संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
संदर्भ: माननीय प्रधानमंत्री के विशेष निमंत्रण पर जर्मनी के संघीय चांसलर महामहिम श्री फ्रेडरिक मर्ज़ 12 से 13 जनवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
अन्य संबंधित जानकारी:
- भारत की यात्रा चांसलर मर्ज़ की पहली आधिकारिक यात्रा और संघीय चांसलर के रूप में पहली एशिया यात्रा है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में जर्मनी के लिए भारत के महत्त्व को दर्शाती है।
- यह यात्रा 25 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न 7वें भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) के बाद की जा रही है, और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। दरअसल, 2025 में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
भारत-जर्मनी संयुक्त वक्तव्य के मुख्य अंश
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग:
- दोनों देशों के बीच एक नई ट्रैक 1.5 विदेश नीति और सुरक्षा संवाद की शुरुआत।
- प्रधानमंत्री ने फरवरी 2026 में नौसेना अभ्यास ‘मिलन’ (MILAN) और 9वीं हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) प्रमुखों के सम्मेलन, सितंबर 2026 में हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में भाग लेने की जर्मनी की इच्छा को सराहा। साथ ही, उन्होंने सूचना संलयन केंद्र–हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) में एक संपर्क अधिकारी तैनात करने के जर्मनी के निर्णय का भी स्वागत किया।
- दोनों देशों के संस्थानों के बीच शांति स्थापना प्रशिक्षण पर समझौता ज्ञापन, सशस्त्र बलों के बीच पारस्परिक रसद सहायता समझौता और DRDO तथा जर्मनी के BAAINBw के बीच नई रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में ज्ञान का आदान-प्रदान।
- पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (MLAT) की पुष्टि की और आतंकवाद रोधी प्रयासों के लिए गठित संयुक्त कार्य समूह के तहत हुई प्रगति का संज्ञान लिया।
- द्विपक्षीय व्यापार और निवेश:
- वस्तुओं और सेवाओं में भारत-जर्मनी द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया, जो यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के कुल व्यापार के 25% से भी अधिक है।
- आगामी भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के एक प्रमुख परिणाम के रूप में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के लिए अपने समर्थन को दोहराया।
- प्रौद्योगिकी, नवाचार, विज्ञान और अनुसंधान:
- सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप पर एक नई ‘संयुक्त आशय घोषणा’ (JDoI) के माध्यम से सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के सभी चरणों में संस्थागत संवाद की शुरुआत।
- जर्मन प्रौद्योगिकी उद्यम इन्फिनियोन (Infineon) द्वारा पिछले वर्ष मार्च में गिफ्ट सिटी (GIFT City) में ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (GCC) की शुरुआत।
- डिजिटल अभिसरण, बैटरी प्रौद्योगिकी, हरित परिवहन और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित भारत-जर्मन उत्कृष्टता केंद्र (IG-CoE) की स्थापना।
- पारंपरिक चिकित्सा में वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और जर्मनी की चैरिटे यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर।
- हरित और सतत विकास साझेदारी:
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) तथा जर्मन टेक्निकल एंड साइंटिफिक एसोसिएशन फॉर गैस एंड वाटर इंडस्ट्रीज (DVGW) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर।
- भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत, AM ग्रीन द्वारा नीपर ग्लोबल कमोडिटीज को ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति हेतु ‘ऑफटेक समझौते’ (Offtake Agreement) पर हस्ताक्षर।
- घाना, कैमरून और मलावी में त्रिपक्षीय विकास सहयोग परियोजनाओं का विस्तार करने के निर्णय का स्वागत किया।
- हिंद-प्रशांत, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दे:
- एक नए द्विपक्षीय हिंद-प्रशांत परामर्श तंत्र की घोषणा की और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
- यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर चिंता जतायी, और अंतर्राष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार यूक्रेन में एक व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति बहाल करने के प्रयासों के लिए अपना समर्थन देने की इच्छा व्यक्त की।
- गाज़ा शांति योजना का स्वागत किया और गाज़ा में संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में 17 नवंबर 2025 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 को अपनाए जाने पर संज्ञान लिया।
- शिक्षा, कौशल, गतिशीलता और संस्कृति:
- भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी से होकर गुजरने (पारगमन) हेतु वीजा-मुक्त पारगमन सुविधा।
- संस्थागत संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए उच्च शिक्षा पर एक भारत-जर्मन व्यापक रोडमैप तैयार करना।
- वैश्विक कौशल साझेदारी पर संयुक्त आशय घोषणा (JDoI) पर हस्ताक्षर, जो जर्मनी की विशेष रूप से स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के लिए बढ़ती मांग को पूरा करने हेतु कुशल गतिशीलता के लिए एक नैतिक और टिकाऊ ढांचा तैयार करने पर केंद्रित है, साथ ही श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- जर्मन समुद्री संग्रहालय लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर मैरीटाइम हिस्ट्री (DSM), ब्रेमरहेवन और लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) के बीच समझौता ज्ञापन।
