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सामान्य अध्ययन-3: सूचना प्रौद्योगिकी (IT), अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता।
संदर्भ: हाल ही में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य को आकार देने में अत्यंत विशाल प्रणालियों के बजाय छोटे, कुशल मॉडलों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अन्य संबंधित जानकारी
• उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ‘विश्व आर्थिक मंच’ की बैठक के अवसर पर हुए निजी मीडिया साक्षात्कार के दौरान भारत का ‘AI रोडमैप’ साझा किया।
• उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक एआई कार्य का लगभग 95 प्रतिशत छोटे मॉडलों द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

• उनके अनुसार, भारत उद्यम की जरूरतों को पूरा करने के लिए 50 अरब से 120 अरब ‘पैरामीटर्स’ वाले 12 AI मॉडल विकसित कर रहा है।
• 10 सेमीकंडक्टर संयंत्र निर्माणाधीन हैं, जिनमें से तीन पहले से ही पायलट उत्पादन चरण में प्रवेश कर चुके हैं। इस वर्ष चार और संयंत्रों के पायलट और व्यावसायिक उत्पादन में शामिल होने अपेक्षा है।
• इसके साथ ही उन्होंने ‘साउंड-टू-साउंड एआई’ जैसे उभरते नवाचारों पर प्रकाश डाला और भारत की वैश्विक नवाचार भूमिका पर दृढ़ विश्वास जताया।
स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (SLMs) के बारे में
• स्मॉल लैंग्वेज मॉडल वे एआई प्रणालियाँ हैं जो लार्ज लैंग्वेज मॉडलों की तुलना में कम ‘पैरामीटर्स’ का उपयोग करके नेचुरल लैंग्वेज को संसाधित और जनरेट करती हैं।
• सैकड़ों अरबों पैरामीटर्स वाले लार्ज लैंग्वेज मॉडलों के विपरीत, इनका पैरामीटर आकार कुछ मिलियन से लेकर बिलियन तक होता है।
• पैरामीटर्स सीखे गए आंतरिक चर होते हैं जो यह तय करते हैं कि कोई मॉडल भाषा को कैसे समझता है और उस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।
मुख्य संरचना और कार्यक्षमता
• ट्रांसफॉर्मर फ्रेमवर्क: SLMs शब्दों के बीच संदर्भ और संबंधों को समझने के लिए ‘सेल्फ-अटेंशन’ तंत्र वाले न्यूरल नेटवर्क का उपयोग करते हैं।
• टोकनाइजेशन और एम्बेडिंग: इनपुट टेक्स्ट को ‘टोकन’ में परिवर्तित किया जाता है जो मॉडल को सबसे संभावित अगले टोकन की भविष्यवाणी करने में सक्षम बनाता है।
• विशिष्ट प्रशिक्षण: LLMs के विपरीत, जो विशाल सामान्य डेटासेट पर निर्भर होते हैं, SLMs को छोटे, चयनात्मक और डोमेन-विशिष्ट डेटासेट पर प्रशिक्षित किया जाता है।
- लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) जैसे LLaMA, Claude, Gemini उन्नत एआई प्रणालियाँ हैं जिन्हें मानव जैसी भाषा को समझने और विकसित करने के लिए व्यापक डेटासेट पर प्रशिक्षित किया जाता है।
LLM की तुलना में SLM की महत्ता के कारण
• संक्षिप्त और कुशल: SLMs को LLMs की तुलना में कम प्रशिक्षण डेटा, मेमोरी, शक्ति और हार्डवेयर की आवश्यकता होती है, जो उन्हें ‘एज डिवाइस’ (Edge Devices) और मोबाइल एआई जैसे संसाधन-सीमित वातावरण के लिए आदर्श बनाता है।
• उपयोगिता: ये एज डिवाइस, मोबाइल एप्लिकेशन और ऑफलाइन एआई उपयोग के लिए उपयुक्त हैं।
• बेहतर अनुकूलन: SLMs लार्ज मॉडलों के समान ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर का उपयोग करते हैं लेकिन दक्षता और कार्य-विशिष्ट सटीकता के लिए अनुकूलित होते हैं।
• डोमेन विशेषज्ञता: SLMs को स्वास्थ्य सेवा, वित्त और ग्राहक सहायता जैसे विशिष्ट वर्कफ्लो में आसानी से एकीकृत किया जा सकता है, जहाँ गहन ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है।
एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की पहल
• कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति (AI4ALL): यह नीति आयोग (2018) द्वारा विकसित आधारभूत राष्ट्रीय रणनीति है जो केवल प्रौद्योगिकी नेतृत्व के लिए एआई के बजाय सामाजिक कल्याण के लिए AI को अपनाने पर बल देती है।
• IndiaAI मिशन: यह एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो भारत के AI रोडमैप पर केन्द्रित है और इसे कैबिनेट द्वारा 7 मार्च 2024 को पांच वर्षों में ₹10,370 करोड़ से अधिक के परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी।
- मुख्य घटकों में शामिल हैं: कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटासेट प्लेटफॉर्म, नवाचार केंद्र और स्टार्टअप्स, भविष्य के कौशल और AI साक्षरता, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई।
- इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: इंडिया एआई मिशन के तहत प्रमुख वैश्विक सभा जिसका उद्देश्य एआई समाधानों का प्रदर्शन करना, उद्योग, शिक्षा जगत, सरकार और नागरिक समाज को संरेखित करना और वास्तविक विश्व के एआई अनुप्रयोगों के लिए ज्ञान कलाकृतियाँ और केसबुक प्रकाशित करना है।
• इंडिया एआई गवर्नेंस गाइडलाइंस: ये दिशानिर्देश सुरक्षित, समावेशी और जिम्मेदार एआई को बढ़ावा देने के लिए 5 नवंबर 2025 को जारी किए।
