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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार|

संदर्भ: राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज़्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा ने मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को चिह्नित किया।

अन्य संबंधित जानकारी

• इस यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों, यूरेनियम, व्यापार, रक्षा, डिजिटल भुगतान, शिक्षा, संस्कृति और विरासत संरक्षण से संबंधित 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। 

• दोनों देशों ने 5 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया तथा दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। 

• राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान के लिए उन्हें उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओलिय दाराजाली दोस्तलिक’ (Order of Oliy Darajali Do’stlik) से सम्मानित किया।

यात्रा के प्रमुख परिणाम

• राजनीतिक एवं संस्थागत सहयोग: भारत और उज़्बेकिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा सहयोग को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 

  • द्विपक्षीय समझौतों और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के कार्यान्वयन के समन्वय एवं निगरानी के लिए विदेश मंत्रियों के नेतृत्व वाली एक व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी। 

• रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग: दोनों देशों ने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के प्रति शून्य-सहिष्णुता के दृष्टिकोण की पुष्टि की। दोनों पक्ष निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर सहमत हुए: 

  • आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकी ढाँचे के विरुद्ध कार्रवाई। 
  • संगठित अपराध और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से निपटना। 
  • हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करना। 
  • साइबर खतरों से निपटने में सहयोग। 

• व्यापार, आर्थिक एवं निवेश सहयोग: भारत और उज़्बेकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश की अप्रयुक्त संभावनाओं को स्वीकार करते हुए आर्थिक संबंधों में विविधता लाने पर सहमति व्यक्त की। प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं: 

  • संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से गैर-टैरिफ बाधाओं का समाधान। 
  • ई-कॉमर्स और व्यापार प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना। 
  • विनिर्माण एवं निर्यात क्षमताओं को मजबूत करना। 
  • द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देना। 
  • अधिमान्य व्यापार समझौते की दिशा में अगले कदमों की संभावनाएँ तलाशना। 
  • विद्युत उपकरण, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना। 

• ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन एवं महत्वपूर्ण खनिज: दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा अवसंरचना, भूविज्ञान, खनन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। 

• कृषि एवं खाद्य सुरक्षा: भारत और उज़्बेकिस्तान ने कृषि मूल्य शृंखलाओं, खाद्य सुरक्षा और निर्यात क्षमताओं के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। 

• परिवहन, लॉजिस्टिक्स एवं संपर्क: दोनों देशों ने मल्टीमॉडल परिवहन और लॉजिस्टिक्स संपर्क को बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 

• डिजिटल प्रौद्योगिकी, AI एवं अंतरिक्ष सहयोग: डिजिटल परिवर्तन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा। 

• स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स एवं मानव संसाधन विकास: दोनों देशों ने स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, नैनो प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। 

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