इन देशों में संघर्ष, दमन और अत्यधिक प्रतिबंधित नागरिक स्थान हैं।
• दीर्घकालिक प्रवृत्ति:
- 2012 के बाद से, 31 देशों ने अपने CPI स्कोर में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिनमें एस्टोनिया (76), भूटान (71), दक्षिण कोरिया (63) और सेशेल्स (68) शामिल हैं, जहाँ निरंतर सुधारों, निगरानी और डिजिटल शासन ने सत्यनिष्ठा को बढ़ावा किया है।
- 50 देशों जैसे तुर्की (31), हंगरी (40) और निकारागुआ (14) के स्कोर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो भ्रष्टाचारियों को अत्यधिक संरक्षण देने, लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण और कमजोर संस्थानों क परिणाम हैं।
भारत-विशिष्ट निष्कर्ष
• भारत को CPI 2025 में 182 देशों में 91वाँ स्थान मिला है और इसका स्कोर 39/100 है (पिछले वर्ष के 38 स्कोर की तुलना में एक अंक का सुधार)।
- 2024 के सूचकांक में, भारत 38/100 स्कोर के साथ 96वें स्थान पर था।
• मामूली बढ़त के बावजूद, भारत का स्कोर वैश्विक औसत (42) से कम है, जो यह दर्शाता है कि यहाँ भ्रष्टाचार को अभी भी एक संस्थागत चुनौती माना जाता है।
• अपने पड़ोसी देशों में से यह भूटान (स्कोर 71, रैंक 18) और चीन (43, 76) से पिछड़ गया है, लेकिन इसने अन्य देशों जैसे श्रीलंका (35, 107), नेपाल (34, 109), पाकिस्तान (28, 136), बांग्लादेश (24, 150), अफगानिस्तान और म्यांमार (16, 169) से बेहतर प्रदर्शन किया है।
चिंता के विषय
• ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्टाचार विरोधी “नेतृत्व में कमी” आने की चेतावनी दी है, यहाँ तक कि स्थापित लोकतंत्रों जैसे अमेरिका (64), कनाडा (75), न्यूजीलैंड (81), यूके (70), फ्रांस (66) और स्वीडन (80) में भी हाल के वर्षों में स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है।
• 2012 के बाद से जिन 50 देशों के CPI में सबसे अधिक गिरावट आईं उनमें से 36 देशों में नागरिक स्थान सिकुड़ गया है और वहाँ सरकारें कानूनी और अनौपचारिक दबावों के माध्यम से गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), मीडिया और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा रहीं हैं।
• 2012 और 2025 के बीच, भ्रष्टाचार की जांच करने वाले 150 पत्रकारों की हत्या संघर्ष क्षेत्रों के बाहर की गई, जिनमें से 90% से अधिक उन देशों में हुई जिनका स्कोर 50 से कम है। ऐसे देशों में भारत (39), ब्राजील (35), मैक्सिको (27), पाकिस्तान (28) और इराक (28) शामिल हैं।
मुख्य सिफारिशें
• संस्थाओं को सशक्त बनाना: भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र न्याय प्रणाली और निगरानी संस्थाओं को सशक्त बनाना।
• पारदर्शिता सुनिश्चित करना: राजनीतिक वित्त पोषण, लॉबिंग और सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता बढ़ाना, जिससे नीति-निर्माण पर अनुचित प्रभाव कम हो सके।
• नागरिक स्थान की सुरक्षा: पत्रकारों, व्हिसलब्लोअर्स और नागरिक समाज संगठनों को डराने-धमकाने या कानूनी उत्पीड़न से बचाते हुए नागरिक स्थान की रक्षा करना।
• अंतर्राष्ट्रीय और अवैध वित्तीय लेनदेन पर रोक: ‘लाभार्थी-स्वामी’ पारदर्शिता बढ़ाकर, पेशेवर मध्यस्थों को विनियमित करके और संपत्ति की वसूली को सुगम बनाकर अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार का से निपटना।
• नागरिकों का सशक्तिकरण: नागरिकों और समुदायों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सुलभ शिकायत तंत्र और कानूनी उपचार प्रदान करना, ताकि पीड़ित न्याय प्राप्त कर सकें।
