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सामान्य अध्ययन-2: शिक्षा, स्वास्थ्य, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय| महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ एवं मंच-उनकी संरचना, अधिदेश।

सामान्य अध्ययन -3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव।

संदर्भ: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में विश्व के पहले महामारी समझौते के अंतिम अनसुलझे हिस्से रोगजनक पहुंच और लाभ साझाकरण (Pathogen Access and Benefit Sharing – PABS) प्रणाली को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता जारी है।

अन्य संबंधित जानकारी

• मई 2026 में होने वाली 79वीं विश्व स्वास्थ्य असेंबली (WHA) से पहले, वैज्ञानिकों और नागरिक समाज समूहों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि सख्त सुरक्षा, जवाबदेही और निष्पक्षता के नियम नहीं जोड़े गए, तो वर्तमान मसौदा वैश्विक जोखिमों में वृद्धि कर सकता है।

WHO महामारी समझौते के बारे में

• यह महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया पर विशेष रूप से केंद्रित विश्व की पहली वैश्विक संधि है।

• इसे कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई तीन वर्षों से अधिक की वार्ता के बाद मई 2025 में 78वीं विश्व स्वास्थ्य असेंबली में सर्वसम्मति से अपनाया गया था।

• इस समझौते का लक्ष्य बेहतर अंतर्राष्ट्रीय समन्वय और टीकों, उपचारों एवं निदान तक न्यायसंगत पहुंच के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य संरचना का सुदृढ़ीकरण करना है।

• मुख्य विशेषताएँ:

  • स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान मजबूत वैश्विक सहयोग के लिए सिद्धांतों और उपकरणों को स्थापित करता है।
  • महामारी से संबंधित स्वास्थ्य उत्पादों तक न्यायसंगत और समय पर पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर देता है।
  • यह राष्ट्रीय संप्रभुता को अक्षुण्ण रखता है और इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि WHO घरेलू नीतियों (जैसे लॉकडाउन, यात्रा प्रतिबंध या अनिवार्य टीकाकरण) को लागू नहीं कर सकता।
  • भविष्य की महामारियों के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को अधिक सहयोगात्मक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने का प्रयास करता है।

• कानूनी स्थिति और कार्यान्वयन:

  • यह WHO संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत बातचीत के माध्यम से तैयार किया गया दूसरा अंतर्राष्ट्रीय कानूनी साधन है (पहला: ‘तंबाकू नियंत्रण पर WHO फ्रेमवर्क कन्वेंशन’, 2003)।
  • इस पर PABS अनुलग्नक को अपनाए जाने के बाद ही हस्ताक्षर किए जा सकेंगे।
  • संधि, 60 सदस्य देशों के अनुसमर्थन के बाद लागू होगी।

• संस्थागत और कार्यान्वयन तंत्र: समझौते की रूपरेखा तैयार करने वाला विश्व स्वास्थ्य असेंबली का संकल्प पत्र प्रमुख कार्यान्वयन संरचनाओं को भी अनिवार्य बनाता है:

  • अंतर-सरकारी कार्य समूह (IGWG): PABS प्रणाली का मसौदा तैयार करने, वार्ता करने और कार्यान्वयन के प्रारंभिक चरणों की निगरानी के लिए स्थापित।
  • समन्वयकारी वित्तीय तंत्र: वैश्विक स्तर पर महामारी की रोकथाम और तैयारी क्षमताओं का समर्थन करने के लिए।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और रसद नेटवर्क (GSCL): आपात स्थिति के दौरान स्वास्थ्य उत्पादों तक वहनीय और समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया।

रोगजनक पहुंच और लाभ साझाकरण (PABS) प्रणाली के बारे में

• यह महामारी समझौते का एक मुख्य अनुलग्नक है, जिस पर वर्तमान में IGWG द्वारा चर्चा की जा रही है।

• इसका उद्देश्य कोविड-19 के दौरान उजागर हुई असमानताओं को दूर करना है, जहाँ रोगजनकों को साझा करने के बावजूद सभी को टीकों और उपचारों तक समान पहुंच प्राप्त नहीं हुई थी।

• उद्देश्य:

  • प्रकोप के दौरान रोगजनक नमूनों और आनुवंशिक अनुक्रम डेटा को तेजी से साझा करने में सक्षम बनाना।
  • साझा किए गए डेटा से विकसित टीकों और उपचारों तक निष्पक्ष और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करना।
  • रोगजनक पहुंच को लाभ साझाकरण के साथ जोड़ने वाले एक संरचित वैश्विक तंत्र का निर्माण करना।

• प्रस्तावित प्रावधान:

  • PABS में भाग लेने वाले दवा निर्माताओं के लिए उत्तरदायित्व।
  • निर्माता महामारी के दौरान टीकों और निदान के रियल टाइम उत्पादन का लगभग 20% हिस्सा WHO को त्वरित पहुंच के लिए प्रदान करेंगे।
  • वितरण सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम और आवश्यकता के आधार पर होगा, जिसमें विकासशील देशों को प्राथमिकता दी जाएगी।

WHO महामारी समझौते को लेकर चिंताएँ

• कमजोर समता और लाभ साझाकरण: अनुच्छेद 12.7 और 12.8 के तहत प्रतिबद्धताओं में कमी लाई गई है; कंपनियों के लिए कोई अनिवार्य वित्तीय योगदान निर्धारित नहीं किया गया है और लाभ साझाकरण को वैकल्पिक माना गया है जिससे कोविड-काल की वैक्सीन (टीका) संबंधी असमानताओं की पुनरावृत्ति का जोखिम बना रहता है।

• कानूनी और प्रशासनिक स्पष्टता का अभाव: इस फ्रेमवर्क में कानूनी खामियां, कमजोर जवाबदेही प्रावधान, उपयोगकर्ताओं के लिए कोई बाध्यकारी उत्तरदायित्व नहीं, और प्रतिबंधित नागरिक समाज भागीदारी के साथ सीमित पारदर्शिता शामिल हैं।

• विकासशील देशों के लिए अनिश्चितता: टीकों, नैदानिक उपकरणों या उपचारों तक पहुँच की कोई गारंटी नहीं है, WHO का कोई आरक्षित भंडार नहीं है, और आपात स्थिति के दौरान लाइसेंसिंग तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर कानूनी निश्चितता का अभाव है।

• जैव-सुरक्षा जोखिम: रोगजनक आनुवंशिक डेटा के दुरुपयोग के विरुद्ध सुरक्षा उपाय सख्त नहीं हैं, जिसमें डेटाबेस तक गुमनाम पहुंच, उपयोगकर्ताओं की ट्रैकिंग का अभाव और जोखिम भरे शोध, प्रयोगशाला दुर्घटनाओं या साइबर उल्लंघनों की कोई अनिवार्य रिपोर्टिंग (अनिवार्य सूचना देना) सुनिश्चित नहीं की गई है।

• उभरते प्रौद्योगिकी खतरे: सिंथेटिक बायोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रगति हानिकारक रोगजनकों के प्रयोगशाला पुनर्निर्माण या डिजाइन को सक्षम बना सकती है, जिससे आकस्मिक रिसाव, दुरुपयोग या जानबूझकर जैविक क्षति का जोखिम बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों और नागरिक समाज की सिफारिशें

• समता प्रावधानों का सुदृढ़ीकरण: विशेषज्ञ अनिवार्य वित्तीय योगदान, टीकों और उपचारों तक गारंटीकृत न्यायसंगत पहुंच, और WHO के आपातकालीन भंडार के लिए आरक्षित आपूर्ति की सिफारिश करते हैं।

• कानूनी और संस्थागत स्पष्टता सुनिश्चित करना: वे सभी उपयोगकर्ताओं के लिए बाध्यकारी उत्तरदायित्वों और विकासशील देशों को लाइसेंसिंग तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए कानूनी निश्चितता का आह्वान करते हैं।

• जैव-सुरक्षा नियंत्रणों में सुधार: सिफारिशों में डेटाबेस पहुंच के लिए सत्यापित पहचान और रोगजनक आनुवंशिक अनुक्रम के उपयोग की निगरानी और रिकॉर्डिंग शामिल है।

• सुरक्षा और रिपोर्टिंग प्रणालियों को बढ़ाना: विशेषज्ञों ने खतरनाक अनुसंधान, प्रयोगशाला घटनाओं और साइबर घुसपैठ की अनिवार्य रिपोर्टिंग के साथ-साथ सशक्त वैश्विक जैव-सुरक्षा मानदंडों का आह्वान किया है।

• वैश्विक शासन व्यवस्था को सशक्त बनाना: आह्वानों में में बेहतर साइबर सुरक्षा संरक्षण और रोगजनक-साझाकरण प्रणालियों पर WHO की निगरानी का विस्तार करना और शासन व्यवस्था को सशक्त बनाना शामिल हैं।

Sources
Down To Earth
WHO

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