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सामान्य अध्ययन-2: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्यप्रणाली—सरकार के मंत्रालय एवं विभाग; दबाव समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संगठन तथा शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका।
संदर्भ: नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘दिल्ली घोषणा 2026’ को अपनाने के साथ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ‘लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ (IICDEM) 2026 का समापन हुआ।
अन्य संबंधित जानकारी:
- इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों द्वारा की गई थी।
- इसमें 42 देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों (EMBs) के प्रमुखों और 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
- दिल्ली घोषणा 2026 को सभी प्रतिभागी निर्वाचन प्रबंधन निकायों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
- प्रतिभागियों ने अपनी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने का संकल्प लिया और 3, 4 तथा 5 दिसंबर 2026 को IIIDEM, नई दिल्ली में पुनः एकत्रित होने का औपचारिक प्रस्ताव रखा।
दिल्ली घोषणा 2026 के मुख्य बिंदु:
दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 के पाँच स्तंभ निम्नलिखित हैं:
स्तंभ I: निर्वाचक नामावली की शुद्धता
- विधि के अनुसार, सभी पात्र मतदाताओं के नामों वाली शुद्ध निर्वाचक नामावली किसी भी लोकतंत्र का आधार होती है।
- निर्वाचन प्रबंधन निकायों को चुनावों के सरल और पारदर्शी संचालन के लिए सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र (EPIC) उपलब्ध कराने का प्रयास करना चाहिए।
स्तंभ II: चुनावों का संचालन
- निर्वाचन प्रक्रिया को सहभागी और समावेशी होना चाहिए तथा इसमें सभी स्तरों पर सभी हितधारकों को शामिल किया जाना चाहिए।
- पारदर्शी, कुशल, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संचालन के लिए यह अनिवार्य है कि EMBs अपने संविधान या संबंधित कानूनों में निहित अधिदेश के अनुसार कार्य करें।
स्तंभ III: अनुसंधान और प्रकाशन
- सम्मेलन में ‘विश्व के लोकतंत्रों का विश्वकोश’ प्रकाशित करने का संकल्प लिया गया। इसमें एक एटलस शामिल होगा जो संबंधित निर्वाचन प्रबंधन निकायों द्वारा अनुमोदित विभिन्न देशों की निर्वाचन प्रणालियों के कार्यकरण का एक व्यापक संकलन होगा।
- ‘इंटरनेशनल IDEA (International IDEA) के नेतृत्व में 7 विषयों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- ‘इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट’ (IIIDEM) के नेतृत्व में 36 विषयों पर व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
स्तंभ IV: प्रौद्योगिकी का उपयोग
- निर्वाचन प्रबंधन निकाय निर्वाचन की अखंडता अक्षुण्ण रखते हुए नवीनतम प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे, जिसका उद्देश्य मतदाताओं हेतु सुविधा प्रदान करना तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को सक्रिय रूप से नियंत्रित करना है।
- निर्वाचन प्रबंधन निकायों के अनुरोध के अनुपालन में, भारत अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ECINET’ के अनुभवों को साझा करने हेतु प्रतिबद्ध है, जिससे अन्य राष्ट्रों के निर्वाचन निकायों हेतु उनके स्वदेशी कानूनों एवं भाषाओं के अनुकूल समरूप मंच के सह-विकास को सुगम बनाया जा सके।
स्तंभ V: प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- निर्वाचन प्रबंधन निकायों (EMBs) द्वारा प्रदर्शित अभिरुचि के दृष्टिगत, भारत प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अपनी पारदर्शी कार्य-प्रणालियों के विनिमय के माध्यम से, निर्वाचन के समस्त क्षेत्रों में अपने वृहद अनुभव को साझा करने हेतु पूर्णतः तत्पर है।
- निर्वाचन एवं लोकतंत्र के क्षेत्र में विश्व के विशालतम प्रशिक्षण संस्थान के रूप में प्रतिष्ठित IIIDEM को विगत 15 वर्षों में भारत के 10,000 से अधिक निर्वाचन अधिकारियों तथा 100 से अधिक देशों के कर्मियों को प्रशिक्षित करने का अनुभव प्राप्त है। यह संस्थान निर्वाचन प्रबंधन निकायों को अपनी समस्त क्षमताओं के साथ प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है, जिससे चुनाव संचालन और निर्वाचक नामावली तैयार करने की प्रक्रियाओं में व्यावसायिक दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के बारे में
- भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना भारतीय संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 1950 में की गई थी।
- मूल रूप से आयोग में केवल एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त होता था। वर्तमान में इसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त होते हैं।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- इनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) होता है।
Source:
PIB
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