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सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव; नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जागरूकता।
संदर्भ: फ्रांस ने अक्टूबर 2026 में एक गंभीर रूप से प्रतिरक्षा-दुर्बल रोगी में शामोंडा वायरस के पहले प्रलेखित मानव संक्रमण की सूचना दी। बाद में रोगी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद मनुष्यों को संक्रमित करने की इस वायरस की संभावित क्षमता की जाँच शुरू की गई।
शामोंडा वायरस के बारे में
- प्रकृति एवं वर्गीकरण: शामोंडा वायरस (SHAV), पेरिबुन्याविरिडी कुल, ऑर्थोबुन्यावायरस वंश और सिम्बू सेरोग्रुप से संबंधित है। यह श्मालेनबर्ग वायरस से निकटता से संबंधित है।
- उत्पत्ति एवं वितरण: इसे पहली बार वर्ष 1965 में नाइजीरिया में मवेशियों से अलग किया गया था। अफ्रीका के कुछ हिस्सों और जापान में पशुओं में इसके संक्रमण की सूचना मिली है। वर्ष 2026 में पहली बार यूरोपीय पशुधन में इसका पता चला।
- यूरोप में प्रसार: 20 अक्टूबर 2026 तक फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और आयरलैंड सहित एक दर्जन से अधिक यूरोपीय देशों में पशुओं के संक्रमित होने की सूचना मिली थी।
- पशु मेजबान: यह वायरस मुख्य रूप से मवेशियों को प्रभावित करता है, लेकिन भेड़, बकरियों, घोड़ों और अल्पाका में भी इसका पता चला है।
- पशुओं में लक्षण: संक्रमित पशुओं में बुखार, दस्त और दूध उत्पादन में कमी हो सकती है। गंभीर जटिलताओं में गर्भपात और भ्रूण में विकृतियाँ शामिल हैं। कुछ घोड़ों में तंत्रिका संबंधी विकार भी देखे गए हैं।
संचरण एवं पहला मानव संक्रमण
- संचरण: माना जाता है कि यह वायरस संक्रमित क्यूलिकोइड्स (Culicoides) नामक सूक्ष्म डंसने वाले मच्छर-सदृश कीटों के काटने से पशुओं में फैलता है। इसमें शामिल विशिष्ट वाहक प्रजातियों की पहचान की जाँच अभी जारी है।
- माँ से भ्रूण में संचरण: यह वायरस सामान्यतः पशुओं के बीच सीधे फैलता हुआ ज्ञात नहीं है। हालाँकि, संक्रमित गर्भवती पशु से उसके भ्रूण में इसका संचरण हो सकता है।
- फ्रांस में मामला: गंभीर बीमारी का अस्पताल में उपचार करा रहे एक गंभीर रूप से प्रतिरक्षा-दुर्बल रोगी में मस्तिष्क संबंधी जटिलताएँ विकसित हुईं और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। प्रयोगशाला जाँच में संक्रमण की पुष्टि हुई। यह मामला ल्योन के एक अस्पताल में सामने आया था।
- संक्रमण का संदिग्ध मार्ग: पूर्वी फ्रांस में पशुओं के बीच वायरस के प्रसार को देखते हुए, अधिकारियों ने संक्रमित सूक्ष्म डंसने वाले कीट के काटने को संक्रमण का प्रमुख संभावित कारण माना है। अन्य संभावित स्रोतों की भी जाँच की जा रही है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी महत्त्व एवं वर्तमान जोखिम
- पहला प्रलेखित मानव संक्रमण: इस मामले से यह स्थापित होता है कि शामोंडा वायरस मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है, लेकिन मनुष्यों में इसके चिकित्सकीय प्रभावों की जानकारी अभी सीमित है।
- मानव-से-मानव संचरण: इस प्रकार के संचरण का कोई प्रमाण नहीं मिला है। केवल एक मामला सामने आने से यह सिद्ध नहीं होता कि वायरस मनुष्यों के बीच प्रभावी ढंग से फैल सकता है।
- वर्तमान जोखिम का आकलन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह एक अलग-थलग मामला है और इससे व्यापक प्रसार होने की संभावना कम है। फ्रांसीसी अधिकारियों ने आम जनसंख्या के लिए किसी स्वास्थ्य जोखिम की पहचान नहीं की है।
- निगरानी में कमी: शामोंडा वायरस को विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के रोग-विशिष्ट रिपोर्टिंग दायित्वों या यूरोपीय संघ के पशु स्वास्थ्य कानून के अंतर्गत रोग-विशिष्ट अनिवार्य निगरानी की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए, उपलब्ध आँकड़े पशुओं में इसके प्रसार की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शा सकते हैं।
उपचार, रोकथाम एवं निगरानी
- उपचार एवं टीके: WHO के अनुसार, वर्तमान में शामोंडा वायरस के लिए कोई उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है। मानव संक्रमण के एक मामले का परिणाम मनुष्यों में इस संक्रमण की मृत्यु-दर के जोखिम को निर्धारित नहीं करता है।
- वाहक कीटों के संपर्क में आने से बचाव: प्रभावित पशु क्षेत्रों में डंसने वाले सूक्ष्म कीटों के संपर्क को कम करने और पशु-चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से इनके संपर्क में आने की संभावना घटाई जा सकती है। संचरण के सटीक मार्गों का अध्ययन अभी जारी है।
- पशु निगरानी: पशुओं में बुखार, दूध उत्पादन में कमी, गर्भपात और भ्रूण संबंधी विकृतियों की निगरानी से संदिग्ध संक्रमणों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है। संक्रमण की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जाँच आवश्यक है।
- वन हेल्थ दृष्टिकोण: विभिन्न प्रजातियों के बीच संक्रमण की जाँच करने और शीघ्र पहचान को सुदृढ़ बनाने के लिए मानव स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा एवं पर्यावरण संबंधी प्राधिकरणों के बीच समन्वय आवश्यक है।

