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सामान्य अध्ययन -1: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के विभिन्न पहलू शामिल होंगे।

संदर्भ: उत्तरी कश्मीर के ज़ेहनपोरा में हाल के पुरातात्विक उत्खनन से कुषाणकालीन बौद्ध संरचनाएँ मिली हैं, जो बौद्ध धर्म और अंतर-क्षेत्रीय व्यापार के प्रारंभिक केंद्र के रूप में कश्मीर की भूमिका को उजागर करते हैं। 

अन्य संबंधित जानकारी

  • ये निष्कर्ष ज़ेहनपोरा में पुरातात्विक उत्खनन के निदेशक डॉ. मोहम्मद अजमल शाह द्वारा दी गई विशेषज्ञों की व्याख्याओं पर आधारित हैं।
  • इस खोज को राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता तब मिली जब प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के अपने संबोधन में इस स्थल का उल्लेख किया।

ज़ेहनपोरा उत्खनन के प्रमुख निष्कर्ष

  • यह स्थल बारामूला ज़िले में लगभग दस एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और यहाँ बड़े मानव-निर्मित टीले हैं।
  • ये संरचनाएँ कुषाण काल की हैं और अनुमानतः दो हज़ार वर्ष से अधिक पुरानी हैं।
  • ये टीले बौद्ध स्तूपों की संरचनात्मक आकृति से मिलते-जुलते हैं और एक ऊँचे मानव-निर्मित पठार के रूप में दिखाई देते हैं।
  • साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि अतीत में इन टीलों के ऊपर लकड़ी की अधिरचना मौजूद थी।
  • 1970 के दशक में बनाई गई एक नहर के कारण यह स्थल विभाजित हो गया, जिससे इसका आंशिक क्षरण हुआ।

वैश्विक अभिलेखागार से संबंध

  • वर्ष 2023 में एक शोध फैलोशिप के दौरान फ्रांस के एक संग्रहालय के अभिलेखागार में इस स्थल का एक चित्र मिला।
  • माना जाता है कि यह चित्र तक्षशिला और कश्मीर से गुजरने वाले ब्रिटिश यात्रियों द्वारा लिया गया था, जिसमें तीन बुद्ध स्तूप दिखाए गए थे जो ज़ेहनपोरा के टीलों से काफी मिलते-जुलते थे।
  • यह संबंध कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत के वैश्विक प्रलेखन को उजागर करता है।

कश्मीर में बौद्ध धर्म

  • माना जाता है कि सम्राट अशोक के शासन से पहले भी कश्मीर में बौद्ध धर्म विद्यमान था।
  • कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ में इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म की प्रारंभिक उपस्थिति का उल्लेख मिलता है।
  • ‘महावंश’ में उल्लेख है कि अशोक ने पाटलिपुत्र में आयोजित बौद्ध संगीति में कश्मीर से बौद्ध विद्वानों को आमंत्रित किया था।
  • कुषाण शासकों, विशेषकर कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर में बौद्ध धर्म फला-फूला।

बौद्ध धर्म के विकास में कश्मीर की भूमिका

  • कश्मीर बौद्ध दर्शन और अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा।
  • पूरे क्षेत्र में मठ, विहार और स्तूपों का निर्माण किया गया।
  • माना जाता है कि बौद्ध धर्म का महायान संप्रदाय की नींव कश्मीर में रखी गई।
  • कश्मीर के बौद्ध भिक्षुओं ने महायान बौद्ध धर्म का मध्य एशिया और चीन में प्रसार किया।

Source :  
Indian Express
  
TOI
 

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