संदर्भ         

हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डेंगू के लिए दूसरे टीके TAK-003 की प्री-क्वालिफिकेशन अर्थात पूर्व-अहर्ता की घोषणा की है। 

TAK-003 टीका

  • इसे वैक्सीन को जापानी दवा निर्माता कंपनी टाकेडा फार्मास्यूटिकल्स (Takeda Pharmaceuticals) द्वारा विकसित किया गया है।
  • यह टीका डेंगू का कारण बनने वाले विषाणु के चार सीरोटाइप के कमजोर संस्करण से बना एक जीवित-क्षीण टीका है।
  • यह टीका रोग उत्पन्न किए बिना शरीर को प्रतिरक्षा विकसित करने में मदद करता है।

अब तक केवल दो डेंगू टीकों को प्री-क्वालिफिकेशन अर्थात पूर्व-अहर्ता प्रदान की गई है।

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इससे पहले सैनोफी पाश्चर (Sanofi Pasteur) द्वारा विकसित डेंगू रोधी CYD-TDV वैक्सीन को प्री-क्वालिफिकेशन प्रदान किया था।
  • इस को टीका को डेंगू के अधिक प्रसार और संचरण दर वाले क्षेत्रों के 6 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों को लगाया जा सकता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस टीका को 2 खुराकों को 3 महीने के अंतराल में दिया जाना चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्री-क्वालिफिकेशन

  • इसका अर्थ यह है कि स्वास्थ्य एजेंसी ने टीका की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता संबंधी आकलन और अनुमोदन किया है।
  • यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि टीका अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है और इसका उपयोग वैश्विक स्तर पर, विशेषकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में किया जा सकता है।
  • प्री-क्वालिफिकेशन वैक्सीन को संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों द्वारा खरीदने की अनुमति देता है।   
  • इस टीका को मंजूरी देने वाले देश में शामिल है: यूके, ब्राजील, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया और थाईलैंड। 

डेंगू के बारे में 

  • डेंगू एक रोगवाहक (वेक्टर) जनित संक्रामक रोग है, जो संक्रमित मादा मच्छरों, विशेषकर एडीज एजिप्टी (एडीज एजिप्टी) और एडीज एल्बोपिक्टस (एडीज एल्बोपिक्टस) मच्छरों, के काटने से फैलता है।
  • डेंगू फ्लेविविरिडे नामक विषाणु परिवार के फ्लेविवायरस जीन से संबंधित हैं। यह फ्लेविवायरस लिपिड-आवरण वाले, एकल-रज्जुक वाले आरएनए(RNA) विषाणु हैं।
  • एक अनुमान के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रति वर्ष डेंगू के 100-400 मिलियन से अधिक मामले सामने आते हैं।
  • वर्ष 2023 में तब डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज की गई थी, जब अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्र में 4.5 मिलियन मामले दर्ज किए गए तथा 2300 लोगों की मृत्यु हुई थीं। 

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