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सामान्य अध्ययन-3: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे इत्यादि।
संदर्भ: हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने अपने 120+ सदस्य देशों में स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने में तेज़ी लाने के लिए ‘ग्लोबल मिशन ऑन AI फॉर एनर्जी’ लॉन्च किया।
अन्य संबधित जानकारी:

• इसकी घोषणा नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में की गई।
• सत्र का शीर्षक “ग्लोबल मिशन ऑन AI फॉर एनर्जी – स्केलिंग थ्रू सिटीजन-सेंट्रिक इंडिया एनर्जी स्टैक” था।
• इस मिशन का उद्देश्य एआई-सक्षम स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के विस्तार के लिए सरकारों, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और बहुपक्षीय संगठनों को एकजुट करना है।
• ‘साझा समृद्धि के लिए स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित विद्युत: डिजिटल और एआई-सक्षम विद्युत प्रणालियों की क्षमता का उपयोग’ शीर्षक से एक रिपोर्ट भी जारी की गई थी।
• रिपोर्ट इस बात पर बल देती है कि एआई और स्वच्छ ऊर्जा एक-दूसरे को सुदृढ़ करते हैं; किफायती स्वच्छ बिजली डिजिटल विकास को गति देती है, जबकि एआई कुशल नवीकरणीय ऊर्जा परिनियोजन को सक्षम बनाता है।
मिशन के मुख्य उद्देश्य:
• स्मार्ट ग्रिड रूपांतरण: बुद्धिमान, द्विदिश ग्रिड का निर्माण करना जो विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करने में सक्षम हों।
• डिजिटल लीपफ्रॉगिंग: विकासशील देशों को एआई-सक्षम ऊर्जा प्रणालियों का उपयोग करके पुरानी बुनियादी ढांचा प्रणालियों का त्याग करने और सीधे आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद करना।
• नागरिक-केंद्रित ऊर्जा प्रणालियाँ: अंतर-संचालनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं को केंद्र में रखना।
• प्रणाली-स्तरीय परिवर्तन: पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़कर नीतिगत ढांचे, डेटा बुनियादी ढांचे, तकनीकी क्षमता और वित्त का संरेखण करना।
• विकेंद्रीकृत ऊर्जा विस्तार: एआई-संचालित पूर्वानुमान और अनुकूलन का उपयोग करके वितरित सौर और ‘प्रोज्यूमर’ (उत्पादक व उपभोक्ता) इकोसिस्टम का समर्थन करना।
एआई इम्पैक्ट समिट में रेखांकित मुख्य विषय:
• ऊर्जा संक्रमण के इंजन के रूप में एआई: एआई लोड पूर्वानुमान, पूर्व-अनुमानित रखरखाव, ग्रिड अनुकूलन और नवीकरणीय एकीकरण को बढ़ा सकता है।
- यह वितरित ऊर्जा परिसंपत्तियों के रियल टाइम प्रबंधन को सक्षम बनाता है, विशेष रूप से असमान बिजली पहुंच वाली विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में।
- डिजिटलीकरण और एआई को न्यायसंगत ऊर्जा संक्रमण के आवश्यक सक्षमकर्ता के रूप में देखा जा रहा है।
• ऊर्जा संक्रमण से ग्रिड संक्रमण की ओर अग्रसर: वितरित नवीकरणीय ऊर्जा के त्वरित विस्तार से ध्यान अब क्षमता वृद्धि से हटाकर ग्रिड एकीकरण की ओर दिया जा रहा है।
- इसके लिए सुदृढ़ पारेषण बुनियादी ढाँचा, आधुनिक वितरण नेटवर्क और डिजिटल अनुकूलन के साथ रियल टाइम निगरानी की आवश्यकता है।
• डिजिटल ऊर्जा मॉडल के रूप में भारत: विद्युत क्षेत्र में भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) को एक विस्तार योग्य टेम्पलेट के रूप में प्रदर्शित किया गया।
- उपभोक्ताओं, उपयोगिताओं, विक्रेताओं और वित्तदाताओं को जोड़ने वाले अंतर-संचालनीय प्लेटफॉर्म समावेशी सेवा वितरण सुनिश्चित करते हैं।
- दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल ग्रिड प्रणालियों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
• भारत की सौर यात्रा: भारत की सौर क्षमता 2014 में 3 GW से कम से बढ़कर 141 GW से अधिक हो गई है, जिससे यह विश्व स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ते सौर बाजारों में से एक बन गया है।
- प्रमुख पहलों में पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) शामिल है, जो सौर पंपों को बढ़ावा देती है जिससे किसान ऊर्जा उत्पादक बन सकें और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, जो राष्ट्रव्यापी प्रोज्यूमर इकोसिस्टम बनाने के लिए 1 करोड़ घरों हेतु रूफटॉप सोलर का समर्थन करती है।
भारत की स्वच्छ ऊर्जा प्रगति:
• भारत का लक्ष्य COP-26 प्रतिबद्धताओं के अनुरूप 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता प्राप्त करना है।
• देश ने अपने एनडीसी (NDC) लक्ष्य से पांच वर्ष पहले ही जून 2025 में गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50% स्थापित क्षमता हासिल कर ली।
• नवंबर 2025 में कुल स्थापित क्षमता 509.64 GW में से गैर-जीवाश्म क्षमता 262.74 GW (51.5%) तक पहुँच गई।
• 2025 में नवीकरणीय ऊर्जा में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हुई और इसमें नवंबर तक 44.51 GW क्षमता जोड़ी गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है।
• नवीकरणीय ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता नवंबर 2025 में 253.96 GW तक पहुँच गई।
• मुख्य चालक के रूप में सौर ऊर्जा:
- सौर ऊर्जा क्षमता जनवरी 2025 में 100 GW को पार कर गई और नवंबर 2025 तक 132.85 GW तक पहुँच गई।
- पवन ऊर्जा क्षमता का भी विस्तार हुआ, जो नवंबर 2025 तक 53.99 GW हो गई।
• वैश्विक स्थिति: IRENA RE सांख्यिकी 2025 के अनुसार, भारत
- सौर क्षमता में विश्व स्तर पर तीसरा स्थान।
- पवन क्षमता में चौथा स्थान।
- कुल नवीकरणीय क्षमता में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है
ISA द्वारा किए गए नवाचार:
• वन सोलर ऐप (BSES राजधानी पावर लिमिटेड): रूफटॉप सोलर पंजीकरण, नेट-मीटरिंग पारदर्शिता और प्रदर्शन ट्रैकिंग के लिए एक एकीकृत मंच।
• डिस्कॉम (DISCOMs) के लिए डिजिटल ट्विन समाधान: बिजली नेटवर्क की वर्चुअल प्रतिकृति जो सिमुलेशन, पूर्वानुमानित रखरखाव और नवीकरणीय एकीकरण योजना को सक्षम बनाती है।
• GIS -आधारित वितरण आधुनिकीकरण: परिसंपत्ति अनुकूलन, आउटेज प्रबंधन और बुनियादी ढांचा योजना के लिए भू-स्थानिक मानचित्रण पहल (जैसे आंध्र प्रदेश में)।
वैश्विक मिशन का महत्व:
• यह मिशन एआई को विकेंद्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा विस्तार के केंद्र में रखता है।
• यह पहल विकासशील देशों को पुरानी ऊर्जा प्रणालियों से सीधे डिजिटल प्रणालियों की ओर बढ़ने में सहायता करती है।
• यह मिशन जलवायु लक्ष्यों को आर्थिक विकास के उद्देश्यों के साथ जोड़ता है।
• यह ढांचा सुनिश्चित करता है कि एआई-सक्षम स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियाँ समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनी रहें।
• यह पहल डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा रूपांतरण में भारत के नेतृत्व को सशक्त बनाती है।
