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सामान्य अध्ययन 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय ।
संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ‘पैमाना-आधारित नियामक’ (Scale-Based Regulatory – SBR) ढांचे के तहत ‘एनबीएफसी-अपर लेयर’ (NBFC-UL) संस्थाओं की पहचान करने की कार्यप्रणाली में संशोधन करने और इस श्रेणी में सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी (NBFCs) को शामिल करने हेतु संशोधन निर्देशों का मसौदा जारी किया है।
पृष्ठभूमि:

• पैमाना-आधारित नियामक (SBR) फ्रेमवर्क मुख्य रूप से दो विधियों का उपयोग करके ‘एनबीएफसी-अपर लेयर’ (NBFC-UL) की पहचान करता है: परिसंपत्ति के आकार के आधार पर शीर्ष 10 पात्र एनबीएफसी। एक मापदंड-आधारित स्कोरिंग कार्यप्रणाली।
• वर्तमान में, सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी को केवल ‘बेस लेयर’ (Base Layer) या ‘मिडिल लेयर’ (Middle Layer) में रखा जाता है और ‘अपर लेयर’ (Upper Layer) के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किया जाता है।
उद्देश्य और प्रस्तावित परिवर्तन:
• परिसंपत्ति आकार-आधारित वर्गीकरण: एक पारदर्शी, सरल और वस्तुनिष्ठ प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए, मौजूदा कार्यप्रणाली को ₹1,00,000 करोड़ और उससे अधिक के एकल परिसंपत्ति आकार मानदंड से बदलने का प्रस्ताव है।
- इस सीमा की प्रत्येक पाँच वर्ष में समीक्षा की जाएगी।
• ‘शीर्ष 10′ के स्वत: चयन नियम की समाप्ति:

- शीर्ष 10 एनबीएफसी को (अपर लेयर में) स्वतः शामिल करने की प्रक्रिया को समाप्त करने का प्रस्ताव है।
- यह रैंकिंग-आधारित पहचान के बजाय निर्धारित मानदंड पर ध्यान केंद्रित करता है।
• सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी का समावेश: एक ‘स्वामित्व-तटस्थ’ नियामक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए, संशोधित मानदंडों के आधार पर पात्र सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी को NBFC-UL श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है।
• इसके अतिरिक्त, सभी NBFC-UL संस्थाओं को निर्दिष्ट शर्तों के अधीन, बिना किसी सीमा के राज्य सरकार की गारंटी को क्रेडिट जोखिम हस्तांतरण साधनों के रूप में उपयोग करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
NBFC के लिए पैमाना आधारित नियामक फ्रेमवर्क:
| लेयर | श्रेणी | मापदंड |
| बेस लेयर (NBFC-BL) | निम्न-जोखिम NBFCs | ₹1,000 करोड़ से कम परिसंपत्ति आकार वाली गैर-जमा लेने वाली एनबीएफसी; एनबीएफसी पीयर-टू-पीयर (P2P); एनबीएफसी अकाउंट एग्रीगेटर। |
| मिडिल लेयर (NBFC-ML) | माध्यम-जोखिम NBFCs | सभी जमा लेने वाली एनबीएफसी (आकार कुछ भी हो); ₹1,000 करोड़ और उससे अधिक परिसंपत्ति आकार वाली गैर-जमा लेने वाली एनबीएफसी; स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर (SPD); इंफ्रास्ट्रक्चर डेट फंड (IDF) एनबीएफसी। |
| अपर लेयर (NBFC-UL) | उच्च-जोखिम / प्रणालीगत महत्वपूर्ण NBFCs | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा मापदंडों और स्कोरिंग कार्यप्रणाली के आधार पर पहचानी गई एनबीएफसी; अन्य कारकों के बावजूद परिसंपत्ति आकार के आधार पर पात्र एनबीएफसी। |
| टॉप लेयर (NBFC-TL) | अत्यंत जोखिम (डिफ़ॉल्ट द्वारा रिक्त) | आदर्श रूप से यह स्तर रिक्त रहता है; इसमें अपर लेयर की वे एनबीएफसी शामिल होती हैं जिनमें आरबीआई के अनुसार प्रणालीगत जोखिम में अत्यधिक वृद्धि देखी गई हो। |
नए दृष्टिकोण के निहितार्थ:
• नियामक स्पष्टता:
- यह स्कोरिंग-आधारित वर्गीकरण की अस्पष्टता को समाप्त करता है।
- बड़ी एनबीएफसी (NBFCs) के लिए अनुपालन हेतु एक स्पष्ट सीमा प्रदान करता है।
• बड़े समूहों पर प्रभाव:
- टाटा संस जैसी बड़ी होल्डिंग कंपनियाँ अपनी परिसंपत्ति के आकार के आधार पर NBFC-UL के दायरे में आ सकती हैं।
- इससे उन पर नियामक निगरानी और अनुपालन आवश्यकताओं में वृद्धि होगी।
• लिस्टिंग बहस में प्रासंगिकता:
- संशोधित ढांचा विशेष रूप से ‘प्रमुख निवेश (कोर इन्वेस्टमेंट) कंपनियों’ के लिए नियामक स्थिति को और अधिक स्पष्ट कर सकता है।
प्रमुख चुनौतियाँ:
• अपर लेयर में अधिक एनबीएफसी के शामिल होने और सख्त मानदंडों के कारण अनुपालन लागत बढ़ सकती है।
• परिसंपत्ति-आधारित वर्गीकरण में विभिन्न प्रकार के जोखिमों और ‘परस्पर जुड़ाव’ जैसे गुणात्मक कारकों की अनदेखी हो सकती है।
• सरकारी एनबीएफसी को शामिल करने से उनकी परिचालन लचीलापन कम हो सकती है और अनुपालन का दबाव बढ़ सकता है।
• स्वामित्व और कॉर्पोरेट प्रशासन से जुड़े मुद्दे (जैसे टाटा संस का मामला) नियामक और पुनर्गठन संबंधी चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकते हैं।
प्रस्ताव का महत्व:
• स्पष्ट परिसंपत्ति-आधारित मानदंडों के माध्यम से जटिल नियमों को सरल बनाना।
• वर्गीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूर्वानुमेयता को बढ़ावा देना।
• सार्वजनिक (सरकारी) और निजी एनबीएफसी के साथ समान नियामक व्यवहार की दिशा में एक बड़ा कदम।
• बड़ी एनबीएफसी के लिए ‘प्रणालीगत जोखिम’ की निगरानी को सुदृढ़ करना।
• इससे ‘अपर लेयर’ के तहत वर्गीकृत होने वाली एनबीएफसी की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
