संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से संबंधित विषय।
सामान्य अध्ययन -3: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा; संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण।
संदर्भ: हाल ही में, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सौर इंगोट और वेफर्स के लिए ‘ALMM सूची-III’ शुरू करके ‘एप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स’ (ALMM) फ्रेमवर्क का विस्तार किया।
अन्य संबंधित जानकारी’

- ये नए प्रावधान 1 जून 2028 से प्रभावी होंगे। इनका उद्देश्य सौर मूल्य श्रृंखला में घरेलू स्रोतों से अनिवार्य खरीद का विस्तार करना है।
- यह संशोधन ALMM आदेश, 2019 पर आधारित है, जो सौर विनिर्माण में गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
- इस निर्णय का मुख्य लक्ष्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
- ALMM सूची-I में सौर पीवी (PV) मॉड्यूल के मॉडल और निर्माता शामिल हैं। ALMM सूची-II में सौर पीवी (PV) सेल के मॉडल और निर्माता निर्दिष्ट हैं।
विस्तार के मुख्य प्रावधान
- सरकार ने 1 जून 2028 को उस प्रभावी तिथि के रूप में निर्धारित किया है, जिससे सभी लागू सौर परियोजनाओं के लिए ALMM-सूचीबद्ध (ALMM-listed) वेफर्स का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
- वेफर्स (सूची-III):
- वेफर सौर सेलों के विनिर्माण में उपयोग किए जाने वाले मध्यवर्ती घटक हैं।
- प्रभावी तिथि के पश्चात अधिष्ठापित की जाने वाली परियोजनाओं के लिए अनुमोदित घरेलू निर्माताओं से वेफर प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
- इंगोट्स (अपस्ट्रीम एकीकरण):
- इंगोट कच्चे क्रिस्टलीय पदार्थ हैं, जिनका उपयोग वेफर के उत्पादन के लिए किया जाता है।
- वेफर के लिए ALMM सूची-III में सम्मिलित होने हेतु निर्माताओं के पास समतुल्य इंगोट विनिर्माण क्षमता होना अनिवार्य है।
- वेफर्स (सूची-III):
- ALMM सूची-III केवल तभी जारी की जाएगी जब कम से कम तीन स्वतंत्र निर्माता उपलब्ध हों, जिनकी कुल संयुक्त क्षमता 15 गीगावाट (GW) हो।
- यह नीति नेट मीटरिंग, ओपन एक्सेस और विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत आवंटित परियोजनाओं पर लागू होगी।
- अधिसूचित समय-सीमा के बाद बोली लगाने वाली परियोजनाओं के लिए ALMM-सूचीबद्ध वेफर्स का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
- प्रभावी तिथि के पश्चात, ALMM सूची-I के मॉड्यूल में ALMM-सूचीबद्ध सेल और वेफर का उपयोग होना चाहिए, जिससे संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
- यह संशोधन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की मौजूदा योजनाओं के तहत घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) के वर्तमान प्रावधानों को कमतर नहीं करता है।
- इस नीति में ‘ग्रैंडफादरिंग’ (Grandfathering) प्रावधान शामिल हैं ताकि निर्माणाधीन या जारी परियोजनाओं के हितों की रक्षा की जा सके।
अपवाद और संक्रमणकालीन प्रावधान
- वे परियोजनाएं जिनकी बोली (bids) निर्धारित तिथि पर या उससे पहले लगाई गई हैं, उन्हें ALMM-सूचीबद्ध वेफर्स के उपयोग से छूट प्राप्त होगी।
- जिन परियोजनाओं के विद्युत क्रय समझौतों (PPA) पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं या जिनकी बोली निर्धारित तिथि से पहले की हैं, उन्हें यह छूट मिलती रहेगी।
- 1 जून 2028 से पहले अधिष्ठापित होने वाली नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाओं को वेफर संबंधी अनिवार्यताओं से छूट दी गई है।
- सरकारी कैप्टिव परियोजनाएं अपनी अधिष्ठापन समय-सीमा के आधार पर चरणबद्ध अनुपालन का पालन करेंगी।
- एकीकृत इकाइयों में निर्मित पतली-फिल्म सौर मॉडलों को वेफर और सेल की आवश्यकताओं के अनुरूप माना जाएगा।
महत्व
- यह नीति सौर विनिर्माण श्रृंखला के सभी चरणों में घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देती है।
- यह उपाय आयातित वेफर्स और इंगोट्स पर निर्भरता को कम करता है।
- यह फ्रेमवर्क आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और गुणवत्ता आश्वासन को बढ़ाता है।
- यह नीति विनिर्माण के अपस्ट्रीम क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करती है और रोजगार के अवसरों का सृजन करती है।
- यह पहल 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य का समर्थन करती है।
