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सामान्य अध्ययन-1: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक कला के विभिन्न रूप, साहित्य और वास्तुकला के प्रमुख पहलु शामिल होंगे।

संदर्भ: शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने तमिलनाडु और काशी के बीच सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए काशी तमिल संगमम (KTS 5.0) के पाँचवें संस्करण हेतु पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया।

काशी तमिल संगमम 5.0 के बारे में

  • आयोजक: शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT), चेन्नई, उत्तर प्रदेश सरकार तथा अन्य केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के सहयोग से।
  • तिथियाँ: 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक।
  • विषय: “तिरुक्कुरल पयिल्वोम – तिरुक्कुरल अभ्यास करें” (आइए, तिरुक्कुरल का अध्ययन करें)।
  • उद्देश्य: ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अंतर्गत तमिलनाडु और काशी के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों को सुदृढ़ करना।
  • कार्यक्रम स्थल: वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या; जहाँ सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक तथा विभिन्न विषय-विशिष्ट गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
  • पंजीकरण: आवेदन 22 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक आधिकारिक काशी तमिल संगमम पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
  • पात्र श्रेणियाँ: विद्यार्थी, शिक्षक, लेखक एवं मीडिया पेशेवर, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े लोग, पेशेवर एवं कारीगर, महिलाएँ तथा आध्यात्मिक नेता।

KTS 5.0 के अंतर्गत प्रमुख पहलें

  • देशव्यापी विद्यार्थी सहभागिता कार्यक्रम: विविध शैक्षणिक एवं भाषाई पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के बीच तिरुक्कुरल के अध्ययन, अनुसंधान और समझ को बढ़ावा देने के लिए 1,000 उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) में गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
  • विद्यार्थी इंटर्नशिप एवं अनुसंधान पहल: चयनित 1,000 विद्यार्थी एक माह की इंटर्नशिप करेंगे, प्रत्येक को ₹10,000 का वजीफा दिया जाएगा तथा संरचित शिक्षण, परिसर की गतिविधियों और शोध-पत्रों के माध्यम से तिरुक्कुरल का अध्ययन करेंगे।
  • वाराणसी में शैक्षिक पहुँच कार्यक्रम: तमिलनाडु के विशेषज्ञ अभिमुखीकरण कार्यक्रमों, संवादात्मक सत्रों और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का दौरा करेंगे तथा तिरुक्कुरल के मूलभूत मूल्यों की व्याख्या करेंगे।
  • पठन एवं रचनात्मक गतिविधियाँ: राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT), राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के सहयोग से, पठन की आदतों, कहानी-कथन और रचनात्मकता पर केंद्रित विद्यालय-स्तरीय गतिविधियाँ आयोजित करेगा।
  • प्रौद्योगिकी एवं बहुभाषी पहुँच: डिजिटल संसाधनों और अनुवादों के माध्यम से तिरुक्कुरल की शिक्षाओं को पूरे भारत में व्यापक जनसमुदाय के लिए सुलभ बनाया जाएगा।

काशी तमिल संगमम के बारे में

  • KTS शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक एवं शैक्षिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपराओं के दो प्राचीन केंद्रों काशी और तमिलनाडु के बीच सभ्यतागत, भाषाई एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करना है।
  • इसकी परिकल्पना एक भारत, श्रेष्ठ भारत (EBSB) के अंतर्गत की गई है तथा यह आजादी का अमृत महोत्सव के अनुरूप है। यह साहित्य, दर्शन, मंदिर परंपराओं और तीर्थयात्रा मार्गों में परिलक्षित साझा विरासत एवं ऐतिहासिक संबंधों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।
  • यह प्रतिभागियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद, शैक्षणिक विचार-विमर्श, सांस्कृतिक अनुभवों के आदान-प्रदान और भाषाई शिक्षण को प्रोत्साहित करता है।
  • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप बहुभाषिकता, अनुभवात्मक शिक्षण तथा उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देता है।
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