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सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

संदर्भ: भारत ने मिशन मौसम के तहत इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी पहली “स्काईकास्ट” (SkyCast) विमानन मौसम निगरानी प्रणाली का उद्घाटन किया, जिससे भारत एकीकृत विमानन मौसम खुफिया प्रणाली तैनात करने वाला विश्व का 19वां देश बन गया है।

स्काईकस्ट विमानन मौसम निगरानी प्रणाली के बारे में

  • स्काईकास्ट (SkyCast) ‘मिशन मौसम’ के तहत विकसित एक उन्नत एकीकृत वायुमंडलीय सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) और विमानन मौसम निगरानी प्रणाली है।
  • यह पायलटों, एयरलाइंस, विमानपत्तन ऑपरेटरों और हवाई यातायात प्रबंधन एजेंसियों को रियल-टाइम में मौसम संबंधी खुफिया जानकारी प्रदान करता है।
  • इस प्रणाली को कोहरे, विक्षोभ, हवा के रुख में अचानक बदलाव (विंड शियर), कम दृश्यता और मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण उड़ानों में होने वाले व्यवधानों को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • यह नाउकास्टिंग (तत्काल पूर्वानुमान) और प्रारंभिक चेतावनी सेवाएँ प्रदान करती है, जिससे सुरक्षित टेक-ऑफ (उड़ान भरने) और लैंडिंग (उतरने) में मदद मिलती है।
  • दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद, अगला स्काईकास्ट केंद्र नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थापित किया जाएगा।
  • यह प्रणाली वर्ष 2015 में आईजीआई हवाई अड्डे पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए ‘विंटर फॉग एक्सपेरिमेंट’ (WiFEX – शीतकालीन कोहरा प्रयोग) के निष्कर्षों पर आधारित है।
  • WiFEX ने कोहरे के निर्माण, एयरोसोल-बादल अंतःक्रियाओं, दृश्यता में कमी और अर्बन बाउंड्री-लेयर प्रक्रियाओं की समझ में सुधार किया।

स्काईकास्ट का महत्व

  • विमानन सुरक्षा बढ़ाना: स्काईकास्ट पवन, विक्षोभ, कोहरे और दृश्यता की स्थितियों की रियल-टाइम में निगरानी करता है, जिससे विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ, लैंडिंग और उड़ान संचालन में मदद मिलती है।
  • उड़ानों में देरी और मार्ग परिवर्तन को कम करना: यह प्रणाली पायलटों और एयरलाइंस को अग्रिम मौसम चेतावनी प्रदान करती है, जिससे मौसम के कारण होने वाली देरी, रद्दीकरण और मार्ग परिवर्तन को न्यूनतम करने में सहायता मिलती है।
  • कोहरा-मुक्त उड़ान” की दिशा में कदम: इसकी उन्नत कोहरा-निगरानी क्षमताएं दृश्यता के पूर्वानुमान में सुधार करती हैं, विशेष रूप से दिल्ली में शीतकाल के दौरान पड़ने वाले घने कोहरे की स्थिति के समय।
  • मौसम पूर्वानुमान को सुदृढ़ करना: स्काईकास्ट उच्च गुणवत्ता वाले वायुमंडलीय आंकड़े उत्पन्न करता है जो नाउकास्टिंग को बढ़ाता है तथा मौसम के पूर्वानुमानों की सटीकता में सुधार करता है।
  • व्यापक सार्वजनिक सेवाओं का समर्थन: स्काईकास्ट द्वारा किए गए अवलोकनों का उपयोग एआई-सक्षम पूर्वानुमान, प्रदूषण प्रबंधन, परिवहन एडवाइज़री, शहरी मौसम पूर्वानुमान और आपदा तैयारी के लिए किया जा सकता है।

मिशन मौसम के बारे में

  • यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे सितंबर 2024 में वर्ष 2024-26 की अवधि के लिए ₹2,000 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी।
  • इसका उद्देश्य भारत को एक “मौसम-तैयार और जलवायु-स्मार्ट राष्ट्र” बनाना है जो जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों को कम करने में सक्षम हो।
  • उद्देश्य:
    • अत्याधुनिक मौसम निगरानी प्रौद्योगिकियों का विकास करना।
    • बेहतर स्थानिक और कालिक कवरेज के साथ वायुमंडलीय अवलोकनों को बढ़ाना।
    • अगली पीढ़ी के राडार, उपग्रहों और वायुमंडलीय निगरानी प्रणालियों को तैनात करना।
    • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का उपयोग करके मौसम के पूर्वानुमान में सुधार करना।
    • मौसम सेवाओं और चेतावनियों को नगरों, गाँवों के अंतिम छोर तक पहुँचाना।
    • मौसम प्रबंधन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करना।
  • प्रमुख लक्ष्य: मौसम अवलोकन बुनियादी ढांचे में वृद्धि करना, जिसमें शामिल हैं:
    • 50 डॉप्लर मौसम राडार (DWRs)
    • 60 रेडियोसोंड/रेडियोविंड (RS/RW) प्रणालियाँ
    • 100 डिस्ट्रोमीटर
    • 10 विंड प्रोफाइलर
    • 25 रेडियोमीटर  
  • मौसम पूर्वानुमान के रेजोल्यूशन को 12 किमी से सुधारकर 6 किमी करना, जिससे पंचायत-स्तर पर पूर्वानुमान सक्षम हो सकेगा।
  • नाउकास्टिंग की आवृत्ति को हर 3 घंटे से बढ़ाकर प्रति 1 घंटे में अपडेट करना।
  • कार्यान्वयन एजेंसियां:
    • भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD): अवलोकन, सेवाएं, वितरण और निर्णय समर्थन।
    • भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM): अनुसंधान, फील्ड अभियान, प्रक्रिया अध्ययन और मॉडलिंग।
    • राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF): डेटा समावेशन और निर्बाध मौसम पूर्वानुमान।

Sources:
DD News
ISTIP
PIB

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