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सामान्य अध्ययन-2: केंद्र और राज्यों द्वारा देश के अति-संवेदनशील वर्गों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाएं और उन योजनाओं का कार्य-निष्पादन।
संदर्भ: हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक निरंतर जारी रखने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें प्रचार-प्रसार एवं विकासात्मक गतिविधियों के लिए विस्तारित वित्तीय सहायता के साथ-साथ, योजना की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने हेतु अंतराल वित्तपोषण (गैप फंडिंग) का भी प्रावधान है।
अन्य संबंधित जानकारी
- यह योजना सरकारी सहायता के साथ 2030-31 तक जारी रहेगी, जिसका उद्देश्य है:
- जागरूकता और क्षमता निर्माण सहित असंगठित श्रमिकों के बीच पहुंच का विस्तार करने हेतु प्रचार और विकासात्मक गतिविधियाँ।
- व्यवहार्यता आवश्यकताओं को पूरा करने और योजना की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अंतराल वित्तपोषण (गैप फंडिंग)।
- यह लाखों कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- यह वित्तीय समावेशन को बढ़ाती है और भारत के ‘पेंशनयुक्त समाज‘ बनने की दिशा में परिवर्तन का समर्थन करती है।
- स्थायी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके यह विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है।
अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में
- शुभारंभ: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करने के लिए APY का शुभारंभ 9 मई, 2015 को किया गया था।
- प्रगति: 19 जनवरी, 2026 तक, 8.66 करोड़ से अधिक अभिदाता (सब्सक्राइबर) इसमें नामांकन करा हो हैं, जिससे APY भारत के समावेशी सामाजिक सुरक्षा ढांचे का आधारस्तंभ बन गया है।
- विस्तार की आवश्यकता: योजना की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर जागरूकता, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता अंतराल को पाटने के लिए निरंतर सरकारी सहायता मिलना अनिवार्य है।
अटल पेंशन योजना (APY) के लाभ
- APY एक स्वैच्छिक, आवधिक अंशदान-आधारित पेंशन प्रणाली है, जिसके तहत अभिदाता को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे:
- केंद्र सरकार द्वारा गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन राशि:APY के तहत प्रत्येक अभिदाता को 60 वर्ष की आयु के पश्चात मृत्यु तक 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये प्रति माह की केंद्र सरकार द्वारा गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन प्राप्त होगी।
- जीवनसाथी को केंद्र सरकार द्वारा गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन राशि: अभिदाता की मृत्यु के पश्चात, अभिदाता का जीवनसाथी अपनी मृत्यु तक उतनी ही पेंशन राशि प्राप्त करने का पात्र होगा जितनी अभिदाता को प्राप्त होती थी।
- अभिदाता के नॉमिनी को पेंशन राशि की वापसी: अभिदाता और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के पश्चात, अभिदाता का नॉमिनी,अभिदाता की 60 वर्ष की आयु तक जमा पेंशन राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।
APY के लिए पात्रता
- बचत बैंक खाते वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध।
- आयु सीमा: न्यूनतम 18 वर्ष, अधिकतम 40 वर्ष।
- आयकर दाता: 1 अक्टूबर 2022 से, ऐसे व्यक्ति जो आयकर दाता हैं या रहे हैं, APY में शामिल होने के लिए पात्र नहीं हैं।
योजना से निकासी और वापसी
- 60 वर्ष पूर्ण होने पर: मासिक पेंशन के लिए पेंशन राशि का 100% ‘एन्युइटी’ (वार्षिकी) में परिवर्तित कर दिया जाता है।
- 60 वर्ष से पहले मृत्यु की स्थिति में: जीवनसाथी के पास शेष अवधि के लिए खाता जारी रखने या संपूर्ण संचित निधि निकालने का विकल्प होता है।
- स्वैच्छिक निकास: 60 वर्ष की आयु से पहले इसकी अनुमति है, लेकिन केवल अभिदाता का अंशदान और उस पर अर्जित ब्याज (रखरखाव शुल्क घटाकर) ही वापस किया जाता है। सरकार का कोई भी सह-अंशदान और उस पर मिलने वाला ब्याज जब्त कर लिया जाता है।
Source:
DD News
PM India
Jansuraksha
