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सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबंधित विषय| विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव।

संदर्भ: वित्तीय सेवा विभाग ने RuPay डेबिट कार्ड और कम मूल्य के BHIM-UPI (व्यक्ति-से-व्यापारी) लेनदेन के संवर्धन हेतु प्रोत्साहन योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण” शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की।

अन्य संबंधित जानकारी

  • यह रिपोर्ट डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, भुगतान बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और वित्तीय समावेशन को गति देने में सरकार के प्रोत्साहन ढांचे की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करती है।
  • यह अध्ययन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के परामर्श से एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसी द्वारा किया गया था।
  • RuPay डेबिट कार्ड और कम मूल्य के BHIM-UPI ‘व्यक्ति-से-व्यापारी’ (P2M) लेनदेन के संवर्धन हेतु प्रोत्साहन योजना वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई थी। सार्वभौमिक डिजिटल भुगतान अपनाने में तेजी लाने, नकदी पर निर्भरता कम करने और नियमित आर्थिक गतिविधियों को औपचारिक रूप देने के लिए इसे वित्तीय वर्ष 2024-25 तक जारी रखा गया।
  • इसने ‘अधिग्रहित बैंकों’ और इकोसिस्टम के प्रतिभागियों को संरचित बजटीय सहायता प्रदान की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डिजिटल भुगतान नागरिकों और व्यापारियों के लिए किफायती, सुलभ और टिकाऊ बना रहे।

अध्ययन की कार्यप्रणाली

  • सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण 15 राज्यों के 10,378 उत्तरदाताओं को कवर करने वाले प्राथमिक सर्वेक्षण पर आधारित है।
  • सर्वेक्षण में शामिल हितधारकों में 6,167 उपयोगकर्ता, 2,199 व्यापारी और 2,012 सेवा प्रदाता शामिल थे।
  • नमूना ढांचे में पांच भौगोलिक क्षेत्रों—उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और उत्तर-पूर्व को शामिल किया गया, जिसमें शहरी और अर्ध-शहरी दोनों स्थान शामिल थे।
  • विश्वसनीय डेटा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए 22 जुलाई से 25 अगस्त 2025 के बीच कंप्यूटर से व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI) का उपयोग करके फील्ड वर्क किया गया।

मुख्य निष्कर्ष

  • रिपोर्ट में पाया गया कि सामाजिक-आर्थिक वर्गों में डिजिटल भुगतान को अपनाने में उल्लेखनीय और निरंतर वृद्धि हुई है।
  • UPI, 57% हिस्सेदारी के साथ सबसे पसंदीदा माध्यम के रूप में उभरा है, जिसके माध्यम से 38% नकद लेनदेन से अधिक होता है। इसका मुख्य कारण इसके उपयोग में आसानी और तत्काल राशि हस्तांतरण की क्षमता है।
  • लगभग 65% UPI उपयोगकर्ताओं ने बताया कि वे प्रतिदिन कई डिजिटल लेनदेन करते हैं जो रोज़ाना के भुगतान व्यवहार में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।
  • 18-25 आयु वर्ग में इसे अपनाने की दर विशेष रूप से अधिक (66%) है, जो बढ़ती ‘डिजिटल-फर्स्ट’ वित्तीय संस्कृति को दर्शाती है।
  • लगभग 90% उपयोगकर्ताओं ने बताया कि UPI और RuPay कार्ड का उपयोग करने के बाद डिजिटल भुगतान में उनका विश्वास बढ़ा है।
  • कैशबैक प्रोत्साहन (52%) और लेनदेन की गति (74%) इसे अपनाने के प्रमुख चालक बने रहे।

व्यापारी द्वारा अपनाया जाना:

  • व्यापारियों ने व्यापक तौर पर डिजिटल माध्यमों को अपनाया है, जिसमें 94% छोटे व्यापारियों ने UPI को अपनाया है।
  • लगभग 72% ने तीव्र भुगतान और बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग (दस्तावेज़ीकरण) के कारण इस पर संतोष व्यक्त किया, जबकि 57% ने डिजिटल होने के बाद बिक्री में वृद्धि की सूचना दी।
  • प्रोत्साहन राशि ने लागत संबंधी बाधाओं को कम करने और व्यापारियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बुनियादी ढांचे का विस्तार:

  • योजना की अवधि के दौरान डिजिटल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 80% हो गई।
  • UPI QR का परिनियोजन 9.3 करोड़ से बढ़कर लगभग 65.8 करोड़ हो गया।
  • तृतीय-पक्ष ऐप (Third-party apps) की संख्या 16 से बढ़कर 38 हो गई, और UPI प्लेटफॉर्म पर बैंकों की संख्या 2021 में 216 से बढ़कर 2025 तक 661 हो गई।
  • इस अवधि में एटीएम से नकद निकासी में कमी और कम मूल्यवर्ग की मुद्रा पर निर्भरता में गिरावट दर्ज की गई।

वित्तीय सहायता और प्रभाव:

  • सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022 और 2025 के बीच ₹8,276 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मुहैया कराई, जिससे बैंकों और भुगतान इकोसिस्टम के प्रतिभागियों को कम मूल्य के डिजिटल लेनदेन के पैमाने का विस्तार करने में सहायता मिली।
  • इस योजना ने अर्थव्यवस्था के अधिक औपचारिकीकरण, पारदर्शिता में सुधार, व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि और सुदृढ़ फिनटेक नवाचार में योगदान दिया।

आगे की राह

  • रिपोर्ट एक संतुलित डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता पर बल देती है जो सभी हितधारकों के लिए सहायक हो और बुनियादी ढांचे की लागत को स्थायी रूप से साझा करे।
  • यह रिपोर्ट एक समान प्रोत्साहन डिजाइन (One-size-fits-all) के प्रति आगाह करती है और यह बताती है कि जहाँ UPI को पहले ही कई लोगों द्वारा अपना लिया गया है, वहीं RuPay के उपयोग के लिए अभी भी लक्षित सहायता की आवश्यकता है।
  • अनुशंसित उपायों में टियर 2-6 शहरों में RuPay लेनदेन के लिए चरणबद्ध कैशबैक कार्यक्रम, संपर्करहित RuPay कार्ड जारी करना और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे स्वीकार करने की प्रवृत्ति का विस्तार करना शामिल है।
  • रिपोर्ट UPI Lite जैसे समाधानों के माध्यम से कम मूल्य के दैनिक भुगतानों को बढ़ावा देने और समावेशी डिजिटल भुगतान वृद्धि को बनाए रखने के लिए, विशेष रूप से अल्प सेवित  क्षेत्रों में, लक्षित प्रोत्साहन जारी रखने का आह्वान करती है।

Source:
PIB
Financial Services
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