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सामान्य अध्ययन-3: बुनियादी ढांचा : ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि ।
संदर्भ: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने नई दिल्ली में आयोजित ‘लीप्स (LEAPS) पुरस्कार 2025’ समारोह के दौरान ‘लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स’ (LEADS) रिपोर्ट 2025 का सातवां संस्करण जारी किया।
LEADS रिपोर्ट के बारे में
- विभिन्न राज्यों में रसद सुगमता (LEADS), राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रसद (लॉजिस्टिक्स) प्रदर्शन का आकलन करने के लिए 2018 में शुरू किया गया DPIIT का एक प्रमुख राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है।
- यह रिपोर्ट बुनियादी ढांचे, रसद सेवाओं, नियामक वातावरण, परिचालन दक्षता और वस्तुओं की आवाजाही की सुगमता के आधार पर रसद दक्षता का मूल्यांकन करती है।
- LEADS 2025 ने एक संशोधित चार-स्तरीय प्रदर्शन वर्गीकरण पेश किया और मूल्यांकन की पारदर्शिता एवं सुस्पष्टता में सुधार के लिए वस्तुनिष्ठ तथा साक्ष्य-आधारित संकेतकों को लगभग 59% भारांश प्रदान किया।
- यह रिपोर्ट एकीकृत, बहुविध और लागत-कुशल रसद प्रणालियों को बढ़ावा देकर पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय रसद नीति के उद्देश्यों का समर्थन करती है।
LEADS 2025 के मुख्य निष्कर्ष
- चार-स्तरीय वर्गीकरण की शुरुआत: LEADS 2025 ने पूर्ववर्ती त्रि-स्तरीय प्रणाली के स्थान पर एक नया चार-स्तरीय ढांचा अपनाया है:
- एक्सेम्पलर्स
- हाई परफॉर्मर्स
- एक्सेलरेटर्स
- ग्रोथ-सीकर्स
- एक्सेम्पलर्स (शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश): इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने रसद बुनियादी ढांचे, नीतिगत समर्थन, सेवा वितरण और नियामक ढांचे में निरंतर उत्कृष्टता प्रदर्शित की है।
- तमिलनाडु – तटीय राज्य
- उत्तर प्रदेश – स्थलबद्ध राज्य
- मिजोरम – उत्तर-पूर्वी राज्य
- दिल्ली – केंद्र शासित प्रदेश
- हाई परफॉर्मर्स (High Performers): इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिकांश प्रदर्शन संकेतकों में मजबूत और सतत रसद परिणाम प्रदर्शित किए हैं।
- तटीय राज्य: गुजरात, केरल, महाराष्ट्र
- स्थलबद्ध राज्य: हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार
- उत्तर-पूर्वी राज्य: त्रिपुरा, मेघालय
- केंद्र शासित प्रदेश: जम्मू और कश्मीर, पुडुचेरी
- एक्सेलरेटर्स (Accelerators): इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने तीव्र सुधार और सुधार-उन्मुख रसद विकास का प्रदर्शन किया है।
- तटीय राज्य: आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, कर्नाटक
- स्थलबद्ध राज्य: पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश
- उत्तर-पूर्वी राज्य: नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम
- केंद्र शासित प्रदेश: दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, चंडीगढ़, लद्दाख, लक्षद्वीप
- ग्रोथ-सीकर्स (Growth-Seekers): ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश रसद इकोसिस्टम और संस्थागत विकास के आधारभूत चरण में हैं।
- पश्चिम बंगाल
- राजस्थान
- सिक्किम
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- महत्वपूर्ण बिंदु:
- उत्तर प्रदेश ने 2022-2024 तक “अचीवर” के रूप में वर्गीकृत रहने के बाद उच्चतम “एक्सेम्पलर” दर्जा प्राप्त किया है, जो रसद बुनियादी ढांचे और औद्योगिक कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
- जम्मू और कश्मीर ने 2023 में “एस्पायरर्स” और 2024 में “फास्ट मूवर” श्रेणी से सुधार करते हुए 2025 में “हाई परफॉर्मर” का दर्जा प्राप्त किया है।
- LEADS 2025 मापनीय संकेतकों और साक्ष्य-आधारित रसद सुधारों पर अधिक बल देता है।
- इस रिपोर्ट का लक्ष्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रसद प्रदर्शन के बेंचमार्किंग और क्षेत्रीय अंतराल की पहचान करने में सक्षम बनाकर सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देना है।
