• चर्चा में: क्वाड शिखर सम्मेलन, 2025 का आयोजन भारत में किया जाना था किन्तु 2025 में यह शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं हो सका और स्थगित हो गया। हालाँकि, 26 मई 2026 को नई दिल्ली में QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया। 

• सदस्य देश: 

  • ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और यू.एस.ए. 

• प्रमुख शिखर सम्मेलन: 

  • वार्षिक क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन और विदेश मंत्रियों की बैठक।

• प्रकृति: 

  • यह एक अनौपचारिक रणनीतिक साझेदारी आधारित समूह है। साथ ही, यह समुद्री संसाधनों और कनेक्टिविटी वाले मार्गों का लोकतांत्रिक उपयोग सुनिश्चित करने वाला एक गठबंधन है।

• ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 

o गठन: हिन्द महासागर क्षेत्र में आई सुनामी के बाद ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आपदा राहत कार्यों में आपस में समन्वय किया गया। 

  • यह ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता मंच था। 
  • चीन द्वारा इसका विरोध किया गया। 

o प्रथम आधिकारिक बैठक: वर्ष 2007 में हुई। 

  • हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को ध्यान में रखते हुए क्वाड द्वारा अपनी प्रथम आधिकारिक बैठक आयोजित की गई। 
  • क्वाड की अवधारणा औपचारिक रूप से सबसे पहले वर्ष 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा प्रस्तुत की गई थी।

o अस्थाई विघटन: 2008-12 

  • चीन को उकसाने की चिंताओं के कारण आस्ट्रेलिया पीछे हट गया। जिससे समूह में विघटन उत्पन्न हो गया। 

o पुनः सक्रिय: 2017-24 

  • सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय नीतियों पर व्यापक ध्यान केंद्रित करते हुए पुनः शुरू किया गया। 
  • क्वाड नेताओं की पहली व्यक्तिगत शिखर बैठक 2021 में वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी।(पहला वर्चुअल सम्मेलन भी था।)

• उद्देश्य: 

  • यह ऐसे खुले, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र का समर्थन करता है, जो समृद्ध और मजबूत हो। इस संगठन के अंतर्गत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सकारात्मक और स्थायी प्रभाव रखने वाले विश्व के चार लोकतांत्रिक देश वैश्विक कल्याण के लिए एक शक्ति के रूप में कार्य करते हैं। क्वाड का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता, अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन तथा शांति व सुरक्षा पर बल प्रदान करना है।

• कार्य: 

  • क्वाड के व्यावहारिक कार्यों को निम्नलिखित 6 कार्य-क्षेत्रों पर “सिक्स लीडर्स लेवल वर्किंग ग्रुप्स” के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है- जलवायु, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियाँ, साइबर, स्वास्थ्य सुरक्षा साझेदारी, आधारभूत अवसंरचना और अंतरिक्ष।

• महत्व: 

o सामरिक प्रतिसंतुलन: 

  • क्वाड समूह हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को प्रतिसंतुलित या कम करने के लिए भारत की मदद करता है। 

o समुद्री सुरक्षा:

  • नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है तथा UNCLOS  जैसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को बनाए रखने में मदद करता है। 

o आर्थिक सहयोग:

  • अवसंरचना, व्यापार सम्बन्धी मानकों और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करता है। 
  • चारों देशों ने पेरिस समझौते के आधार पर उत्सर्जन में कमी करने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी आपूर्ति शृंखला, 5G नेटवर्क और जैव प्रौद्योगिकी जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।

o स्वास्थ्य और मानवीय सहायता:

  • कोविड-19 टीकों के वितरण और आपदा राहत प्रयासों में अहं  योगदान रहा है। 
  • क्वाड कैंसर मूनशॉट पहल- इस पहल का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में HPV टीकाकरण को बढ़ावा देकर, स्क्रीनिंग तक पहुँच का विस्तार करके और उपचार के विकल्पों को बढ़ाकर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से लड़ना है।

o शिक्षा और अनुसंधान:

  • क्वाड छात्रवृत्ति: भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंडो-पैसिफिक के छात्रों के लिए 500,000 डॉलर मूल्य की पचास छात्रवृत्तियों की पेशकश करने वाली एक नई पहल की घोषणा की है।
  • क्वाड बायोएक्सप्लोर पहल: यह क्वाड पहल सदस्य देशों में कृषि उन्नति के लिए AI के उपयोग के संयुक्त अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करेगा।

• योगदान: 

  • यह संगठन दुनिया की 24% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। 
  • वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 35% है।
  • वैश्विक व्यापार में इसकी हिस्सेदारी 18% है।

• क्वाड के समक्ष मौजूद चुनौतियाँ:

o भारत की अपनी विशिष्ट चिंताएँ:

  • भू-राजनीतिक तनाव: क्वाड के साथ संबंधों को मजबूत करने से ईरान (अमेरिका का दुश्मन) और म्यांमार (चीन का सहयोगी) जैसे प्रमुख साझेदार अलग-थलग पड़ सकते हैं।
  • अलग-अलग इंडो-पैसिफिक विजन: भारत हिंद महासागर पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि अन्य सदस्य प्रशांत महासागर क्षेत्र पर जोर देते हैं।

• आगे की राह:

  • एक स्पष्ट इंडो-पैसिफिक रणनीति को परिभाषित करना। 
  • सदस्यता का विस्तार करना। 
  • भारत की समुद्री रणनीति को मजबूत करना। 

निष्कर्षतः क्वाड को चीन के लिये एक चुनौती के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों द्वारा संगठित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता हेतु समर्पित एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रहा है। अतः क्वाड को आपसी द्वेषों को सुलझाने के लिये केवल एक सैन्य गठबंधन की बजाय ‘वैश्विक भलाई’ हेतु एक समूह के रूप में प्रयुक्त किया जाना चाहिए।

अन्य प्रमुख तथ्य: 

• मालाबार अभ्यास: 

  • मालाबार अभ्यास, 2025 उत्तरी प्रशांत महासागर के गुआम में आयोजित हुआ। 
  • मालाबार अभ्यास की शुरुआत वर्ष 1992 में भारत और अमेरिका के बीच वार्षिक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में हुई थी। 
  • जापान वर्ष 2015 में इस नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ। 
  • वर्ष 2020 में ऑस्ट्रेलियाई नौसेना ने भी मालाबार नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया।
  • इस प्रकार क्वाड के सभी चार देशों (जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और यूएसए) ने वर्ष 2020 में मालाबार अभ्यास (Malabar Exercise) में भाग लिया।

o उद्देश्य

  • एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करना।  
  • सभी के लिए शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना।  
  • भाग लेने वाले चारों देशों के मजबूत सहयोग, साझा मूल्यों और सामूहिक क्षमता को प्रदर्शित करना।  
  • समुद्र में संयुक्त अभ्यास से युद्ध-लड़ने के कौशल को सुदृढ़ करना।  
  • चार देशों की नौसेनाओं के बीच उन्नत समुद्री संचालन शुरू करने के लिए अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना। 
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