संबंधित पाठ्यक्रम सामन्य अध्ययन 2: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और मूल ढाँचा; सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-2: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वगों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन। संदर्भ: हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) और पेरिस समझौते
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन 2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय; विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर सरकारी
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन 3: बुनियादी ढाँचा - ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि; संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन। संदर्भ: हाल ही में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-1: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ। सामान्य अध्ययन 2: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना। कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य;
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन 2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। सामान्य अध्ययन 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना,
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: बुनियादी ढाँचा: विमानपत्तन, इत्यादि; भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय। संदर्भ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन 1: विश्व भर में प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उप-महाद्वीप सहित)। सामान्य अध्ययन 3: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा। संदर्भ: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के
संबंधित पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन। संदर्भ: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस के अवसर पर अपनी










