संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-3: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जागरूकता एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषय।
संदर्भ: हाल ही में, विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने वैश्विक सार्वजनिक-निजी सहयोग के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों को जिम्मेदारी से अपनाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने हेतु चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पाँच नए केंद्रों की स्थापना करने की घोषणा की।
अन्य संबंधित जानकारी
• विश्व आर्थिक मंच ने आधिकारिक तौर पर जनवरी 2026 में चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पाँच नए केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।
• ये केंद्र फ्रांस (पेरिस), यूनाइटेड किंगडम (लंदन), संयुक्त अरब अमीरात (अबू धाबी – दो केंद्र) और भारत (आंध्र प्रदेश) में स्थित होंगे।
• ये केंद्र WEF के वैश्विक 4IR नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नीतिगत ढांचे, पायलट प्रोजेक्ट और समाधान विकसित करने हेतु सरकारों, व्यवसायों, शैक्षणिक संस्थानों और विशेषज्ञों को एक साथ एक मंच पर लाते हैं।
• इसके साथ ही अब मुंबई, हैदराबाद और आंध्रप्रदेश भारत में स्थित तीन केंद्र होंगे।
- C4IR हैदराबाद (तेलंगाना): वर्ष 2023 में प्रारंभ हुआ यह केंद्र विशेष रूप से स्वास्थ्य देखभाल और जीवन विज्ञान पर केंद्रित विश्व का पहला विषयगत केंद्र है।
- C4IR मुंबई (महाराष्ट्र): वर्ष 2018 में स्थापित, यह केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन और ड्रोन जैसी प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार परिनियोजन के संचालन हेतु एक व्यापक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता है।
नव घोषित केंद्रों का विवरण
• सेंटर फॉर एनर्जी एंड साइबर रेजिलिएंस– आंध्र प्रदेश (भारत)
- इसे आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में स्थापित किया गया है।
- यह ऊर्जा संक्रमण के प्रति नवाचार-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।
- यह उद्योगों में साइबर लचीलेपन को सुदृढ़ करेगा।
- यह हरित ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और कार्यबल विकास में विस्तार योग्य (scalable) समाधान प्रस्तुत करेगा।
• यूरोपियन सेंटर फॉर एआई एक्सीलेंस– पेरिस (फ्रांस)
• सेंटर फॉर एआई ड्राइवन इनोवेशन– लंदन (यूनाइटेड किंगडम)
• सेंटर फॉर फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज– अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात)
• सेंटर फॉर इंटेलिजेंट फ्यूचर – अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात)
चौथी औद्योगिक क्रांति (4IR) के बारे में

• चौथी औद्योगिक क्रांति को 4IR या इकोनॉमी 4.0 के रूप में भी जाना जाता है। यह इस शताब्दी की तीव्र तकनीकी प्रगति को संदर्भित करती है जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और जैव प्रौद्योगिकी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
• इस शब्द को वर्ष 2016 में विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक क्लाउस श्वाब द्वारा गढ़ा गया था। यह तीसरी औद्योगिक क्रांति की डिजिटल आधारशिला पर निर्मित है, लेकिन अपनी अभूतपूर्व गति, व्यापकता और प्रणालियों पर प्रभाव के कारण उससे भिन्न है।
4IR नेटवर्क के बारे में
• 4IR नेटवर्क को विश्व आर्थिक मंच द्वारा वर्ष 2017 में शुरू किया गया था।
• यह सरकारों, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच बहु-हितधारक सहयोग के लिए एक मंच है।
• इस नेटवर्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उभरती प्रौद्योगिकियां जोखिमों को कम करते हुए समाज को लाभ पहुँचाएं।
• यह विश्व के विभिन्न क्षेत्रों के स्वतंत्र राष्ट्रीय और विषयगत केंद्रों को एक साथ एक मंच पर लाता है।
नए केंद्रों के उद्देश्य
• ये केंद्र सरकारों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
• वे व्यावहारिक और अनुकूलनीय नीतिगत ढांचे विकसित करेंगे।
• वे क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर पायलट प्रोजेक्ट्स का कार्यान्वयन करेंगे।
• वे प्रौद्योगिकी शासन पर अंतर्राष्ट्रीय संवाद और सहयोग को बढ़ावा देंगे।
